सीएंडडी प्लांट चालू करवाने में नाकाम रहा नगर निगम, 5 एकड़ जमीन चिन्हित लेकिन परियोजना अभी भी अधूरी
HR Breaking News (Hisar News) : हिसार में निर्माण कार्यों और पुरानी इमारतों को तोड़ने से निकलने वाले मलबे के निस्तारण की व्यवस्था अब तक नहीं बन पाई है। नगर निगम की सीएंडडी वेस्ट प्लांट परियोजना (C&D Waste Plant Project) कागजों में ही अटकी हुई है। दूसरी तरफ शहर में रोजाना निकलने वाला सैकड़ों टन मलबा सड़कों के किनारे, खाली प्लॉटों और निचले क्षेत्रों में डाला जा रहा है। इससे शहर में गंदगी बढ़ने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
पांच एकड़ जमीन चिह्नित
मलबे के व्यवस्थित निस्तारण के लिए नगर निगम (hisar nagar nigam) ने सातरोड (satroad) में स्टेडियम के नजदीक पांच एकड़ जमीन चिह्नित की हुई है। यहां प्लांट स्थापित करने और संचालन के लिए निजी कंपनियों को शामिल करने की योजना है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (Request for Proposal) तैयार कर अंतिम रूप दिया जाना है। लेकिन लंबे समय से आरएफपी को मंजूरी नहीं मिलने के कारण टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। जमीन उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने से परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही।
मलबा खुले में डालने से बढ़ रही परेशानी
शहर में निर्माण और तोड़फोड़ (hisar latest news) से निकलने वाले मलबे को निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बजाय खुले में डंप किया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में धूल उड़ने, गंदगी फैलने और रास्तों पर अवरोध पैदा होने की समस्या बढ़ रही है। मलबे से निकलने वाले महीन धूल कण हवा में प्रदूषण बढ़ाते हैं, जिससे सांस और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं का खतरा रहता है। वहीं, बारिश के दौरान मलबा नालियों और सीवर में पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था को बाधित कर सकता है। सड़कों के किनारे जमा मलबे से वाहन चालकों को भी परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है।
मलबे से तैयार हो सकती है निर्माण सामग्री
सीएंडडी वेस्ट प्लांट (C&D Waste Plant) में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को मशीनों के माध्यम से प्रोसेस कर उपयोगी सामग्री में बदला जा सकता है। इसमें लकड़ी, प्लास्टिक, धातु और कंक्रीट को अलग-अलग किया जाता है। ईंट, पत्थर और कंक्रीट को क्रश करके रोड़ी, रेत, पेवर ब्लॉक और टाइल्स जैसी सामग्री तैयार की जा सकती है। इस सामग्री का इस्तेमाल सड़क, फुटपाथ और अन्य निर्माण कार्यों में किया जा सकता है। इससे मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होने के साथ प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
आरएफपी फाइनल होने का इंतजार
नगर निगम हिसार के एक्सईएन जयवीर डूडी (Hisar Municipal Corporation XEN Jaiveer Doodi) ने बताया कि सीएंडडी वेस्ट प्लांट के लिए सातरोड में जमीन चिह्नित की हुई है। प्लांट शुरू करवाने के लिए आरएफपी फाइनल होने का इंतजार है। इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।