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EPFO को लेकर बड़ा बदलाव, 15 से बढ़ाकर 25 हजार की सैलरी लीमिट, 51 लाख कर्मचारियों को होगा लाभ

EPFO को लेकर सरकार की तरफ से बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार की तरफ से पीएफ को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले से देश के 51 लाख कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। पीएफ को लेकर नए फैसले में तय किया गया है कि अब बेसिक सैलरी 25000 से कम होगी तो कंपनी को पीएफ जमा करना पड़ेगा। 25000 सैलरी पर भी पीएफ जमा करना पड़ेगा। पहले यह लिमिट ₹15000 की थी। अब इसमें बढ़ोतरी की गई है। चलिए जानते हैं इससे कर्मचारी को कैसे फायदा होगा और पूरा बदलाव क्या किया गया है।
 

HR Breaking News (EPFO Latest Update) दरअसल पहले प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को 15000 रुपए तक सैलरी होने पर कंपनी की तरफ से पीएफ जमा कराया जाता था। इस समय 7.89 करोड़ के करीब लोग पीएफ (PF Account) के दायरे में आते हैं। अब उम्मीद है कि 51 और कर्मचारियों को पीएफ में बचत और पेंशन का फायदा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से इसके बारे में जानकारी दी गई है। बता दें कि पीएफ के अंदर महंगाई भत्ता और सीटीसी या फिर ग्रॉस सैलेरी लागू नहीं होती है। बेसिक सैलरी डीए पर लागू होता है। 

 

 

12 साल बाद किया गया बड़ा बदलाव (New Rules of EPFO)


सैलरी पर पीएफ की लिमिट (PF Limit) का बदलाव 12 साल बाद किया गया है। 2014 में इसे 6500 से बढ़कर 15000 किया गया था। इससे पहले 2001 में इसे 6500 किया गया था। अब तक का इतिहास देखें तो 1952 में यह 300 रुपये तय किया गया था, जिसके बाद 1985 में इसको बढ़कर 2500 रुपये कर दिया गया। वहीं 1990 में इसको 3500 किया गया। उसके बाद 2001 में से 6500 कर दिया गया था। 


जानिए क्या है पूरा नियम (example of new epfo rules)


नए नियम को आप एक एग्जांपल के हिसाब से भी समझ सकते हैं। मान लो आपकी सैलरी 40000 है। इसमें बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता दोनों मिलाकर दिए गए हैं और नए नियम में सरकार ने 25000 रुपये वाले नियम के दायरे से बाहर हो गए हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि कंपनी के लिए आपका पीएफ काटना कानूनी जरूरी नहीं है। ऐसे में आपकी कंपनी के पास दो रास्ते हो सकते हैं या तो पूरी 30000 की सैलरी पर पीएफ काटे, जिससे आपकी जेब से 3600 रुपये कटेंगे और कंपनी की तरफ से भी 3600 रुपये प्रति महीने काटेंगे। 

दूसरा कंपनी के पास ऑप्शन (PF Calculation) होगा कि वह है 25000 सैलरी पर ही 12% पीएफ काट सकती है जो की 3000 रुपये प्रति महीना बनेगा। ऐसे में आपका कुल पीएफ 6000 रुपये ही कटेगा। बाकी की बची हुई 5000 बेसिक सैलरी पर कोई पीएफ नहीं कटेगा।

वहीं अगर आपकी सैलरी 25000 रुपये ही है तो बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता  (Basic Salary and DA) अलग-अलग है तो कंपनी के पैसे में पूरी 25000 सैलरी पर पीएफ काटना होगा। पहले यह 15000 रुपये का नियम था। 


बढ़ती सैलरी के हिसाब से सरकार ने लिया यह फैसला 


दरअसल 12 साल पहले सैलरी स्ट्रक्चर और आज की सैलरी स्ट्रक्चर (Salary Structure) में बहुत बड़ा अंतर है। आज न्यूनतम सैलरी ही कई राज्यों में 15000 के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में अब सरकार ने इसको बढ़ाना जरूरी समझा और इस फैसले को कर्मचारियों के हित में लिया।


सरकार पर भी पड़ेगा वित्तीय फर्क 


इस फैसले के बाद सरकार का भी सालाना खर्च बढ़ जाएगा। पहले यह 1050 करोड़ था जो बढ़कर 1139 करोड़ हो जाएगा। अगले 5 साल में इस पर कुल खर्च करीब 56696 करोड़ रुपए हो सकता है। जो फाइनेंस कमेटी 16 जून 2026 की बैठक में इसकी सिफारिश की थी।