आरबीआई बढ़ा सकता है रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से बढ़ती महंगाई के चलते रेपो रेट में इजाफा किया जा सकता है। इसको लेकर जापान से एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कई कारण बताए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से अगर रेपो रेट में इजाफा किया जाता है तो इसका असर सीधा आपके लोन की ईएमआई पर पड़ेगा। आपके लोन की ईएमआई महंगी हो जाएगी। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
HR Breaking News (RBI Repo rate) भारतीय रिजर्व बैंक का एक फैसला फेस्टिवल सीजन में लोगों की जेब ढीली कर सकता है। लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। इससे आम आदमी के होम लोन हो या फिर कार लोन की ईएमआई बढ़ जाएगी। ऐसे में आम आदमी का खर्चा भी बढ़ जाएगा।
जापान की फर्म ने रिपोर्ट की जारी (Repo rate update)
भारत में रेपो रेट बढ़ाने को लेकर जापान की एक फर्म की तरफ से रिपोर्ट जारी की गई है। जापान की ब्रोकरेज फ्रम नोमुरा ने अनुमान जताया है कि भारतीय रिजर्व बैंक अक्टूबर और दिसंबर महीने के लिए रेपो रेट (Repo rate October 2026) में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे लोन की ईएमआई में भी बढ़ोतरी होना लाजमी है। बता दें कि रेपो रेट कम होने पर लोन की ईएमआई घट जाती है और रेपो रेट बढ़ने पर ईएमआई बढ़ जाती है।
क्यों बढ़ाया जा सकता है रेपो रेट (repo rate latest update)
रेपो रेट बढ़ाने को लेकर रिपोर्ट का कहना है कि मिडल ईस्ट में लगातार तनाव जारी है और कच्चे तेल की कीमत (kacche tel ki kimat) बढ़ रही है। उधर डॉलर भी मजबूती पकड़ रहा है, जिससे लगातार महंगाई (Inflation) में इजाफा देखने को मिल रहा है। इन सभी कारणों की वजह से आने वाले 2 महीने में 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50% की बढ़ोतरी रेपो रेट में त्योहारी सीजन में देखने को मिल सकती है।
क्या होता है रेपो रेट (Repo rate kya hoti hai)
रेपो रेट भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा देश के बैंकों को दिए जाने लोन पर लिया जाने वाला ब्याज होता है, जितना ज्यादा रेपो रेट होगा उतना ही ज्यादा ब्याज बैंकों पर बढ़ जाएगा। लोन में शर्त होती है कि रेपो रेट के अनुसार ईएमआई दरों पर लिए गए ब्याज की ईएमआई ऊपर नीचे हो सकती है।
पहले लगातार घटाया गया है रेपो रेट (repo rate me katoti)
रेपो रेट में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहता है। ऐसा नहीं है कि हर साल सरकार इसको बढ़ाती ही है। पिछले साल का उदाहरण देखें तो 1.25% की भारी कटौती की गई थी यानी 125 बेसिस प्वाइंट घटाए गए थे। इससे लोन (loan on EMI) लेने वालों को काफी राहत मिली थी और 2025 में खुदरा महंगाई भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई थी, इस वजह से रेपो रेट को 6.50% से कम के करके 5.25% पर ला दिया गया था।
| पहले कब कितना हुआ है रेपाे रेट में बदलाव | ||
| तारीख | कटौती | रेपो रेट |
| जनवरी 2025 | कोई बदलाव नहीं | 6.50% |
| 07/02/2025 | 0.25% की कटौती | 6.25% |
| 09/04/2025 | 0.25% की कटौती | 6.00% |
| 06/06/2025 | 0.50% की कटौती | 5.50% |
| 05/12/2025 | 0.25% की कटौती | 5.25% |
2026 में अब तक क्या है रिपोर्ट (2026 me repo rate)
साल 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं। यह अभी 5.25% पर ही बना हुआ है। वहीं अब भारतीय रिजर्व बैंक की 5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच बैठक होने वाली है। इस दौरान रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि रेपो रेट में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमत 106 डॉलर के ऊपर पहुंच चुकी है और इस पर ब्याज दरों में 0.25 तक की बढ़ोतरी की संभावना बन रही है, जिससे रेपो रेट 5.25 से बढ़कर 5.50% हो जाएगा और नया लोन लेना महंगा हो जाएगा। पुराने लोन की ईएमआई बढ़ जाएगी।