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हिसार के परिजात चौक पर लगेगी संगमरमर से बनी महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा

Hisar news : हरियाणा के हिसार शहर के विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार की तरफ से नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब हिसार शहर के परिषद चौक की पहचान और ज्यादा खास होने जा रही है। यहां जल्द ही संगमरमर से बनी महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा लगने से यह चौक लोगों के लिए एक आकर्षित जगह बन जाएगा। चलिए जान लेते हैं आखिर कैसी होगी यह प्रतिमा और कब होगी इसकी स्थापना।
 

HR Breaking News : (Hisar news) हरियाणा के हिसार शहर का विस्तार काफी तेजी से हो रहा है। अब कुछ ही दिन बाद हिसार शहर के परिजात चौक पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा नजर आएगी। जानकारी सामने आई है की प्रतिमा स्थल (statue site) का पुनर्निर्माण आकर्षित तरीके से किया जाएगा। आपको बता दे की अग्रवाल सभा हिसार की तरफ से प्रतिमा को भव्य रूप देने के लिए इसको लेकर राजस्थान के मकराना के प्रसिद्ध संगमरमर (Famous Marble from Makrana Rajasthan) का उपयोग किया जाएगा जिसे यह प्रतिमा और भी ज्यादा आकर्षित बन जाएगी। चलिए जान लेते हैं हरियाणा के हिसार शहर के परिजात चौक (Parijat Chowk in Hisar) पर स्थापित की जाने वाली इस प्रतिमा से जुड़ी पूरी जानकारी।

 

 


11 अक्टूबर को रखा जाएगा पुनर्निर्माण कार्य का पत्थर 


इस प्रतिमा को स्थापित करने के साथ-साथ परिजात चौक को इस तरह तैयार किया जाएगा कि यहां आने वाला हर व्यक्ति महाराजा अग्रसेन के जीवन और उनके सिद्धांतों तथा अग्रवाल समाज के गौत्र के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके। इस स्थल के पुनर्निर्माण को लेकर सोमवार को विधायक सावित्री जिंदल की अध्यक्षता में एक बैठक भी हुई है और इसमें महाराजा अग्रसेन की मूर्ति (statue of Maharaja Agrasen) के निर्माण की रूपरेखा, डिजाइन और कार्य की तैयारी पर चर्चा की गई। इस बैठक में तय किया गया की 11 अक्टूबर को महाराजा अग्रसेन की जयंती (Maharaja Agrasen Jayanti) के समय पुनर्निर्माण कार्य का पत्थर रखा जाएगा। 


इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। सुबह पहले हवन और फिर नींव रखी जाएगी। परिजात चौक पर पहले ही Maharaja Agrasen की प्रतिमा लगी हुई है लेकिन अब नई मूर्ति करीब 8 फीट ऊंची और महाराजा अग्रसेन का सिंहासन 12 से 15 फीट तक का किया (Maharaja Agrasens Throne) जाएगा। उनके पीछे गौत्र की जानकारी होगी और सभी जगह लाइट लगाई जाएगी।  फिलहाल अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस सब काम को पूरा करने में तकरीबन 1 साल का समय लग जाएगा। 


विधायक सावित्री जिंदल (MLA Savitri Jindal) से बातचीत के बाद डिजाइन को फाइनल किया गया है और इस बैठक में सभा के महासचिव श्योराम अग्रवाल, पार्षद संजय डालमिया, सत्य प्रकाश राजलीवाला, कोषाध्यक्ष नरेश बंसल, सौरभ राजलीवाला आदि मौजूद थे।


 पुनर्निमित स्थल की खास बात 


महाराजा अग्रसेन को समाज में भाईचारे, अहिंसा और परोपकार की भावना को मजबूत करने वाले महापुरुष के रूप में जाना जाता है और मान्यता है कि उन्होंने प्रजा के हित को प्राथमिकता दी और ऐसी व्यवस्था स्थापित की जिसमें किसी व्यक्ति को अकेला ने महसूस हो। पुनर्निमित स्थल की खास बात यह है होगी कि यहां अग्रवाल समाज के गौत्रों (Gotras of the Agarwal community) की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है की नई पीढ़ी समेत यहां आने वाला हर व्यक्ति अपने गौत्र और समाज की परंपरा के बारे में जान सकेगा।