UP का नया एक्सप्रेसवे एमपी और राजस्थान में बढ़ाएगा कनेक्टिविटी, यह होगा रूट

new expressway : यूपी को हर राज्य के साथ कनेक्ट करने के लिए सरकार कई तरह के बड़े कदम उठा रही है। अब यूपी को एमपी और राजस्थान के साथ कनेक्ट करने के लिए एक और नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसकी वजह से कनेक्टिविटी में भी सुधार आएगा। आइए जानते हैं इसके रूट।

 

HR Breaking News (UP new expressway)। यूपी में प्रगति कार्य लगतार रफ्तार पकड़ रहा है। यहां पर लगातार नए नए एक्सप्रेसवे को बनाया जा रहा है। अब यहां पर एक और नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जोकि सीधे एमपी और राजस्थान की कनेक्टिविटी को बढाने वाली है। इसका रूट भी फाइनल कर लिया गया है।

भूमि अधिग्रहण की होगी प्रक्रिया शुरू-

भूमि अधिग्रहण का कार्य अधिकांश स्थानों पर पूरा किया जा चुका है। इससे परियोजना की गति बनी रहने वाली है और समय पर निर्माण पूरा होने की संभावना में बढ़ौतरी देखी जाएगी। अधिग्रहित भूमि पर भविष्य में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

औद्योगिक जोन का होगा विकास-

एक्सप्रेसवे (UP expressway) के पास चार औद्योगिक जोन विकसित किये जाने वाला है। इन जोनों को एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से जोड़ा जाने वाला है। इसकी वजह से वाहनों का आवागमन काफी हद तक आसान और सुचारू रहे। यह कदम क्षेत्र में औद्योगिकीकरण और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने वाला है।

चंबल नदी पर होगा पुल का निर्माण-

चंबल नदी (Chambal River) पर 1600 मीटर लंबा हैंगिंग पुल का निर्माण किया जाएगा। इस पुल के निर्माण के लिए सर्वे कार्य चल रहा है। यह पुल एक्सप्रेसवे की महत्वपूर्ण संरचना होने वाली है और यातायात के लिए नया मार्ग सुनिश्चित करेगा।

मार्ग और कनेक्टिविटी को मिलेगी मदद-

एक्सप्रेसवे रोहता (Expressway Rohta), धौलपुर और मुरैना होते हुए सुसेरा ग्वालियर तक जाने वाला है। यह मार्ग तीन राज्यों को जोड़कर व्यापार और परिवहन के क्षेत्र में सुविधा मिलने वाली है।

क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रभाव-

एक्सप्रेसवे और औद्योगिक जोनों के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में तेजी से विकास होने वाला है। नई सड़क और पुल से कनेक्टिविटी बेहतर होने वाली है। रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। इसकी वजह से स्थानीय और राज्य स्तर पर समग्र विकास को बल मिलेगा।

एक्सप्रेसवे के निर्माण पर आएगा इतना खर्च-

इस एक्सप्रेसवे (UP Expressway) के निर्माण पर कुल 4613 करोड़ रुपये तक का खर्च आने वाला है। परियोजना को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा जा रहा है। जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स इसके निर्माण का कार्य संभालेगी, हालांकि एनएचएआइ ग्वालियर खंड की निगरानी करने वाला है।