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HCS Exam : हरियाणा में बने 102 नए एचसीएस अधिकारी, आप भी कर सकते हैं ऐसे HCS की तैयारी

HCS Exam 2026 : हरियाणा में हाल ही में एचपीएससी की तरफ से एचसीएस का रिजल्ट घोषित किया गया है। इसमें प्रदेश को 102 नए अधिकारी मिले हैं। गरीब व मीडिल क्लास के घरों से काफी बच्चों ने इस परीक्षा को उत्तीर्ण करके अपने मां बाप व गांव, कस्बे का नाम रोशन किया है। वहीं, बहुत सारे बच्चे इनसे सीख लेकर अधिकारी बनना चाह रहे होंगे। चलिए जानते हैं आप भी एचसीएस बनना चाहते हैं तो इसके लिए क्या कुछ करना होगा। 
 

HR Breaking News (HCS Exam pattern 2026) किसी भी बड़े पद पर पहुंचने के लिए आपको मेहनत अवश्य करनी पड़ेगी। हरियाणा सिविल सर्विसेज की परीक्षा भी कड़ी मेहनत का काम है। अगर आप भी एचसीएस बनना चाहते हैं तो पहले आपको हरियाणा सिविल सर्विसेज की परीक्षा का पैटर्न अवश्य पता होना चाहिए। चलिए जानते हैं एचपीएससी की तरफ से ली जाने वाली एचसीएस परीक्षा की पैटर्न के बारे में- 

 

 

हर साल आयोजित होती है परीक्षा 


हरियाणा में एचपीएससी की तरफ से हर साल हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है। एचसीएस की परीक्षा हर साल 3 चरणों में आयोजित होती है। सभी चरणों में उत्तीर्ण होने वाला एचसीएस अधिकारी बन पाता है। इसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य लिखित परीक्षा और फिर इंटरव्यू होता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से- 

क्या है आयु सीमा और पात्रता


एचसीएस परीक्षा में आपको फॉर्म भरते हुए कई विकल्प मिलते हैं। हर पोस्ट के अनुसार एज लीमिट में विविधता होती है। ऐसे में उसके लिए आप ऑफिशियल एचपीएससी की साइट पर देख सकते हैं। वहीं, पढ़ाई की बात करें तो कम से कम स्नातक होना जरूरी है। 

पहली परीक्षा (HCS ki Prikshya)


अगर आपको एचसीएस अधिकारी बनना है तो प्रारंभिक परीक्षा में 200 नंबर का पेपर होगा, जिसमें सामान्य अध्ययन का पेपर 1 और सिविल सेवा योग्यता परीक्षा का पेपर 2 होगा। दोनों परीक्षा 100 नंबर की होगी। दोनों प्रश्न पत्र बहुविकल्पीय और द्विभाषी होंगे। प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा और यह परीक्षा आयोग द्वारा दिए गई तिथि पर ही राज्य भर में अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित कराई जाएगी। इसमें नेगेटिव मार्किंग होगी और प्रत्येक गलत उत्तर के 0.25 अंक काटे जाएंगे। इस परीक्षा को पास करने के लिए न्यूनतम अंक 33% आवश्यक है। चयन परीक्षा यानी की लिखित परीक्षा के लिए केवल पेपर एक के अंक पर भी विचार किया जा सकता है। मुख्य परीक्षा के लिए रिक्तियां की संख्या से 12 गुना अधिक उम्मीदवारों का चयन होता है। 


एग्जाम देते वक्त रखिए सावधानियां (HCS Exam update)


अगर आपको एग्जाम देना है तो इसके लिए सबसे जरूरी बात यह ध्यान रखें की परीक्षा को देते हुए किसी भी प्रश्न का गलत उत्तर होता है तो नेगेटिव मार्किंग होगी। वहीं, किसी परीक्षा के अंदर एक से अधिक किसी प्रश्न का उत्तर दिया जाता है तो उसको भी गलत माना जाएगा। चाहे उनमें से कोई एक उत्तर सही क्यों ना हो, प्रत्येक प्रश्न के 5 ऑप्शन मिलेंगे, जिसमें ए बी सी डी ई होंगे। अगर किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आता है तो उसमें पांचवा ऑप्शन भरना होगा। अगर गोला नहीं भरा जाता है तो फिर भी 0.25 अंक कट जाएंगे और उसे गलत माना जाएगा। अगर कोई परीक्षार्थी 10% से ज्यादा प्रश्नों में सभी गोले खाली छोड़ देता है तो उसे परीक्षा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। 


