अब गिरेंगे प्रोपर्टी के दाम, 5.77 लाख फ्लैट्स पर नहीं लगे ग्राहक, बिना बिके घरों का लगा अंबार

Property Prices : 2026 की शुरुआत के साथ रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि हम प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट आ सकती है। टॉप 7 शहरों की बात की जाए तो वहां बिल्डर्स के पास लाखों तैयार हुए फ्लैट्स है जिन्हें ग्राहक भी नहीं मिल रहे हैं। चलिए खबर के माध्यम से जानते है प्रोपर्टी के दामों को लेकर जारी हुए इस अपडेट के बारे में विस्तार से।
 

HR Breaking News : (Property Price Down) रियल एस्टेट सेक्टर के लिए वर्ष 2025 समानांतर ही रहा है, लेकिन साल का अंत इतिहास के पन्नों में चला गया है। वर्ष 2025 के आखिरी महीने रियल एस्टेट सेक्टर के लिए चिंता जनक साबित हुए है। देश के अहम शहरों में बिना बिके घरों की इन्वेंट्री का बड़ा अंबार (large backlog of housing inventory) लग गया है, जो रियल एस्टेट बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। यह समस्या मुख्य रूप से मकानों की बिक्री घटने और नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग के कारण सप्लाई बढ़ने से उत्पन्न हुई है। 
एक रिपोर्ट के मुताबिक पता चला है कि टॉप 10 शहरों में बिना बिके हाउसिंग यूनिट्स की संख्या करीब 7 लाख है। इन आंकड़ो को देख पता चल रहा है कि साल 2026 में घरों की कीमत में इसका असर पड़ सकता है।


फ्लैट्स तैयार, खरीदार लुप्त


मीडिया द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक आंकड़ा इस कारण भी डराने वाला है क्योंकि बिल्डर्स के पास अब लाखों तैयार या निर्माणाधीन फ्लैट्स हैं, हालांकि खरीदार फिलहाल मिल ही नही रहे है।
 

घरों की सेल में भी 14 %  की गिरावट


रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में आईटी सेक्टर में छंटनी, (Layoffs in the IT sector) ग्लोबल टेंशन और प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतों के कारण घरों की बिक्री में 14 फीसदी की गिरावट आई है। 
हां, यह आंकड़े वाकई डराने वाले हैं कि बिल्डर्स के पास लाखों घर बनकर तैयार हैं, लेकिन घर खरीदार मिल ही नही रहे हैं । यह स्थिति रियल एस्टेट बाजार (Real estate market) के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।


मकानों की बिक्री (House sales) कम होने और इन्वेंट्री घटने से अब बिल्डर्स पर दबाव बन रहा है। ऐसे में 2026 में घर की कीमतों में कटौती को लेकर भी बड़ा सवाल पैदा हो रहा है। 

 

बेंगलुरु में अनसोल्ड इन्वेंट्री 23% बढ़ोतरी


मिली रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु की स्थिति सबसे खराब है। IT हब बेंगलुरु में बिना बिकी इन्वेंट्री सबसे ज्यादा 23 % बढ़ी है।
हैदराबाद और MMR राहत देने वाले शहर
हैदराबाद और मुंबई (MMR) राहत देने वाले शहर रहे हैं।
सप्लाई सीमित के कारण अनसोल्ड स्टॉक में क्रमशः 2% और 1% की मामूली गिरावट आई है।
सभी शहरों में केवल इन्वेंट्री का बोझ बढ़ा है।
हैरानी की बात यहा है कि घरों की सेल कम होने के बावजूद सेल्स वैल्यू 6 फीसदी बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए के पार हो गई है।

 

सेल्स वैल्यू में इजाफा


रियल एस्टेट बाजार (Real estate market) में प्रीमियमाइजेशन का बड़ा हाथ है, जहां 2025 में लॉन्च हुए नए घरों में 21% घर 2.5 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत वाले हैं। ऐसे में मिडिल क्लास खरीदार बाजार से दूर हो गए हैं और सस्ते घरों की इन्वेंट्री बढ़ गई है। एनारॉक के चेयरमैन का कहना है कि, इस साल में बाजार की चाल RBI की ब्याज दरों में कटौती और डेवलपर्स की कीमतों को कंट्रोल में रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)


सवाल: क्या अब बिल्डर्स घरों के दामों का कम करेंगे?
जवाब: इन्वेंट्री बढ़ने से प्रेशर जरूर पड़ा है लेकिन रेट कम होने के बजाय स्थिर हो सकती है।


सवाल: किस जगह पर खाली है सबसे अधिक फ्लैट्स?
जवाब: MMR में ज्यादा इन्वेंट्री है लेकिन स्टॉक धीरे-धीरे घट रहा है। बेंगलुरु में तेजी से बढ़ रहा है।


सवाल: पिछलें साल घर न बिकने के पीछे क्या रहा कारण?
जवाब: प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमत, IT सेक्टर में छंटनी का डर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी बिक्री घटने की अहम वजह है।


सवाल: फिलहाल घर खरीदना सही या इंतजार करना रहेगा फायदेमंद?
जवाब: साल 2026 में यदि RBI ब्याज दरों को घटाता है तो होम लोन सस्ता (Home Loan Interest Rates) हो सकता और डिमांड एक बार फिर बढ़ सकती है।


सवाल: किस शहर में घर सबसे अधिक महंगे हुए हैं?
जवाब: दिल्ली NCR में घरों की औसत कीमत एक साल में सबसे अधिक 23 फीसदी बढ़ी है।