आपने भी खरीद रखी है कैश में जमीन तो अब Income Tax करेगा कार्रवाई

Income Tax Department - अगर आपने भी कैश में जमीन खरीद रखी है तो ये खबर आपको अलर्ट करने के लिए है। दरअसल कैश में खरीदी हुई जमीन पर आयकर विभाग कार्रवाई कर सकता है। 

 

HR Breakingh News, Digital Desk- यदि आपने वर्ष 2011-12 में कोई घर या संपत्ति नगद राशि भुगतान करके खरीदी है तो सावधान हो जाइये क्‍योंकि अब आयकर विभाग इस पर कार्रवाई कर सकता है।

इस अवधि में और इस अवधि के बाद से नगद भुगतान करके किया गया लेनदेन मान्‍य नहीं होगा और ऐसा करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

नकद राशि लेकर मकान और जमीन बेची तो कीमत के बराबर जुर्माना के साथ ही बीस फीसद आयकर देना होगा।

आयकर विभाग राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए छापामारी, सर्वे जैसी कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा अन्य स्त्रोत की जानकारी एकत्रित कर रहा है।
इसमें अधिक से अधिक आयकर राशि जमा कराया जा सकता है। वर्ष 2016 के पहले जमीन व मकान की खरीद-बिक्री नकद में होती थी।


खंगाल रहे जानकारी-


आयकर विभाग ने 2011-12 में खरीदी गई सम्पत्ति की जानकारी एकत्रित करना शुरू कर दिया है। अब रजिस्ट्री विभाग से जमीन व मकान की खरीद-बिक्री का रिकार्ड आयकर विभाग मांग रहा है।


ये है नियम-


आयकर विभाग ने बीस हजार रुपये से अधिक की जमीन, मकान की बिक्री करने पर भुगतान, चेक, बैंक ड्राफ्ट, ई बैकिंग के माध्यम से लेने का नियम बनाया है।


दंड का प्रावधान-


इसका उल्लंघन करने पर आयकर विभाग जमीन बेचने वालों से कीमत के बराबर जुर्माना वसूली करेगा और जमीन की कीमत का 20 फीसद आयकर की वसूलेगा।


उदाहरण के लिए दस लाख में जमीन व मकान नकद राशि लेकर बेचा है तो दस लाख रुपये जुर्माना और दो लाख रुपये आयकर की वसूली करेगा।


भुगतना पड़ सकता है ये खामियाजा-
ऐसे व्यक्ति को आयकर में मिलने वाली छूट का भी लाभ नहीं मिलेगा। सात साल पुराने खरीद बिक्री की हो सकती है जांच आयकर के नियम के अनुसार वित्तीय वर्ष 2011-12 में बिक्री की गई सम्पत्ति की जांच आयकर विभाग 31 मार्च तक कर सकता है।


ये उठाएं कानूनी कदम-
साथ ही जुर्माना व आयकर भी वसूल सकता है। अपील में ऐसे लोगों को मिल सकती है राहत नकद जमीन खरीदने के मामले में फंस जाने पर आयकर विभाग से कोई राहत देने का प्रावधान नहीं है।
इस तरह के मामले में व्यक्ति आयकर अपीलीय न्यायालय में अपील कर सकता है। वहीं से ही राहत मिल सकती है।

इनका कहना है-
चार्टर्ड एकाउंटेंट एके अग्रवाल कहना है कि जमीन व मकान बीस हजार रुपये से अधिक कीमत होने पर नकद राशि देकर नहीं खरीदा जा सकता है।

पकड़े जाने पर कीमत के बराबर जुर्माना व बीस फीसद आयकर भी देना होगा। आयकर विभाग वित्तीय वर्ष 2011-12 के बाद की खरीद-बिक्री के रिकार्ड की जांच कर रहा है।