8th Pay Commission को लेकर आया अपडेट, बजट में होगा बड़ा ऐलान
8th Pay Commission Update : केंद्र सरकार द्वारा हर 10 साल में नए वेतन आयोग को लागू किया जाता है। ऐसे में सरकार अब जल्द ही 8वें वेतन आयोग (Pay Commission) को लागू करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि हाल ही में इसको लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि सरकार 8वें वेतन आयोग से जुड़ा ऐलान बजट में कर सकती है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News-(New Pay Commission) केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग से जुड़ी सैलरी बढ़ोतरी का अब काफी लंबे समय से इंतजार है। कर्मचारियों का ये इंतजार लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। जनवरी 2026 के बीत जाने के बावजूद वेतन संशोधन (Pay Commission Update) की कोई घोषणा नहीं की गई है। इससे ये साफ हो गया है कि 8वें वेतन आयोग का लागू होना तय समय पर संभव नहीं माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस देरी का प्रभाव सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में सरकार की वित्तीय सेहत पर भी गहरा पड़ सकता है।
इस वजह से टल रहा है 8वां वेतन आयोग-
आमतौर पर हर 10 साल में नये वेतन आयोग को लागू किया जाता है। 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) 1 जनवरी 2016 से प्रभावी माना गया था। इस वजह से उम्मीद लगाई जा रही है कि 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू होने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट आने में अभी 15 से 18 महीने का समय लग सकता है। ऐसे में निकट भविष्य में सैलरी रिवीजन (salary revision) की संभावना काफी कम है।
एरियर का पड़ेगा सरकार पर दबाव-
ICRA के मुताबिक जब भी 8वां वेतन आयोग लागू कर दिया जाता है तब सरकार इसे 1 जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव यानी पिछली तारीख से लागू कर सकती है। इसका ये मतलब होगा कि कर्मचारियों को एक साथ 15 महीने या उससे ज्यादा का एरियर (Arrer Hike) देना पड़ सकता है। इसकी वजह से एक ही साल में सरकारी खर्च अचानक से बढ़ सकता है। उम्मीद लगाई जा रही है कि FY2028 में सैलरी खर्च 40 से 50 प्रतिशत तक उछाल मार सकता है।
सरकार की बढ़ी चिंता-
पिछले वेतन आयोगों को देखें तो इस दौरान सरकार की चिंता बढ़ाती नजर आ रही है। 7वें वेतन आयोग के दौरान सिर्फ 6 महीने का एरियर दिया गया था। इसके बाद भी एक साल में वेतन खर्च 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया था। 6वें वेतन आयोग (6th Pay Commission) में देरी की वजह से ढाई साल से ज्यादा का एरियर भरना पड़ा है। इसकी वजह सेकई साल तक बजट पर दबाव बना रहा है। इस वजह से 8वें वेतन आयोग को अब एक बड़े वित्तीय जोखिम के रूप में देखा जा रहा है।
ICRA ने जताई संभावना-
ICRA ने अनुमान लगाया है कि सरकार इस बड़े खर्च के प्रभाव को संतुलित करने के लिए FY2027 में पूंजीगत खर्च पहले ही बढ़ा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार कैपेक्स करीब 14 प्रतिशत (Basic salary Hike) बढ़कर 13.1 लाख करोड़ रुपये तक जा सकता है। इसकी वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास योजनाओं को गति मिलने वाली है। इसके बाद आने वाले वेतन-पेंशन बोझ के लिए कुछ वित्तीय गुंजाइश बनी रहने वाली है।
कर्मचारियों के लिए हैं ये मायने-
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ये देरी एक निराशाजनक कदम बनकर सामने आ सकती है। हालांकि अभी तक उम्मीद पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। सैलरी बढ़ोतरी टली है, रद्द नहीं की गई है। जब आयोग लागू किया जाता है तब बड़ा एरियर (Arrer Hike) मिलने की उम्मीद लगाई जाती है। हालांकि, लंबे इंतजार से अनिश्चितता बढ़ी रही है और सरकार के लिए भी बजट प्लानिंग और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनकर सामने आ रहा है। सपष्ट कर दिया गया है कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अब सिर्फ वेतन बढ़ोतरी नहीं, बल्कि आने वाले कई बजटों की दिशा तय करने वाला अहम मुद्दा बनकर सामने आ रहा है।