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हिसार में जमीन के इंतकाल के लिए करना पड़ रहा महीनों का इंतजार

Hisar News : सरकार की और से इंताकल के मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी जमीन के इंतकाल के लिए लोगों को महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। किन कारणों से देरी हो रही है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

 

HR Breaking News (Hisar News) : हिसार जिले में जमीन के इंतकाल दर्ज कराने की प्रक्रिया (intkal darj karane ki prakriya) अभी भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। राजस्व विभाग की ओर से काम को ऑनलाइन करने और लोगों को सुविधा देने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन तहसीलों में बड़ी संख्या में इंतकाल लंबित है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 75 इंतकाल अभी पेंडिंग है। इनमें से 466 मामले अकेले हिसार तहसील में लंबीत है। यानी जिले की कुल पेडेंसी के करीब 58 फीसदी हिस्सा इसी तहसील में है।

सरकारी लाभ लेने से रह जाते हैं वंचित

जमीन (hisar me intkal ki news) खरीदने बेचने या विरासत में नाम आने के बाद रिकॉर्ड में मालिकाना हक दर्ज कराने के लिए इंतकाल जरूरी होता है। इसमें देरी होने से कई लोगों को कई सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में दिक्कत आती है। किसानों के लिए केसीसी (KCC) फसल खराबा मुआवजा और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी जैसी सुविधाओं में रिकॉर्ड अपडेट होना जरूरी होता है। वहीं प्लांट या मकान के रजिस्ट्री के बाद जमाबंदी में नाम दर्ज नहीं होने पर बैंक से मिलने वाले लोन की अगली किस्त भी अटक सकती है। 

पटवारी स्तर पर लंबित है मामले

जिले की कुल पेंडेंसी (intkal ke pending mamle hisar news) में सबसे ज्यादा मामले पटवारी स्तर पर लंबित है। आंकड़ों के अनुसार 6,847 यानी 97. 74 प्रतिशत इंतकाल अभी पटवारी स्तर पर ही अटके हुए हैं। इनमें 5,277 मामले ऐसे हैं। जिनकी पोर्टल पर अभी तक एंट्री नहीं हुई है। वहीं 693 मामलों की ऑनलाइन एंट्री तो हो चुकी है। लेकिन पटवारी स्तर से उन्हें आगे नहीं भेजा गया। 

ये है वजह

इसके अलावा अधिकारियों की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। 877 फाइलों भी रिकॉर्ड में अंतिम रूप से दर्ज होने का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार कानूनगो स्तर पर जीरो पेडेंसी  दिखाई गई है। विभागीय व्यवस्था के अनुसार इसकी वजह यह बताई जा रही है कि पटवारी स्तर से फाइलें आगे नहीं बढ़ने के कारण कानूनगों के पास लंबित मामलों की संख्या नहीं बन रही।

एक दिन में 28 इंतकाल दर्ज हुए (hisar latest news)

पेडेंसी कम होने की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि हिसार जिले में सोमवार के दिन पूरे जिले में केवल 28 इंतकाल ही सिस्टम में दर्ज हो सके हैं। आदमपुर और बालसमंद में इस दिन एक भी इंतकाल दर्ज नहीं हुआ। इससे साफ है कि लंबित मामलों को निपटने की गति काफी धीमी बनी हुई है।

अकेले हिसार में इतने लंबित है मामले (hisar Tehsil news)

जिले की कुल पेडेंसी में अकेले हिसार तहसील के 58.04 प्रतिशत है। यहां लंबित मामलों की संख्या 4,066 है। अधिक कार्यभारों स्टाफ की कमी इसके मुख्य कारण बताए गए हैं। इसके अलावा तहसीलदार स्तर पर भी 158 मामले वेरिफिकेशन के लिए लंबित बताएं गए हैं ।

पटवारी मिसमैच डेटा वेरिफिकेशन में जुटे

द रेवेन्यू पटवार कानूनगो को संगठन के जिला प्रधान प्रीतम सिंह का कहना है कि पटवारी इन दिनों डीसीएस (DCS) के मिसमैच डेटा  सत्यापन में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि इसी वजह से इंतकालों के निपटारे के लिए उन्हें प्राप्त समय नहीं मिल पा पा रहा। डीसीएस से जुड़ा काम पूरा होने के बाद लंबे इंतकालों की संख्या कम करने पर काम किया जाएगा।