Home Loan EMI Calculator : 20 साल के लिए 40 लाख का लोन लेने पर कितना चुकाना होगा ब्याज, लोन लेने से पहले जान लें ये जरूरी बात

Home Loan EMI and Interest Calculation : आज  के समय में बढ़ रही महंगाई की वजह से लोगों को होम लोन लेने की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में होम लोन (Home Loan EMI) लेने से पहले आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान देना चाहिए ताकि आपको परेशानी का सामना न करना पड़े। अगर आप 20 साल के लिए 40 लाख रुपये का लोन लेते हैं तो इस पर आपको कितना ब्याज चुकाना होगा, इस बात की जानकारी हम आपको इस खबर में देने वाले हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में पूरी डिटेल।

 

HR Breaking News - (How to calculate Home Loan EMI and Innterest)। आमतौर पर देखा जाता है कि बढ़ रहे प्रॉपर्टी के रेटों की वजह लोगों को लोन लेने की जरूरत पड़ जाती है। होम लोन (Loan repayment rules) को लेने से पहले आपको इसकी कैलकुलेशन को करना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है ताकि आने वाले दिनों में उनको परेशानी का सामना न करना पड़े और वो काफी आसानी से ही होम लोन की किस्तों का भुगतान कर सके। खबर मे जानिये होम लोन से जुड़ी पूरी जानकारी के बारे में पूरी डिटेल।


40 लाख रुपए के लोन पर देना होगा इतना ब्याज-


आमतौर पर देखा जाता है कि लोग लोन (RBI Update on home loan) को लेने के बाद कभी इसकी कैलकुलेशन नहीं करते हैं। इसके बाद उन्हें लोन पर ज्यादा ब्याज दर (Home loan intrest rate) का भुगतान करना होता है। लेकिन अगर आपने इसे कैलकुलेट कर लिया तो आपका सिर चकरा जाएगा। यहां जानिए कि अगर SBI से 40 लाख रुपए का लोन (home loan) 20 साल, 25 साल और 30 साल के लिए लेने पर बैंक कितना ब्‍याज की वसूली करता है।


20 साल की अवधि के लिए करना होगा इतने ब्याज-


SBI Home Loan Calculator के मुताबिक अगर आप 40 लाख रुपए का लोन (home loan ke faide) 20 सालों की अवधि के लिए लेते हैं तो आपको इसपर 9.55 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दर (home loan byaz dar) का भुगतान करना होता है। इस हिसाब मासिक ईएमआई 37,416 रुपए तक रहती है। इसके बाद आपको लगातार 20 सालों तक होम लोन (SBI home loan) की किस्तों का भुगतान करना होता है। 


इतने ब्याज दर का करना होगा भुगतान-


अगर ब्‍याज दर बढ़ जाती है तो इसकी वजह से आपकी ईएमआई (loan EMI tenure) या आपका लोन टेन्‍योर बढ़ाया जा सकता है। 9.55 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दर के हिसाब से ही इसकी गणना (loan EMI calculation) की जाती है। लोन की रकम पर 49,79,827 रुपए यानी करीब 50 लाख रुपए (loan EMI calculation for 50 lakh rs. loan) आपको ब्‍याज के तौर पर चुकानी होती है। प्रिंसिपल अमाउंट मिलाकर कुल 89,79,827 रुपए का भुगतान करना होता है। 


25 साल की अवधि पर देना होगा इतना ब्याज-


अगर आप 40,00,000 रुपए का लोन (home loan par byaz dar) 25 सालों के लिए लेते हैं तो EMI कि किस्त छोटी हो जाती है। लेकिन ब्‍याज बढ़ जाता है। ऐसे में आपको 9.55 प्रतिशत  के हिसाब से ब्याज दर का भुगतान करना होता है। 35,087 रुपए मासिक ईएमआई (home loan ki EMI) का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा 65,26,098 रुपए ब्‍याज के तौर पर देने होते हैं। प्रिंसिपल अमाउंट को मिलाकर 40 लाख के लोन के बदले 1,05,26,098 रुपए चुकाने होते हैं। 


30 साल की अवधि वाले लोन पर ब्याज दर-


अगर आप 40,00,000 के लोन को 30 सालों (home loan 30 years tenure) के लिए लेते हैं तो EMI को घटाकर 33,780 रुपए हो जाती है। लेकिन 9.55 फीसदी के हिसाब से आपको ब्‍याज देना होता है। 30 सालों में आपको 81,60,867 रुपए ब्‍याज के तौर पर देने होते हैं। इसमें प्रिंसिपल अमाउंट (principal amount of home loan) को भी मिला दिया जाता है तो 40,00,000 रुपए के लोन के बदले में 30 सालों में बैंक आपसे कुल 1,21,60,867 रुपए वसूल कर लिये जाते हैं। आपके लोन की रकम का तीन गुना राशि को देना होता है।  


ब्‍याज के बोझ को करें कम-


अगर आप ब्‍याज (intrest on principal amount) का बोझ कम करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहली कोशिश ये करनी चाहिए कि आप बैंक से लोन कम से कम लेने का प्रयास करें। लोन का अमाउंट उतना ही रखें जिसे आप छोटी अवधि में भुगतान कर सके। छोटी अवधि में छोटी रखने से ईएमआई (short EMI of home loan) बड़ी हो सकती है, लेकिन बैंक को बहुत ब्‍याज नहीं देना होगा। इसके अलावा लोन को जल्‍दी खत्‍म करने की भी कोशिश की गई है। इसका तरीका है प्रीपेमेंट का है।  


लोन का जल्दी भुगतान करने के लिए करें ये काम-


लोन का जल्‍दी भुगतान (loan repayment) करने में मदद दी जाती है। इसके साथ ही में आप ब्‍याज में दी जाने जाने वाली लाखों की रकम को भी बचा सकते हैं। प्री-पेमेंट (loan pre payment rules) की रकम आपके मूलधन में से घटा दी जाती है। इसकी वजह से आपका मूलधन कम होता है और इसका असर आपकी ईएमआई (Loan EMI) पर भी पड़ता है। इसका सबसे सही तरीका ये होता है कि जब भी आपके पास कहीं से इकट्ठे पैसे आएं तो आप उसे होम लोन के खाते में जमा करा दिये जाते हैं।