home page

Uttar Pradesh के नए एक्सप्रेसवे की DPR तैयार, 37 तहसीलों में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के रेट

UP Expressway : सरकार उत्तर प्रदेश में लगातार नए-नए एक्सप्रेसवे बना रही है। ऐसे में अब प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वाला राज्य बन गया है। यूपी वालों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। दरअसल, सरकार ने यूपी में नया एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से 37 तहसीलों में प्रॉपर्टी की कीमतों (Property Rate) में तगड़ा उछाल देखने को मिलेगा। चलिए नीचे खबर में जानते हैं किस रूट पर बनाया जाएगा नया एक्सप्रेसवे। 

 | 
Uttar Pradesh के नए एक्सप्रेसवे की DPR तैयार, 37 तहसीलों में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के रेट 

HR Breaking New - (Up New Expressway)। उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार नए एक्सप्रेसवे और हाईवे बनाए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब यूपी सरकार ने एक और नया एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी कर ली है। उत्तर प्रदेश में अब सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। अभी तक प्रदेश में सबसे लंबा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे है, जिसकी लंबाई 570 किलोमीटर है।

नए बनने वाले एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 700 किलोमीटर होगी। इस एक्सप्रेसवे को 6 लेन बनाया जाएगा। अनुमान है कि भविष्य में इसे 8 लाइन भी किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में डेवलप किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का फायदा 22 जिले के लोगों को  मिलेगा। इससे कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

12 घंटे का सफर 6 घंटे में होगा पूरा -

 

नया एक्सप्रेसवे (new expressways news) गोरखपुर से शामली तक बनेगा, जो पूरब से पश्चिम यूपी को एक साथ कनेक्ट करेगा। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जारी है। नया बनने वाला गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Shamli Expressway) लगभग 700 किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण के बाद पूर्व उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मसूरी देहरादून के साथ हरिद्वार और ऋषिकेश तक जाना काफी आसान हो जाएगा। इस सफर को पूरा करने में फिलहाल 12 घंटे से ज्यादा का समय लगता है, लेकिन नया एक्सप्रेस बनने के बाद केवल 6 घंटे में या सफर पूरा हो सकेगा।

37 तहसीलों में बढ़ेंगे जमीन के रेट - 


गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 22 जिलों 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण के बाद इन जिलों में प्रॉपर्टी की कीमतें (UP property prices) सातवें आसमान पर जा सकती है। यह एक्सप्रेसवे में पूरी तरह से ग्रीनफील्ड तकनीक पर विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे की सभी ऊर्जा आधारित जरूरत को सौर ऊर्जा के जरिए पूरा करने का प्लान है। नए एक्सप्रेसवे  (new expressways) से नए केवल सफर आसान होगा बल्कि गोरखपुर से शामली तक की दूरी लगभग 200 किलोमीटर कम हो जाएगी।

राज्‍य के पिछड़े जिलों को भी होगा फायदा


गोरखपुर से पश्चिमी यूपी के शामली तक जाने वाले नये एक्‍सप्रेसवे में गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, बहराइच, सीतापुर, लखनऊ, हरदोई, बिजनौर, अमरोहा, सहारनपुर, आगरा, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, मेरठ और शामली जिले शामिल हैं. इन सभी जिलों में जमीनों के दाम भी बढ़ेंगे और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। इसके तैयार होने के बाद गोरखपुर से हरिद्वार तक महज 8 घंटे में ही पहुंचा जा सकेगा।


नया एक्सप्रेसवे बनाने में आएगा इतना खर्चा - 


गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Shamli Expressway) को बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को जिम्मेदारी सौंप गई है। एक्सप्रेसवे की डीपीआर (DPR) तैयार कर ली गई है। कई जिलों में सर्वे का काम पूरा हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार जमीन अधिकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य शुरू होगा।

गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे बनाने के लिए 35,000 करोड रुपए का खर्चा आएगा। यह एक्सप्रेसवे बनने से उत्तर प्रदेश की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही सफर आसान और तेज हो जाएगा। वहीं नया एक्सप्रेसवे (New Expressway) बन से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे प्रदेश दिन दोगुनी रात चौगुनी करेगा।