Property Rates : राजधानी में घर खरीदने का सपना, सपना ही न रह जाए, बढ़ेंगी प्रोपर्टी की कीमत
Property Rates :प्रोपर्टी की कीमतों में बढ़ौतरी का सिलसिला जारी है। सोना चांदी और प्रोपर्टी एक ही गति से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सोने और चांदी के साथ प्रोपर्टी के दाम बढ़ना आम आदमी के लिए घर खरीदने के सपने को दूर कर रहा है। दिल्ली में अब प्रोपर्टी और ज्यादा महंगी हो सकती है।
HR Breaking News (Property Rates) देश की राजधानी दिल्ली में प्रोपर्टी की कीमतों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। प्रोपर्टी खरीदना दिन प्रति दिन लोगों के लिए एक सपना होता जा रहा है। राजधानी में अब सरकार की ओर से सर्किल रेट बढ़ाने का फैसला किया जा सकता है। इससे प्रोपर्टी की कीमतों में और ज्यादा बढ़ौतरी होने की संभावना है।
40 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं दाम
देश की राजधानी दिल्ली में प्रोपर्टी (Capital Delhi Property Rates) की कीमतें बढ़ने की पूरी संभावना है। सरकार की ओर से राजधानी के आवासिय इलाकों में अलग-अलग एरिया के हिसाब से सर्किल रेट में 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। यह रेट श्रेणियों के हिसाब से बढ़ेंगे। वहीं, दो श्रेणियां इस बढ़ौतरी से अछुती रह सकती हैं।
इन श्रेणियों में भाव बढ़ना मुश्किल
अलग-अलग श्रेणी के हिसाब से सर्किल रेट (Delhi me property rate) में बढ़ौतरी की जा सकती है। ए और एच श्रेणी में हो सकता है कि रेट न बढ़ाए जाए। वहीं, श्रेणियों के अंदर सब श्रेणी भी बनाई जा सकती है। प्रत्येक श्रेणी में दो से तीन सब श्रेणी बन सकती हैं। खेती की जमीन का एकड़ के हिसाब से बढ़ सकता है, जोकि ढाई करोड़ से लेकर 5 करोड़ प्रति एकड़ बढ़ाने की संभावना है।
अंतिम फैसले को लेकर चल रही तैयारी
दिल्ली में जिलों का पुनर्गठन होने के बाद नए सिरे से सर्किल रेट (New Circle rate Delhi) तय किए जा सकते हैं। इसके हिसाब से जिलों की सीमाओं को निर्धारित किया जा सकता है। अभी नए सर्किल रेट को लागू करने का कार्य अंतिम फैसले पर निर्भर है। इसमें कुछ समय लगने की संभावना है। नए सर्किल रेट लागू होने पर दिल्ली में संपत्ति खरीदना महंगा हो सकता है।
प्रोपर्टी के दामों पर ऐसे पड़ेगा असर
वैसे तो प्रोपर्टी आम तौर पर सर्किल रेट से ऊपर ही बिकती है। परंतु, कुछ बार कोई सर्किल रेट पर ही भूमि खरीदना चाहे तो उसके लिए यह भूमि खरीदना महंगा हो जाएगा। संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क लगाया जाता है। यह पूरी तरह से प्रोपर्टी के रेट पर निर्भर करता है। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने से जमीन लेते हुए स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी बढ़ जाता है। बता दें कि दिल्ली में कृषि योग्य जमीन का 2008 और अन्य संपत्तियों वाली जमीन का 2014 से सर्किल रेट नहीं बढ़ा है।
दामों में असमानता दिख रही
देश की राजधानी दिल्ली में सर्किल रेट अभी लागू नहीं हुए हैं। वहीं, सर्किल रेट एरिया के हिसाब से लागू होता है, परंतु एक ही एरिया की अलग अलग कॉलोनी में बाजार के रेट में काफी डिफरेंस मिलता है। इस असामनता को दूर करने के लिए सब श्रेणी बनाई जा सकती है।
इन श्रेणियों के बढ़ेंगे रेट
दिल्ली के अलग अलग क्षेत्र में कॉलोनियों को सर्किल के हिसाब से बांटा गया है। सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर सभी इलाकों में देखने को मिल सकता है। सरकार बी, सी, डी और ई श्रेणी की संपत्तियों में अधिक सर्किल रेट बढ़ा सकती है। वर्तमान व्यवस्था में कोई सब श्रेणी नहीं है। मगर सर्किल रेट की नई व्यवस्था में एक-एक श्रेणी में दो से लेकर तीन सब श्रेणी बनाई जा सकती है। वहीं, अल्ट्रा-प्रीमियम लुटियंस जैसी कॉलोनियों के लिए एक नई ए (प्लस) श्रेणी को शुरू करना भी है। एच- श्रेणी में सर्किल रेट कम बढ़ने की संभावना है।
जानें कितना है सर्किल रेट
दिल्ली में ए श्रेणी में सबसे ज्यादा सर्किल रेट (highest rates of property in Delhi) है। यहां पर प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 7,74,000 रुपये का दाम है। वहीं, B श्रेणी में 2,45,520, सी श्रेणी में, 1,59,840, D श्रेणी में 1,27,680, ई श्रेणी में 70,080, एफ श्रेणी में 56,640, जी श्रेणी में 46,200 रुपये व एच श्रेणी में 23,280 रुपये दाम है।