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UP new Railway Line : गोरखपुर से गोंडा तक बिछाई जाएगी चौथी रेल लाइन, फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी

New Railway Line : यूपी में लगातार नई नई रेलवे लाइन को बिछाया जा रहा है। अब यहां पर एक और रेल लाइन बिछाई जाले वाली है। बता दें कि ये रेलवे लाइन (Railway line) गोरखपुर से गोंडा तक बिछाई जाने वाली है। इसको लेकर फाइनल लोकेशन को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है। 

 

HR Breaking News (Railway line in UP) जहां एक ओर पिछले काफी समय से उत्तर प्रदेश में नई नई रेलवे लाइन को बिछाया जा रहा है। वहीं अब एक बार फिर से यहां पर एक और नई रेलवे लाइन (New railway line project) को बिछाने की तैयारी हो रही है। बता दें कि गोरखपुर से गोंडा तक अब चौथी रेल को बिछाया जाने वाला है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।

 


चौथी रेल लाइन का होगा विस्तार 

 

गोरखपुर से मनकापुर होकर गोंडा तक चौथी लाइन के लिए रेलवे बोर्ड ने एफएसएल (फाइनल लोकेशन सर्वे) को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इसके लिए बोर्ड ने 1.77 करोड़ रुपये के बजट को तैयार कर दिया गया है। गोंडा से मनकापुर (Gonda to Mankapur Railway line) तक 56 किमी तीसरी लाइन के साथ ही चौथी लाइन बिछाने के लिए सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके बाद बाकी रूट पर जल्द ही फाइनल लोकेशन सर्वे किया जाने वाला है।

तीसरी रेल लाइन का होगा विस्तार 

पूर्वोत्तर रेलवे में छपरा-गोरखपुर-बाराबंकी तक तीसरी लाइन के निर्माण के साथ ही चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए प्रक्रिया की शुरुआत प्रदान कर दी गई है। सबसे पहले जुलाई 2025 में इस मेन रेल लाइन (Rail line in UP) पर बुढ़वल-गोंडा कचहरी (55.75 किमी.) के बीच चौथी लाइन बिछाने के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद अब पूरे लाइन पर खंडवार मंजूरी प्रदान कर दी गई है।


इतनी लंबी लाइन का होगा विस्तार  

गोरखपुर से गोंडा के बीच पहले फेज में गोंडा जंक्शन मनकापुर के बीच 56 किमी लंबाई में सर्वे कार्य शुरू किया जा रहा है।  इसके बाद मनकापुर-डोमिनगढ़ (121) किमी और फिर डोमिनगढ़ से गोरखपुर (Gonda to Mankapur Distance) (05) किमी लंबाई में चौथी लाइन के लिए सर्वे कार्य की शुरुआत कर दी गई है। फाइनल लाकेशन सर्वे के बाद रेल प्रशासन इस साल के अंत तक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट ( डीपीआर) तैयार करके रेलवे बोर्ड को भेजने वाली है। 

लाइन की क्षमता में होगी बढ़ौतरी 

चौथी लाइन का निर्माण होने की वजह से 78 फीसदी लाइन क्षमता में बढ़ौतरी आने वाली है। ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें (Train route) चलाई जाने की तैयारी हो रही है। माल ढुलाई में सहूलियत भी इसकी वजह से होने वाली है।