GST के नियमों में बड़े बदलाव, कारोबार आसान बनाने की कवायद
HR Breaking News (GST rules) जीएसटी नियमों में बड़े बदलाव से अब कारोबार करने के तौर-तरीको में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। अब टैक्स प्रोविजन (tax provision) के अनुसार कारोबार को आसान बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिससे कारोबारियों को टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं में संशोधन करना पड़ सकता है। खबर में जानिए GST के नियमों के बारे में विस्तार से-
टैक्स अफसरों से छीना गिरफ्तारी का अधिकार
दरअसल, आपको बता दें कि GST लागू होने के तकरीबन 9 साल बाद सरकार की ओर से टैक्स व्यवस्था में बड़ा संशोधन (Major amendments in tax system) किया गया है। जीएसटी काउंसिल की ओर से टैक्स अफसरों से गिरफ्तारी का अधिकार छीन लिया गया है। पहले धारा 69 के अंतर्गत कारोबारी को गिरफ्तार किया जाता था, अब गिरफ्तारी के लिए कोर्ट की मंजूरी अनिवार्य होगी। काउंसिल के फैसलों के अनुसार अब 10,000 रुपये तक के टैक्स चोरी पर नोटिस नहीं दिया जाएगा।
छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत
पहले यह सीमा 1000 रुपये थी। टैक्स चोरी से जुड़े आपराधिक केस की सीमा (Limitation of tax evasion cases) 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए की गई है। यानी अब 5 करोड रुपए तक के मामलों में कारोबारी पर आपराधिक केस नहीं चलेगा, जिससे छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी।
GST रिटर्न देरी से भरने पर पेनल्टी नियम
अगर GST रिटर्न (GST return) देरी से भरा जाता हैं तो अब न्यूनतम पेनल्टी (minimum penalty) को 50,000 से कम कर 10,000 किया गया है। अपंजीकृत व्यक्ति ई-कॉमर्स से समान की डिलीवरी करता है तो GST 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत लगेगा। माल की जांच भी जहां से माल चला है और जहां पहुंचना है, उन्हें राज्य में होगी।
इसके साथ ही एक राज्य का व्यापारी दूसरे राज्य में ऑफिस लिए बिना ही कार्य कर सकेगा। इसके अलावा कर्मियों को ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत बीमा सुरक्षा देने वाली कंपनियों को टैक्स क्रेडिट (tax credit to companies) भी मिलेगा। GST अकाउंट में जमा अतिरिक्त पैसा अपने आप वापस होगा।