मुख्य परीक्षा का क्या है पैटर्न (HCS Exam pattern)


एचसीएस की मुख्य परीक्षा के लिए आपको प्राथमिक परीक्षा में पास होना जरूरी है। मुख्य परीक्षा के अंदर कुल 600 नंबर के पेपर होते हैं, जिसमें 100 नंबर का अंग्रेजी निबंध सहित होता है। जिसके लिए 3 घंटे मिलते हैं। फिर हिंदी का पेपर नंबर दो होता है, जिसमें निबंध सहित 100 नंबर का पेपर होता है और 3 घंटे मिलते हैं। फिर सामान्य अध्ययन 100 नंबर का पेपर होता है, 3 घंटे मिलते हैं। फिर सामान्य अध्ययन का चौथा पेपर जो 100 नंबर का होता है। उसके लिए भी 3 घंटे मिलते हैं। सामान्य अध्ययन तीन पेपर भी 100 नंबर का होता है और उसके लिए भी 3 घंटे मिलते हैं। सामान्य अध्ययन 4 पेपर भी 100 नंबर का ही होता है, जिसके लिए भी 3 घंटे दिए जाते हैं। कुल 600 अंक की परीक्षा होगी। पहले परीक्षा के अंदर वैकल्पिक विषय मिलता था लेकिन अभी इसे हटा दिया गया है और वैकल्पिक विषय के 200 अंक ही जुड़ेंगे। वहीं सामान्य अध्ययन 400 अंक का होगा। 

क्या रहेगी परीक्षा की भाषा (HCS Exam)


परीक्षा की भाषा की बात करें तो एचसीएस की परीक्षा में भाषा और साहित्य के प्रश्नों को छोड़कर उत्तर हिंदी अंग्रेजी में लिखते होंगे। उम्मीदवारों को प्रश्नों का उत्तर किसी अन्य माध्यम से देने की अनुमति नहीं होगी। 

इंटरव्यू के लिए योग्यता (HCS Interview)


वहीं दूसरी परीक्षा में पास होने के लिए उम्मीदवार की लिखित परीक्षा में कुल 45% अंक होने जरूरी है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में अनिवार्य है कि 33% अंक प्राप्त किए हो, जिसके बाद उसे इंटरव्यू के लिए चुना जाएगा। अंतिम चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बाद होगा। उम्मीदवार द्वारा प्राप्त कुल अंकों के आधार पर तैयारी की जाने वाली मेरिट सूची के आधार पर ही रिजल्ट जारी होगा जो 675 अंक की होगी। 


75 नंबर का होगा इंटरव्यू (HCS Exam Final Step)


इंटरव्यू 75 नंबर का होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य मानसिता प्रखना, आत्मसात क्षमता और तार्किकता की व्याख्या को परखेगा। वहीं रुचि की गहराई, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक गुण भी देखा जाता है। बुद्धिमता व नैतिक अखंडता पर भी ध्यान दिया जाता है। अंतिम चयन के लिए मुख्य लिखित परीक्षा और मौखिक परीक्षा के अंक ही जुड़ते हैं। इन्हीं के आधार पर फाइनल सूची तैयार होती है। प्रथम परीक्षा का इसमें अंक नहीं जुड़ता। वहीं पदों को उनकी रैंक के आधार पर दिया जाता है, जिसका जितना अच्छा रैंक आता है उतना बड़ा पद मिलता है। अगर उम्मीदवारों में अनिवार्य प्रश्न पत्रों में कुल अंक सभी के बराबर है तो अधिक आयु वाले उम्मीदवार को योग्यता कर्म के स्थान पर पहला स्थान दिया जाएगा। एचसीएस की परीक्षा देने के लिए स्नातक तक की पढ़ाई करना जरूरी है।