कागजों में खाली प्लाट, धरातल पर बनी हुई कमर्शियल बिल्डिंग, नगर निगम ने 574 को थमाए नोटिस
HR Breaking News (Hisar News) : हिसार में नगर निगम (hisar nagar nigam) के रिकॉर्ड और जमीन पर मौजूद संपत्तियों की स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया है। जिन प्लाटों को सरकारी रिकॉर्ड में खाली दर्ज किया गया था। उनमें से हजारों पर इमारतें बन चुकी है। इनमें कई भवनों का इस्तेमाल कारोबार के लिए किया जा रहा है। लेकिन निगम में पुरानी रिपोर्ट में इनका स्वरूप खाली प्लाट के रूप में ही दर्ज है। अब जीआईएस ज्योग्राफी इनफॉरमेशन सिस्टम तकनीक से कराए गए सर्वे में सामने आने के बाद नगर निगम में संपत्ति कर का रिकॉर्ड अपडेट करने और राजस्व बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सर्वें में हुआ ये खुलासा (nagar nigam hisar)
सर्वे में खाली प्लॉट के रूप में दर्ज 5711 संपत्तियों पर निर्माण मिला है। इनमें से 574 व्यावसायिक श्रेणी में पाए गए हैं। नगर निगम ने संपत्तियों के मालिकों का नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। उनसे संपत्ति से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है। ताकि भवन के वास्तविक इस्तेमाल के अनुसार संपत्ति का निर्धारण किया जा सके।
जीआइएस सिस्टम से किया सर्वे (hisar latest news)
नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड में कुल 156134 संपत्ति दर्ज थी। इनमें 40,574 संपत्तियों को खाली प्लॉट के रूप में दिखाया गया था। उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम तकनीक (Geographic Information System Technology) की मदद ली गई। डिजिटल नक्शा और तस्वीरों के आधार पर संपत्तियों की मौजूदा सिटी का मिलान रिकॉर्ड से किया गया। इसमें 5714 प्लाटों पर भवन निर्माण हुआ मिला।
नियमानुसार होगा कर का निर्धारण
सर्वे से यह स्पष्ट हुआ कि शहर में समय के साथ कई खाली प्लाटों का इस्तेमाल बदल गया। लेकिन रिकार्ड में यह दर्ज नहीं हो पाया। खासकर व्यावसायिक भवनों की पहचान होने से निगम के सामने संपत्ति कर के दायरे को बढ़ाने का अवसर आया है। अब नोटिस के जरिए संबंधित मालिकों से विवरण लेकर नियम अनुसार कर निर्धारण किया जाएगा।
रिकॉर्ड अपडेट होन से बढ़ सकता है निगम का राजस्व
नगर निगम (nigam news hisar) के लिए चुनौती सर्वे में सामने आई संपत्तियों का रिकॉर्ड दुरूस्त करने के साथ कर वसूली सुनिश्चित करना है। प्रत्येक भवन पर कितना संपत्ति कर देय होगा। यह उसके वास्तविक प्रयोग निर्माण लागू नियमों के आधार पर तय किया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद संपत्ति मालिकों के जवाब और दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निगम की आय में होगा इजाफा
नगर निगम का मानना है कि संपत्तियों की सही श्रेणी दर्ज होने से कर निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। साथ ही जिन भवनों का इस्तेमाल बदल चुका है उन्हें रिकॉर्ड में सही श्रेणी में शामिल करने से निगम की आय बढ़ने की संभावना है। मेयर प्रवीण पोपली (Mayor Praveen Popli) ने कहा कि शहर के खाली प्लाटों का सर्वे कराया गया। जिन प्लाटों पर भवन बन चुके हैं उनके अनुसार संपत्ति कर लिया जाएगा।
शहर में संपत्तियों का आंकड़ा
| संपत्ति | आंकड़ा |
| रिहायशी | 80,558 |
| खाली प्लॉट | 40,574 |
| कामर्शियल | 15,525 |
| मिक्स यूज | 10,992 |
| कृषि व बागवानी | 4,703 |
| स्पेशल कटैगरी | 1,736 |
| संस्थान | 1,079 |
