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सरकारी स्कूलों में अब हर 6 महीने में लगेगा नवाचार मेला

Hisar News :सरकारी स्कूलों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देने के लिए विद्यार्थियों के लिए अब नवाचार मेले हर माह में लगाए जाएंगे। हालांकि विज्ञान में विद्यार्थियों की रूची बढ़ाने के लिए सरकार की और से कई प्रयास किए जा रहे हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
 

HR Breaking News (Hisar News) : सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों (govt.school news)  की पढ़ाई के साथ नए प्रयोग करने और अपनी सोच को वास्तविक रूप देने का मौका मिलेगा। इसके लिए स्कूलों में हर 6 महीने में दो दिवसीय मिलेगा आयोजन किया जाएगा। इसमें छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी के विज्ञान गणित पर्यावरण तकनीक और भारतीय विरासत से संबंधी मॉडल तैयार करेंगे। इन गतिविधियों के जरिए बच्चे कक्षा में पढ़े गए विषयों को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे और अपने रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

15 विद्यार्थियों की भागीदारी होगी जरूरी
  
शिक्षा विभाग (science exibition) योजना के तहत प्रत्येक स्कूल से कम से कम 15 विद्यार्थियों की भागीदारी जरूरी होगी। मेले के आयोजन के लिए स्कूल को अधिकतम 50000 रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी गई है। इस राशि से मॉडल तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदी जा सकेगी और मेले से जुड़ी अन्य गतिविधियां कराई जाएगी। 

रोजमर्रा की समस्या के समाधान खोंजेगे विद्यार्थी

मेले में विद्यार्थी ऐसे मॉडल (sarkari school news) प्रस्तुत करेंगे जिनसे दैनिक जीवन में विज्ञान उतारने के उपयोग को समझाया जा सके पर्यावरण संरक्षण गणितीय अवधारणाओं और भारतीय विरासत से जुड़े विषयों पर भी काम किया जाएगा। विद्यार्थी अपने मॉडल के माध्यम से बताएंगे की पढ़ाई के दौरान हासिल की गई जानकारी का इस्तेमाल वास्तविक स्थिति में किस तरह किया जा सकता है। 

विद्यार्थियों में बढ़ेगी समझ

नवाचार मेले (innovation fair) की गतिविधियों को चार चरणों में पूरा किया जाएगा। इसमें शिक्षक विद्यार्थियों को विशेष उन्होंने मॉडल बनाने और उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सहयोग देंगे। विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों के मॉडल देखना उनसे नए विचार सीखने का अवसर भी मिलेगा। समूह में काम करने से बच्चों में तो आपसी सहयोग तार्किक समझ और अपनी बात रखने का कौशल विकसित होगा।

 

नए प्रयोग कर सकेंगे विद्यार्थी

खंड शिक्षा अधिकारी राकेश चराया (Block Education Officer Rakesh Charaya) ने बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का को प्रयोग आधारित शिक्षा से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को सामने लाना है। मेले के माध्यम से बच्चों को नए प्रयोग करने अपने विचार साझा करने और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।