बिजली चोरी करना पड़ा भारी, वसूले गए 3.50 करोड़ रुपये
Hisar News :बिजली विभाग द्वारा इन दिनों बिजली चोरी पकड़ने का अभियान लगातार जारी है। विभाग द्वारा अभी तक की गई कार्रवाई में 3.50 करोड़ रुपये की वसूली की गई। शहर के मॉडल टाउन व सेक्टर 1-4 सब डिविजन में सबसे कम वसूली की गई है। चलिए जानते हैं खबर में विस्तार से-
HR Breaking News (Hisar News) : दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (dakshin haryana bijli vitran nigam) की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई में हिसार सर्कल में 1522 मामले सामने आए हैं। अप्रैल 2025 से अगस्त 2026 के बीच पकड़े गए इन मामलों में निगम (bijali nigam hisar) ने 3.99 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना निर्धारित किया गया है। इसमें से 3.49 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि वसूली की जा चुकी है कल जमाने की 87.37 प्रतिशत रकम निगम के खाते में आ चुकी है। वहीं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1400 प्राथमिक की भी दर्ज कराई गई है।
हिसार डिविजन टू में सबसे अधिक मामले सामने आए
डिवीजन के हिसाब से देखे तो हिसार डिविजन नंबर-2 (Hisar Division Two) में बिजली चोरी (bijali chori)के सबसे ज्यादा मामले सामने आए है। यहां 701 मामलों में 2 करोड़ 10 लाख 97 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसमें से एक करोड़ 72 लाख 38000 की वसूली हुई। इस डिवीजन में 713 प्राथमिक की दर्ज कराई गई।
डिविजन नंबर-1 में इतनी प्राथमिकी दर्ज हुई
हिसार डिविजन नंबर-1 (Hisar Division 1)में 1991 मामलों में 75.36 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसमें से 4.69 लाख रुपए वसूले गए। 165 प्राथमिक विद्यालय में एक में बिजली चोरी के 630 मामले पकड़े गए। इन पर एक करोड़ 13 लाख 71000 जुर्माना लगाया गया और एक करोड़ 32 लाख 10000 रुपये की वसूली दर्ज की गई। यहां 522 प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
हांसी सब अर्बन में सबसे ज्यादा एफआईआर
हिसार सर्कल किसी तरह 17 सब डिविजनों में से 6 में बिजली चोरी के मामले को लेकर सबसे ज्यादा प्राथमिक दर्ज की गई। हांसी सब अर्बन (Hansi Sub Urban) डिवीजन 249 प्राथमिकी के साथ सबसे आगे रहा। आजाद नगर में 162, बाड्डो पट्टी में 159, मुंढाल में 126, अग्रोहा में 123 और उमरा में 122 प्राथमिकी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई क्षेत्र में लगातार जारी है।
जुर्माना वसूलना चुनौती
बिजली चोरी पकड़ने के बाद जुर्माना राशि की वसूली में सभी सब डिवीजन एक जैसी स्थिति में नहीं है। मॉडल टाउन में 18.7 लाख रुपए के जुर्माने के मुकाबले 8.72 लाख रुपए ही वसूो जा सके। सेक्टर-14 में 20.15 लाख रुपए के जुर्माने में से 8.50 लाख रुपए की वसूली हुई। सिटी हांसी में 8.71 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसकी वसूली नहीं हुई। ऐसे में निगम के सामने बिजली चोरी रोकने के साथ बकाया जुर्माना की वसूली बढ़ाने की चुनौती भी है।