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बिजली कटों से लोग परेशान, सीएम ने बताया कब तक रहेगा बिजली सकंट

प्रदेश में बिजली कटों ने लोगों का जीना दुभर कर दिया है। 24 घंटे में मात्र 8 से 10 घंटे ही बिजली लोगों को मिल पा रही है। हर किसी का एक ही सवाल है आखिर कब तक इस तरीके से बिजली कट लगेंगे। इस पार आज प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जवाब दिया है। 

 

HR BREAKING NEWS (चंडीगढ़)। Power Crisis In Haryana: हरियाणा में बिजली संकट गंभीर हो गया है। लगातार बिजली कट के कारण लोगों की मुसीबत हो गई है। राज्‍य में अभी मांग के अनुरूप 1.61 करोड़ यूनिट बिजली की कमी है।    

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प्रदेश में भीषण गर्मी के चलते फिलहाल 18 करोड़ 46 लाख यूनिट बिजली की मांग है और इसे पूरा करना बिजली निगमों के लिए चुनौती बन गया है। न केवल ग्रामीण क्षेत्रों, बल्कि शहरों में भी आठ से लेकर दस घंटों के बिजली के कट लग रहे हैं। पिछले तीन दिनों में ही बिजली की मांग 1.75 करोड़ यूनिट तक बढ़ी है। 24 अप्रैल को बिजली के की कमी 1.05 करोड़ यूनिट तक थी जो अब बढ़कर 1.62 करोड़ हो गर्ह है।

 


वर्तमान में खेदड़ पावर प्लांट की एक यूनिट तकनीकी खराबी की वजह से बंद पड़ी है। पानीपत के तीन से अधिक यूनिट पहले से बंद की जा चुकी हैं। अडानी पावर के साथ पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार में 1450 मेगावाट से अधिक बिजली के लिए 25 सालों का समझौता हुआ था, लेकिन इंडोनेशिया का कोयला इस्तेमाल होने के चलते अडानी पावर ने दरों में बढ़ोतरी की मांग कर दी। इससे भी बिजली संकट बढ़ा।

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अभी जल्दी नहीं मिलने वाला बिजली कटों से छुटकारा


बिजली संकट पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि लगातार बिजली की डिमांड ज्यादा होने से परेशानी आ रही है। लेकिन सरकारर की ओर से पूरे प्रयास जारी हैं।  अडानी पावर के साथ पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार में 1450 मेगावाट से अधिक बिजली के लिए 25 सालों का समझौता हुआ था, लेकिन इंडोनेशिया का कोयला इस्तेमाल होने के चलते अडानी पावर ने दरों में बढ़ोतरी की मांग कर दी।

 

इससे भी बिजली संकट बढ़ा।  सरकार की ओर से खुली मार्केट में बिजली की खरीद की जाती है। पहले खुली मार्केट में कोई भी बिजली खरीद सकता था लेकिन अब नियम बदल गए हैं। इसमें केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि 12 रुपए यूनिट से ज्यादा की दर पर बिजली नहीं खरीदी जा सकती इसलिए हमारी डिमांड 2000 मेगावाट होती है लेकिन 200 मैगावाट ही मिल पाती है। अंडानी पावर लिमिटेड से भी हमारी बात हो गई है। वो एक मई से 500 मेगावाट बिजली रिस्टोर करेंगे और दस दिन बाद भी 500 मेगेवाट बिजली रिस्टोर की जाएगी। 15 मई तक सूचारू रूप से बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।


इसके अलावा छत्तीसगढ़ से 350 मेगावाट व मध्य प्रदेश से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली ली जाएगी। तकनीकी कारणों के चलते खेदड़ थर्मल प्लांट की एक इकाई बंद की गई है। इसका रुटर बदला जाना है जिसे चीन से लाया जाना है। चीन में लाकडाउन के चलते इसे लाने में देरी हुई। अब यह कभी भी पहुंच सकता है। एक सप्ताह में इसे बदलने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।