Haryana के इन किसानों की होगी बल्ले बल्ले, नई रेल लाइन बिछाने के लिए मिलेगा प्रति एकड़ 2 करोड़ रुपये मुआवजा
Haryana News : हाल ही में हरियाणा सरकार ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है। अब हरियाणा के किसानों को काफी ज्यादा लाभ होने वाला है। बता दे कि यहां पर एक नई रेलवे लाइन (New railway line) बिछाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सरकार किसानों को 2 करोड़ रुपए तक का मुआवजा देगी। चलिए जानते हैं इस बारे में।
HR Breaking News (Haryana New Rail line) हरियाणा के प्रगति कार्य को रफ्तार देने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब सरकार यहां पर एक नई रेलवे लाइन (new railway line) बिछाने जा रही है। इसकी वजह से राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार आएगा और रोजगार के भी नए-नए मौके मिलेंगे। बता दें कि प्रोजेक्ट को तैयार करने में सरकार पर करोड़ों रुपये का भार आने वाला है। आईए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
अधिग्रहित जमीन के मामले आए सामने
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोहतक-महम-हांसी रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहित जमीन के मामले में किसानों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसानों को उनकी जमीन (Land acquisition) का मुआवजा 78.40 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मिलेगा। इसके साथ ही अन्य वैधानिक लाभ और ब्याज भी दिये जाने वाले हैं। इसकी वजह से किसानों को लगभग 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक का मुआवजा दिया जाने वाला है।
हाईकोर्ट ने किया सपष्ट
हाईकोर्ट ने सपष्ट कर दिया है कि सरकार और निचली अदालतें वास्तविक बिक्री उदाहरणों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। किसानों को उनके हक का उचित मुआवजा दिया जाने वाला है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) के अधिवक्ता ने बताया कि रोहतक-महम-हांसी नई रेलवे लाइन परियोजना के लिए वर्ष 2013-14 में गांव भाली आनंदपुर की 140 कनाल 19 मरला जमीन का अधिग्रहण कर दिया था।
सरकार देगी इतना मुआवजा
भूमि अधिग्रहण अधिकारी ने 1 जून 2016 को अवॉर्ड जारी करते हुए मुआवजा दर मात्र 20 लाख रुपये प्रति एकड़ तक का तय किया था। इससे असंतुष्ट किसानों ने धारा 64, भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 के तहत रेफरेंस कोर्ट में अपील दायर कर दी थी। हालांकि अक्टूबर 2021 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रोहतक ने किसानों की याचिकाएं खारिज कर दिया है। इसके खिलाफ किसानों ने हाईकोर्ट में 9 रेगुलर प्रथम अपील (RFA) दर्ज करा दी है।
इस धारा के मिलेगा मुआवजा
इसके तहत वैधानिक लाभ में धारा 30 (1) के तहत, मुआवजा राशि (compensation amount For land) रुपये 78.40 लाख रुपये प्रति एकड़ के ऊपर 100 फीसदी सांत्वना राशि 78.40 लाख प्रति एकड़ भी आता है। इसके साथ ही धारा 80 के तहत उपरोक्त राशि पर 9 फीसदी प्रति वर्ष ब्याज भी मिलने वाले हैं। इस तरह से प्रति एकड़ (1 acre land price) कुल देय राशि 78.40 लाख और सांत्वना राशि 78.40 लाख रुपये यानी 1,56,80000 रुपये व इस पर 9 फीसदी ब्याज बनाकर प्रति एकड़ देय धन लगभग 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ बनता है।
मुआवजे के मामले में करीब की जमीन का दिया हवाला
किसानों की ओर से अधिवक्ता डीके टूटेजा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अधिग्रहित भूमि के आसपास की जमीन की बिक्री 20 अप्रैल 2012 को हुई थी। उसे सौदे में 6 कैनल 16 मरला जमीन 83.30 लख रुपए में बिकी थी, जिसका मूल्य करीब 98 लख रुपए प्रति एकड़ बनता है। ऐसे में मुआवजे (land compensation) की दर इसी के आधार पर तय होनी चाहिए थी। इस मामले पर राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पक्ष रखा की मुआवजा के समय जमीन की दर 20 लख रुपए प्रति एकड़ की थी।
किस दर पर किसानों को मिलेगा मुआवजा
न्यायमूर्ति हरकेश मनुजा ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला दिया है कि बिक्री 20 अप्रैल 2012 की थी, जबकि भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) अधिसूचना 22 दिसंबर 2013 को जारी हुई। यानी लगभग 20 महीने का अंतर था। ऐसे में इस अवधि के लिए 12 प्रतिशत सालाना बढ़ौतरी जोड़कर दर 1.17 करोड़ रुपये प्रति एकड़ बनती है, लेकिन क्योंकि अधिग्रहित जमीन रोहतक-भिवानी रोड से 5-10 एकड़ दूर थी, इसलिए एक-तिहाई कटौती लगाई गई। इस तरह अंतिम दर 78.40 लाख रुपये प्रति एकड़ तय की गई।
कोर्ट (Court decision) ने यह भी साफ किया है कि इस मामले में कोई डेवलपमेंट कट लागू नहीं होगा, क्योंकि जमीन रेलवे लाइन परियोजना (Ground Railway Line Project) के लिए ली गई है और सरकार को इसके विकास पर अलग से खर्च नहीं करना होगा। इस आदेश से जुड़े सभी आठ अपीलों को आंशिक रूप से मंजूर करते हुए किसानों को बढ़ी हुई दर पर मुआवजा देने का निर्देश दिया।