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हिसार में जीव रक्षा का नया उदाहरण, खेतों में किटनाशक का कम प्रयोग किया तो बढ़ी मोरों की संख्या

Hisar News : कीटनाशकों के प्रयोग से लगातार कम हो रही मोरों की संख्या में अब इजाफा देखने को मिला है। शहर के मंगाली गांव में किसानों ने किटनाशकों के प्रयोग को कम किया जिससे मोरों की संख्या वापिस खेतों में बढ़ने लगी है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से कि किसके प्रयासों से यह संभव हो पाया है। 
 

HR Breaking News (Hisar News) : मंगाली क्षेत्र (Mangali village news) में मोरों की सुरक्षा के लिए जीव रक्षा दल और ग्रामीणों की साझा कोशिशों का असर अब दिखाई देने लगा है। कुछ समय पहले तक मोरों की घटती संख्या और उनकी अकाल मौत चिंता का कारण बनी हुई थी। लेकिन लगातार निगरानी और संरक्षण के प्रयासों से स्थिति में सुधार हुआ है। अब क्षेत्र में मोरों की संख्या 300 से अधिक हो गई है। किसानों को जागरूक करने से लेकर उनके भोजन और सुरक्षित ठिकानों का इंतजाम करने तक कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।

पहले मोरों की हो रही मौत के कारणों का लगाया पता

 

जीव रक्षा दल (jeev raksha dal mangali) ने मोरों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए नहरों, खेतों और झाड़ियां वाले इलाकों में निगरानी की। इस दौरान सामने आया कि बिजली की हाई टेंशन तारें, रासायनिक कीटनाशकों से उपचारित बीज और प्राकृतिक आवास में  बढ़ती मानवीय गतिविधियां इन पक्षियों के लिए खतरा बन रही थी। खेतों में बुवाई के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाल वाले जहरीले बीज चुगने से मोरों की जान पर खतरा मंडरा रहा था। वहीं नहरों के आसपास लोगों की आवाजाही के कारण उनके घोंसले और अंडो को भी नुकसान पहुंचाने की आशंका थी।

20 किलोमीटर तक के किसानों को किया प्रेरित

 

जीव रक्षा दल मंगाली (jeev raksha dal hisar)  के प्रमुख डॉ.वीरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम ने नहरों के आसपास करीब 20 किलोमीटर के क्षेत्र में किसानों से संपर्क किया। उन्हें खेती में किटनाशकों का कम इस्तेमाल कम करने और मोरों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। किसानों को पालक, मेथी और बरसीम जैसी हरी फसलें उगाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके अलावा खेतों की मेड़ो और सुरक्षित जगह पर बाजरा, चना और पानी की व्यवस्था की जा रही है ताकि मोरों को आसानी से भोजन मिल सके।

 

बिजली के तारों से बचाने के लिए अपनाया ये तरीका 

मोर की (positive news) आवाजाही वाले स्थानों पर बिजली के तारों को सुरक्षित करने के लिए जीव रक्षा दल ने बिजली निगम से स्थाई समाधान की मांग की है। हालांकि इस दिशा में सरकारी स्तर पर कार्रवाई का इंतजार है। ऐसे में जीव प्रेमी विजय मंडा ने अपने स्तर पर एक उपाय अपनाया है। उन्होंने मोरों के बैठने वाले स्थान और बिजली के तारों के आसपास पुरानी सीडी लगाई। हवा में हिलने और धूप पड़ने पर चमकने वाले सीडी से पैदा होने वाले प्रतिबिंब के कारण मोर तारों पर बैठने से बचने लगे। इससे करंट की चपेट में आने की घटनाओं में कमी आने की बात सामने आई है।