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Hisar में अवैध कॉलोनी की सड़कों पर चला बुलडोजर

Hisar News : हिसार शहर में कई जगहों पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में अभी भी अवैध कॉलोनियां कट रही है, जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव आम लोगों पर पड़ रहा है। अब इसी बीच नगर निगम (nagar nigam) की ओर से हिसार के शहरी इलाके में पनप रही अवैध कॉलोनी की सड़कों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई है। खबर में जानिए हिसार के किन इलाकों में बुलडोजर चलाया गया है।
 

HR Breaking News (Hisar News) हिसार शहर में अवैध कॉलोनियों के निर्माण को लेकर प्रशासन सख्त हो गई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से शहरी इलाकों में अनधिकृत कॉलोनियों (Illegal colony bulldozer Action) के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। इस दौरान हिसार के शहरी इलाकों में अवैध कॉलोनी की सड़कों पर पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर एक्शन लिया गया है। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

 

लक्ष्मी एनक्लेव फेज-2 में चलाया बुलडोजर


हिसार के शहरी इलाकों में प्रशासन की ओर से अनधिकृत कॉलोनियों (Illegal colony bulldozer action) के खिलाफ कार्यवाही की है, जिसके तहत कैमरी रोड से तोशाम रोड को कनेक्ट करने वाले लिंक रोड पर स्थित लक्ष्मी एनक्लेव फेज-2 में बुलडोजर चलाया गया है। लगभग 1 एकड़ भूमि पर विकसित इस अवैध कॉलोनी में इंटरलॉकिंग रोड नेटवर्क (Interlocking road network in illegal colony) को हटा दिया गया है। बुलडोजर का एक्शन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई है और ड्यूटी मजिस्ट्रेट, बिजली निगम के SDO ने मौके इसकी निगरानी की है।

 

सालों तक सुविधाओं के लिए तरस जाते हैं लोग


दरअसल, आपको बता दें कि जो भी इन अवैध कॉलोनियों में घर लेते हैं, वो सालों तक सुविधाओं के लिए तरसकर रह जाते हैं। नगर योजनाकार विभाग ने भी कार्रवाई के लिए अवैध कॉलोनियों का चिन्हांकन (Identification of illegal colonies) किया है। अब बस कार्रवाई का इंतजार है।

अवैध कॉलोनी में घर खरीदने के नुकसान


अगर कोई भी अवैध कॉलोनी में घर लेता है तो उस जमीन पर कानूनी और प्रशासनिक खतरा (Legal threat to illegal colony) बना रहता है। नगर निगम या स्थानीय विकास प्राधिकरण के पास अवैध निर्माण को कभी भी ढहाने का कानूनी अधिकार होता है।


सरकार की ओर से अब कई राज्यों में नियमों को सख्त कर दिया गया है। अब सिर्फ अवैध कॉलोनी काटने वाले पर ही नहीं, बल्कि प्लॉट या घर खरीदने वालों के खिलाफ भी FIR दर्ज (Disadvantages of buying an illegal colony) करने का प्रोविजन किया जा रहा है।

अवैध प्रोपर्टी को लेकर फाइनेंशियल रिस्क  


अवैध कॉलोनियों का कोई स्वीकृत लेआउट प्लान (avaidh colony kharidne ke nuksan) नहीं होता है और सीएलयू (Change of Land Use) भी नहीं ली जाती है। जमीन के असली मालिक को लेकर धोखाधड़ी हो सकती है। इसके साथ ही अवैध प्रोपर्टी को लेकर फाइनेंशियल रिस्क  (Financial Risks) हमेशा बना रहता है और देश का कोई भी सरकारी या निजी बैंक अवैध प्रॉपर्टी पर होम लोन नहीं देता है।