Income Tax : ट्रांजेक्शन करते समय की ये गलतियां तो आ जाएगा इनकम टैक्स का नोटिस, जान लें बचने का तरीका
Income Tax : हर किसी की कमाई पर इनकम टैक्स विभाग की पैनी नजर रहती है। आज डिजिटल दौर में जो भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं उसकी आयकर विभाग को अच्छे से जानकारी होती है। कई ऐसी ट्रांजेक्शन होती हैं जिसके बारे में अगर आपको सही जानकारी नहीं है तो मुसीबत में डाल सकती हैं। ट्रांजेक्शन करते समय एक छोटी सी गलती की वजह से इनकम टैक्स विभाग का नोटिस (Income Tax Notice) आ सकता है। यदि आप IT विभाग के नोटिस का सामना नहीं करना चाहते हैं तो ट्रांजेक्शन से जुड़े इन नियमों के बारे में जरूर जान लें।
HR Breaking News - (Income Tax Notice)। आज के डिजिटल दौर में लोग कैश का कम यूज करते हैं और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। आज के समय में सभी छोटी से छोटी और बड़ी पेमेंट भी ऑनलाइन ही करते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि आपकी हर वित्तीय गतिविधि पर सरकार और इनकम टैक्स विभाग की पैनी नजर है। अब वह समय नहीं है कि कैश में बड़ी डील करके टैक्स बचा लिया।
आयकर विभाग (Income Tax Department) ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स के जरिए एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जो आपकी बैंक रिपोर्ट, प्रॉपर्टी डील और शेयर बाजार के निवेश को एक सेकंड में ट्रैक कर लेता है। कई बार ट्रांजेक्शन करते समय की गई छोटी गलतियों की वजह से इनकम टैक्स का नोटिस आ जाता है और आपको भारी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि वह कौन से 10 बड़े ट्रांजेक्शन (large transactions) है जिनका विभाग को तुरंत पता चल जाता है।
इनकम टैक्स इन लेन-देन पर रखता है नजर
अगर आपने सेविंग खाता ओपन करवाया है तो आप एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं यदि आप इससे ज्यादा बड़ी नकदी जमा करवाते हैं तो बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देता है जिसके बाद आपकी ट्रांजेक्शन को अच्छी तरह से चेक किया जाता है कुछभी गड़बड़ लगने पर विभाग तुरंत नोटिस जारी कर देता है। इसका मतलब है सेविंग अकाउंट (Savings Account) में आपको अचानक बड़ी ट्रांजेक्शन करने से बचना है।
FD में की गई बड़ी नकदी जमा डाल सकती है मुसीबत में -
FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट में 10 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी जमा करने पर आप आयकर विभाग की रडार में आ सकते हैं। कई लोग अलग-अलग बैंकों में छोटी-छोटी एफडी (FD) करवाते हैं, लेकिन पैन कार्ड (PAN) लिंक होने की वजह से विभाग के पास आपका पूरा डेटा एक जगह इकट्ठा हो जाता है।
क्रेडिट कार्ड के बिल -
क्रेडिट कार्ड के बिल भुगतान पर भी IT विभाग की नजर रहती है। अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड (Credit card bill) का 1 लाख रुपये से अधिक का बिल 'कैश' में भरते हैं, तो यह इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) इस ट्रांजेक्शन को तुरंत पकड़ लेता है। इसके अलावा, अगर आप साल भर में 10 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान (चाहे चेक या ऑनलाइन माध्यम से हो) क्रेडिट कार्ड बिल के लिए करते हैं, तो विभाग यह जानना चाहेगा कि आपके पास इतना पैसा कहां से आया।
प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री -
प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री की पेमेंट सबसे बड़ी होती है। इसपर आयकर विभाग पैनी नजर रखता है। यह ट्रांजेक्शन विभाग की लिस्ट में हमेशा सबसे उपर रहती है। 30 लाख रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति (Immovable property) का लेनदेन करने पर रजिस्ट्रार इसकी रिपोर्ट IT विभाग को भेजता है। अगर प्रॉपर्टी की वैल्यू आपकी घोषित आय (Declared Income) से नहीं मिलता है, तो नोटिस आना गारंटीड है।
ज्यादा बड़ा निवेश ला सकता है IT नोटिस -
निवेश के क्षेत्र में भी सावधानी जरूरी है। अगर आप Stock Market, म्यूचुअल फंड (Mutual Funds), डिबेंचर या बॉन्ड में एक साल के भीतर 10 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश नकदी के जरिए करते हैं, तो इसकी जानकारी विभाग तक पहुंच जाती है। सरकार ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए इन निवेशों की रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी है।
विदेशी मुद्रा का ज्यादा यूज पड़ सकता है भारी -
इसके अलावा, विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) की खरीद भी विभाग की नजर से नहीं बचती है। यदि आप विदेश यात्रा या किसी अन्य कारण से 10 लाख रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा खरीदते हैं, तो इसकी रिपोर्टिंग की जाती है।
महंगी कारों या लग्जरी वस्तुओं खरीद पर IT विभाग की नजर -
अक्सर लोग अपनी कमाई से ज्यादा महंगी कारों या लग्जरी वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। अगर ऐसी खरीदारी के दौरान बड़ी रकम का लेनदेन होता है, तो वह भी ट्रैकिंग का हिस्सा है। करेंट अकाउंट (Current Account) के मामले में सीमा थोड़ी ज्यादा है; यहां एक साल में 50 लाख रुपये या उससे अधिक की नकदी जमा या निकासी पर विभाग सक्रिय हो जाता है।
इसके अलावा, ज्वैलरी की खरीद पर भी सरकार की सख्त नजर है। खासकर बड़ी रकम के सोने-चांदी (Gold Silver) की नकद खरीदारी अक्सर जांच के दायरे में आती है।
ये है बचने का आसान तरीका -
अगर आपका इनकम टैक्स विभाग के नोटिस का सामना नहीं करना चाहते हैं तो इन समस्याओं से बचने का एक ही तरीका है कि आप अपने सभी बड़े लेनदेन को चेक या डिजिटल माध्यम (Net Banking/UPI) से करें और हमेशा अपना इनकम टैक्स रिटर्न (income tax return) सही समय पर और सही आय के साथ भरें। अगर आपकी खर्च करने की क्षमता और आपकी आय के स्रोतों में बड़ा अंतर दिखता है, तो नोटिस आने की संभावना बढ़ जाती है।