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Science City : हरियाणा के इस जिले में बनेगी देश की चौथी साइंस सिटी, आएगी करोड़ों की लागत

Science City : हरियाणा में देश की चौथी नेशनल साइसं सिटी बनने जा रही है। इस साइंस सिटी में युवा इसरो की कार्यप्रणाली को भी जान सकेंगे। 

 

HR BREAKING NEWS (ब्यूरो)।  हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) में  देश की चौथी नेशनल साइंस सिटी (National Science City) बनने जा रही है । लगभग 50 एकड़ में बसने वाली इस सिटी में इसरो की कार्यप्रणाली (Working of ISRO) समझने के साथ ही विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों का व्यवहारिक ज्ञान मिलेगा। यहां युवाओं को किताबों के साथ सामान्य व्यवहार और डेमो के जरिए कठिन विषयों को सरलता से समझाया जाएगा।  

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मानेसर में बनेगी ये साइंस सिटी (science city)


डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि इस सिटी के लिए पुरानी दिल्ली रोड पर आईडीपीएल प्लांट वाली जगह या मानेसर के पास हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC ) द्वारा अधिगृहित भूमि चयनित की जा सकती है। इसमें मानेसर को प्राथमिकता दी जा सकती है, क्योंकि यह दिल्ली-जयपुर हाईवे और कुंडली मानेसर पलवल हाईवे के पास है।  इससे आवाजाही आसान होगी। गुरुग्राम के अलावा दिल्ली (DELHI), झज्जर, बहादुरगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, सोनीपत, रोहतक के साथ राजस्थान वासी भी इसका लाभ होगा। मानेसर वर्तमान में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। साइंस सिटी बनने के बाद इसकी पहचान में एक नया पहलू जुड़ जाएगा।

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अभी देश में हैं 3 साइंस सिटी


फिलहाल देश में कोलकाता (Kolkata), जालंधर और अहमदाबाद (Jalandhar and Ahmedabad) में तीन साइंस सिटी हैं। गुरुग्राम में चौथी सिटी बसेगी, जो एनसीआर क्षेत्र की पहली होगी। ये कोलकाता की साइंस सिटी से बेहतर होगी। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इसको विकसित करेंगे। राज्य सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, संस्कृति विभाग और हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के अधिकारी इसको बनवाएंगे ।


इसरो की वर्किंग सिखेंगे युवा


हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (Haryana Space Applications Center) के अधिकारी डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि साइंस सिटी में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) की वैज्ञानिक सुविधाएं होंगी। जिससे बताया जाएगा कि सेटेलाइट धरती की फोटो कैसे लेता है। इसे प्रोसेस करना, प्लानिंग, सेटलाइट (satellite) का ऑरबिट में जाना और इसे लांच कैसे किया जाता है, आदि की जानकारी दी जाएगी। विज्ञान की व्यवहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से इसको बनाया जाएगा। 

युवाओं को मिलेंगी ये सुविधा


यहां खेल-खेल में विज्ञान व गणित पढ़ाया जाएगा। इसमें एक बड़ा म्यूजियम होगा, जिसमें साइंस गैलरी, थीम बेस्ड गैलरी, विज्ञान के अलग-अलग नियम, डिजिटल प्रणाली की जानकारी मिलेगी। किताबी की जगह व्यवहारिक ज्ञान दिया जाएगा। यहां बच्चे ही नहीं बल्कि युवा भी सीख सकेंगे। इसके अलावा, इसरो द्वारा सिमुलेटर भी लगाए जाएंगे जिससे विद्यार्थी स्पेस में जाने और वहां पर रहने के अनुभवों को समझ सकेंगे। बैठक में बताया गया कि साइंस सिटी में इनोवेशन हब (innovation hub) विकसित करने की भी योजना है, जिसमें विद्यार्थी अपने नए आइडियाज पर काम कर सकेंगे। इस हब में विद्यार्थियों को मेंटर भी मिलेगा जो उनको गाइड किया जाएगा।