Gold silver rate : क्यों बढ़ रही है सोने चांदी की कीमत, केंद्र सरकार ने दी पूरी जानकारी

Gold Rate Today : सोने की कीमतों में आए दिन उतार चढाव दर्ज किया जा रहा है। बता दें कि अब सोने और चांदी की कीमतों (Gold Price) में बंपर तेजी दर्ज की जा रही है। इसको लेकर केंद्र सरकार ने पूरी जानकारी दे दी है। आइए जानते हैं सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आने की क्या वजह है।

 

HR Breaking News (Gold Price) सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों से लेकर निवेशकों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती (Gold Price Hike reason) और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारणों से घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतें प्रभावित हो रही हे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक महंगाई और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की बढ़ती मांग भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है, हालांकि चांदी पर औद्योगिक मांग का प्रभाव (Sone ka rate) साफतौर पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि आने वाले समय में इनकी कीमतों का रुख क्या रहेगा और आम उपभोक्ताओं पर इसका कितना प्रभाव पड़ेगा।

 

 


सोने चांदी की कीमतों में तेजी की वजह

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में सोने-चांदी के बढ़ते आयात (Gold-Silver Import) को लेकर बताया है कि ये कोई चिंता की बात नहीं है। वित्त मंत्री ने आश्‍वस्‍त किया कि गोल्‍ड-सिल्‍वर इंपोर्ट 'चिंताजनक स्‍तर' पर नहीं है। उन्होंने सोने की कीमतों में उछाल की वजह बताते हुए कहा है कि वैश्विक स्तर (Sone ki kemat) पर केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही खरीदारी की वजह से इसकी कीमतों में उछाल दर्ज किया जा रहा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी इस मुद्दे पर वित्त मंत्री का समर्थन किया है।
 

सोने के आयात को लेकर अपडेट

RBI गवर्नर ने बताया है कि भारत का बाहरी क्षेत्र (External Sector) मजबूत है और चालू खाता घाटा (CAD) प्रबंधनीय स्तर पर है, इस वजह से सोने के आयात को लेकर फिलहाल कोई गंभीर चिंता नहीं सता रही है। केंद्रीय बैंक RBI की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्‍य मंत्र पंकज चौधरी और RBI (RBI Latest Update) के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने मीडिया से बातचीत की है।


RBI ने दी जानकारी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित किया है। बजट (Gold Price Hike reason) के बाद होने वाली इस पारंपरिक बैठक में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता, सोने के बढ़ते आयात और बैंकिंग क्षेत्र की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।


अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापार पर टीकी नजर

अमेरिका में टैरिफ नीतियों में होने वाले संभावित बदलावों और भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनके प्रभाव के सवाल पर वित्त मंत्री ने सधा हुआ रुख अपनाया। उन्होंने बताया है कि 'भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव के बारे में टिप्पणी (Gold Price) करना अभी जल्दबाजी होगी। वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए बताया है कि व्यापारिक वार्ताओं और भविष्य की रणनीति पर मंत्रालय उचित समय पर निर्णय लेने वाला है।


RBI ने कही ये बात

चंडीगढ़ में IDFC बैंक की एक ब्रांच में हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले पर गवर्नर मल्होत्रा ने स्थिति को सपष्ट कर दिया है। उन्होंने बताया है कि इस घटनाक्रम (Gold Price Latest Update) पर नजर रख रखी जा रही है, हालांकि ये कोई प्रणालीगत (Systemic) मुद्दा नहीं है। बैंक ने पहले ही स्पष्ट किया था कि ये धोखाधड़ी कुछ कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों द्वारा एक विशिष्ट समूह के खातों (Sone ka rate) तक सीमित थी और अन्य ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। हालांकि ये खबर सामने आने के बाद IDFC बैंक के शेयरों में 16 प्रतिशत से ज्‍यादा की गिरावट दर्ज की जा रही है। 


बैंक इन चीजों पर दे रहा है ध्यान

ब्याज दरों और लिक्विडिटी पर गवर्नर मल्होत्रा ने इशारा किया है कि ब्याज दरों पर फैसला विकास और महंगाई की उभरती गतिशीलता पर निर्भर करने वाला है। उन्होंने बाजारों को पर्याप्त तरलता (Liquidity) सुनिश्चित करने का भरोसा दिला दिया है। वित्त मंत्री ने बैंकों द्वारा बीमा उत्पादों की 'मिस-सेलिंग' (गलत तरीके से बेचना) पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बैंकों को सलाह दी कि वे अपने मुख्य व्यवसाय (Core Business) की ओर ध्यान केंद्रित करें।


भारत की विकास यात्रा को मिलेगा बूम

सीतारमण ने भारतीय कॉरपोरेट जगत (India Inc) से निवेश बढ़ाने की अपील करते हुए बताया है कि भारत की विकास यात्रा में सभी को भागीदार बनना चाहिए। ये बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक बाजार अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं, हालांकि सरकार और RBI दोनों ने भारतीय वित्तीय प्रणाली की मजबूती पर पूर्ण विश्वास जताया है।