Savings Account में ये ट्रांजैक्शन करने पर आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस, जान लें नियम 

Savings Account Tax Rule : आज के समय में हर एक व्यक्ति का बैंक में खाता है। ज्यादातर लोगों के पास सेविंग अकाउंट है, क्योंकि सेविंग अकाउंट में लोग बचत का पैसा रखते है। सेविक अकाउंट में लगभग पेमेंट क्रेडिट होती है न की डेबिट। लेकिन कुछ खास तरह के ट्रांजैक्शन ऐसे हैं जिनकी वजह से बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। अकाउंट में इन ट्रांजैक्शन के होने से इनकम टैक्स विभाग का नोटिस भी आ सकता है। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं - 

 

HR Breaking News - (Income Tax Department)। अगर आपके पास सेविंग अकाउंट है तो ये खबर आपके लिए अहम है। दरअसल, बैंक में सेविंग अकाउंट सभी का होता है, क्योंकि सभी सेविंग अकाउंट में अपनी बचत का पैसा रखते हैं। यदि आप भी आए दिन सेविंग अकाउंट में पेमेंट, ट्रांसफर, नकद जमा‑निकासी करते हैं तो क्या आपको पता है कि अकाउंट को लेकर कई तरह के नियम होते हैं जिनपर बैंक के साथ-साथ इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) भी नजर रखता है।

अगर आप सोचते हैं कि सेविंग अकाउंट (savings account) सिर्फ पैसे रखने और खर्च करने का जरिया है, तो जान लें कि आजकल आपकी हर बड़ी ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स विभाग की कड़ी नजर हो सकती है। यदि आप बैंक खाते में इस तरह की ट्रांजैक्शन करते हैं तो मुसीबत में पड़ सकते हैं। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं - 


इन वजह से IT की रडार पर आ सकता है आपका अकाउंट - 


एक्सपर्ट कहते हैं कि कई तरह की ट्रांजैक्शन ऐसे होते हैं जिनको बैंक और इनकम टैक्स विभाग विशेष रूप से ट्रैक करते हैं। यदि इन ट्रांजैक्शनों की वजह से आपकी कमाई से मेल नहीं खाते हैं तो IT विभाग का नोटिस (Income Tax Notice) आ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (Chartered Accountants) अभिषेक सोनी और तरुण कुमार मदान के मुताबिक, कई बार आम दिखने वाले ट्रांजैक्शन भी इनकम टैक्स की रडार में आ जाते हैं। आज हम उन ट्रांजैक्शन की बात करेंगे जिसकी वजह से आपका इनकम टैक्स का नोटिस मिल सकता है। 

एक साथ बैंक में ज्यादा पैसे जमा करना -  


यदि किसी एक फाइनेंशियल ईयर में आपने 10 लाख रुपये या उससे अधिक कैश डिपॉजिट किया है, तो बैंक इसे इनकम टैक्स को रिपोर्ट (Income Tax Report) करता है। ये गैरकानूनी नहीं है, लेकिन आपको इस इनकम का सोर्स बताना होगा। गिफ्ट, प्रॉपर्टी सेल या बिजनेस इनकम से जुड़े सभी तरह के बिल संभाल कर रखें। 


क्रेडिट कार्ड का बड़ा पेमेंट किया?


यदि किसी 1 साल में आपने एक लाख से अधिक नकद या फिर 10 लाख रुपये से ज्यादा का कुल पेमेंट क्रेडिट कार्ड (Credit Card) के लिए किया है, तो यह आयकर विभाग की नजर में होता है। विभाग की ओर से इसकी जांच की जाती है IT विभाग चेक करता है कि आपकी लाइफस्टाइल टैक्स रिटर्न वाली इनकम से मिलती है या फिर नहीं। 


खाते में बड़ी पेमेंट निकालना - 

अगर आपके सेविंग अकाउंट (Savings Account) से बार बार बड़ी रकम निकाली जाती तो भी बैंक अलर्ट जा सकता है। इसको लेकर सवाल उठ सकता है कि यह रकम आपकी इनकम से मेल खा रही है या नहीं। 


30 लाख से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील पर उठ सकता है सवाल - 


अगर आपने कोई भी प्रॉपर्टी (Property News) की खरीद-फरोख्त की है और उसकी वैल्यू 30 लाख रुपये या उससे ज्यादा है चाहे वह किसी भी रेट पर हो, तो रजिस्ट्रार इसे रिपोर्ट करता है। आयकर विभाग यह चेक करता है कि यह पैसा कहां से आया है। 


सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज पर भी होती है नजर -


अगर आपके सेविंग अकाउंट पर 10 हजार से कम ब्याज (Savings Account Interest Rate) मिल रहा है तो वह भी AIS में दिखेगा। यदि उस ब्याज को आपने इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं दिखाया तो आयकर विभाग नोटिस जारी कर सकता है। 


ITR में फर्क होना - 


आपके बैंक द्वारा रिपोर्ट किया गया ब्याज अगर आपकी इनकम टैक्स रिटर्न में मेल नहीं खा रहा है, तो आपको इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है। Form 26AS और AIS (Annual Info Statement) से अपने ब्याज को चेक करें और ITR में ब्याज को सही से दिखाएं , ताकि आपको IT के नोटिस का सामना ना करना पड़े।