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पराली के धुएं पर प्रशासन की विशेष नजर, इन गांवो पर रहेगा विशेष फोकस 

Hisar News : पराली प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी कर ली है। इसको लेकर प्रशासन ने इस बार जमीनी स्तर पर प्रशासन ने जीरो आगजनी का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा जिले के 9 गांवों पर विभाग की नजर रहने वाली है। चलिए जानते हैं प्रशासन की तैयारियों के बारे में विस्तार से।     
 

HR Breaking News (Hisar News) : धान की कटाई के साथ हिसार जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था तेज कर दी है। इस बार खेतों में आगजनी रोकने के लिए सेटेलाइट से मिलने वाले संकेतों की मौके पर जांच की जाएगी। गांव में अधिकारियों की टीमें तैनात की गई है। जो किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के साथ आगजनी घटनाओं पर भी नजर रखेगी। प्रशासन नए सीजन में पराली जलाने की घटनाओं को शून्य तक लाने का लक्ष्य रखा है।

विशेष फ्लाइंग स्क्वायड टीमें तैनात (parali ki news)

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (vayu gunvatta prabandhan aayog) की ओर से हरियाणा के 16 संवेदनशील जिलों में  विशेष फ्लाइंग स्क्वायड लगाए गए हैं। इनमें हिसार और हांसी पर  विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह टीमें 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक सक्रिय रहेगी। सेटेलाइट से किसी खेत में आग लगने के संकेत मिलने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर उसकी जांच करेंगे। अधिकारियों को सीआरएम मैप  के जरिए फील्ड वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए गए हैं।

हिसार में 295 नोडल अधिकारी तैनात किए 

पराली प्रबंधन (hisar mein parali prabandhan) की निगरानी के लिए हिसार में 295 और हांसी में 303 मॉडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा हिसार में 197 और हांसी 97 टीमों का गठन किया गया है। कृषि राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारी राज्यसभा के अधिकारी आपसी तालमेल के साथ काम करेंगे। गांवों में माइक्रो नोडल अधिकारी भी लगाए गए हैं। जिन्हें खेतों में निगरानी रखने और रात के समय गश्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। 

इन 9 गांवों में रहेगा विशेष फोकस

जिले में इस बार 358 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती हुई है। हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के सैटेलाइट मैप पर पिछले वर्षों में सामने मामलों के आधार पर नौ गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इनमें एक गांव रेड जोन और आठ गांव यलो जोन में शामिल है। हांसी का बांसगांव रेड जोन में रखा गया है। वहीं बरवाला (barwala news), सूरेवाला, खरकपूनियां और बिठमड़ा  सहित हांसी के चार गांव येलो जोन में शामिल है। गांव में निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि पराली जलाने की आशंका होने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। 

मशीनों से पराली प्रबंधन करने पर मिलेगा प्रोत्साहन (hisar latest news)

प्रशासन किसानों को प्रणाली जलाने के बजाय इसका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए बेलर और सुपर सीडर (super seeder) जैसी मशीनों की व्यवस्थाएं की गई है जिले में 20 बेलर और 155 सुपर सीडर मशीन उपलब्ध कराई गई है। निजी मशीने भी किसानों के लिए उपलब्ध है। ग्राम स्तरीय कमेटियों को मशीनों की सूची दी गई है। ताकि किसान जरूरत के अनुसार मशीन बुक कर सके। 

किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर (meri fasal mera byaura portal par) पंजीकृत किसान वैज्ञानिक तरीके से प्रणाली का प्रबंध करते तो उन्हें 1200 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी। दूसरी और खेत में पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने और पर्यावरण मुआवजा का प्रावधान है। जमीन के आकार के अनुसार 2500 से 15000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।