UP New City : यूपी में 210 वर्ग किमी में बसेगा नया शहर, जमीन खरीदने और निर्माण पर रोक
UP New City : उत्तर प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा आबादी है। इस आबादी को सुनवायोजित ढंग से बसाने के लिए सरकार लगातार नए-नए कदम उठा रही है। अब उत्तर प्रदेश में 210 वर्ग किलोमीटर में एक नया शहर बसाया जाएगा। इस शहर में जमीन खरीदने और निर्माण पर रोक लगा दी गई है। उत्तर प्रदेश के विकास में यह नया शहर एक मील का पत्थर साबित होगा। शहर पूरी तरह से हाईटेक बनाया जाएगा।
HR Breaking News (New City in UP) उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार नए-नए कदम उठाकर लोगों के जीवन स्तर को आसान बना रही है। इसी कड़ी में योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश में नया शहर बसाने का फैसला लिया गया है।
यह शहर 210 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। इसमें तमाम सुविधाएं सरकार उपलब्ध कराएगी। सरकार की ओर से इस पर कार्य करना शुरू कर दिया गया है।
सरकार ने बढ़ाया एक और कदम
जो शहर निर्मित किया जाएगा उसका नाम न्यू नोएडा (new noida) रखा जाएगा। इसको बसाने की दिशा में प्राधिकरण की ओर से एक ओर कदम उठाया गया है, इसमें नियोजन अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।
इसमें शहर के लिए अधिसूचित भूमि पर बोर्ड लगाए जाएंगे। भूमि का अधिग्रहण जल्द शुरू किया जाएगा। फिलहाल मुआवजा दर पर बातचीत हो रही है। प्रथम चरण में 15 गांव की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
अधिसूचित जमीन पर नहीं हो सकेगा कोई निर्माण
प्राधिकरण की ओर से अधिसूचित जमीन पर बोर्ड लगाए जाएंगे, जिस पर लिखा होगा कि जमीन न्यू नोएडा (UP New City) के लिए अधिसूचित की गई है। इस पर किसी भी प्रकार का निर्माण करना अवैध होगा। जमीन की खरीद फरोक्त भी नहीं की जा सकेगी।
200 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा में बसाया जाएगा शहर
उत्तर प्रदेश में यह शहर 209.11 वर्ग किलोमीटर में बसाया जाएगा। इसके लिए अक्टूबर 2024 में सरकार की ओर से अधिसूचना (Notification for new City) जारी कर दी गई थी। नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सतीश पाल के अनुसार नोडल अधिकारी की नियुक्ति के साथ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी।
जमीन अधिग्रहण से पहले मुआवजा दर तय की जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिग्रहण और बुलंदशहर के डीएम के बीच इस बारे में बातचीत की जा रही है।
अवैध निर्माण को रोकने के लिए होगा ड्रोन सर्वे
यहां पर अवैध निर्माण (illigal construction) को रोकने के लिए ड्रोन से सर्वे करवाया जाएगा। अधिसूचना की तारीख का सेटेलाइट मैप भी लिया जाएगा। मैप लेने के बाद जितने भी निर्माण होंगे वह वैध माने जाएंगे।
80 गांव की जमीन पर यह शहर बसाया जाएगा। मास्टर प्लान (master plan for New City) के चार फेज होंगे, जिसमें पहला चरण 2023-27 तक रहेगा, जबकि दूसरा चरण 2027 से 2032 तक रहेगा।
पहले चरण में 3165 हेक्टेयर जमीन विकसित की जाएगी और दूसरे चरण में 3798 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा। इसी प्रकार 2032 से 37 तक 5908 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी, आखिर में 2037 से 41 तक 8230 हेक्टेयर जमीन पर विकास कार्य किया जाएगा। इसके लिए मुआवजा के रेट तय किए जाएंगे।
आपसी सहमति से होगा मुआवजा तय
नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण आपसी सहमति के आधार पर की जाएगी। मुआवजा रेट (New City planing in UP) को लेकर विस्तार से इस पर चर्चा होगी। अभी कोई निर्णायक फैसला नहीं किया गया है।
15 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। हर एक गांव से करीब 200 किसान परिवार हैं, यानी 80 गांव की कुल 16000 किसान परिवार इसमें शामिल होंगे। इसकी बैठक की जाएगी। पहले फेज में 3165 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
यह गांव रहेंगे शामिल
न्यू नोएडा में कई गांवों की जमीन शामिल की जाएंगी। इसमें बेरंगपुर उर्फ नई बस्ती, फजलपुर, चंद्रावल, नगला चमरू, नगला चीती, छयासा, दयानगर, देवटा, चीरसी, फूलपुर, रघुनाथपुर पार्ट, चीती, खण्डेरा गिरजापुर, कोट, मिल्क खण्डेरा, नगला नैनसुख, आनंदपुर, बील अकबरपुर, राजपुर कलां और शाहपुर खुर्द गांव शामिल हैं।