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सातरोड के डाब तालाब का सौंदर्यकरण कार्य डेढ़ साल से अधूरा 

Hisar News :पिछले डेढ़ साल से सातरोड के डाब तालाब के सौंदर्यीकरण का काम अधूरा पड़ा है। जबकी इसे पूरा करने की समय सीमा 1 साल की थी। अब इस तालाब का री-डिजाइन किया  जाएगा। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।    
 

HR Breaking News (Hisar News) : सातरोड के डाब तालाब (satarod ka dab talab) को शहर के प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन क्षेत्र में विकसित करने की योजना फिलहाल कागजों में सिमट कर रह गई है। करीब 3.32 करोड़ रुपए की लागत से होने वाला सौंदर्यकरण कार्य डेढ़ साल से अटका हुआ है। नगर निगम और कंसल्टेंसी के स्तर पर डिजाइन में तकनीक को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो पाने से निर्माण कार्यआगे नहीं बढ़ रहा है। स्थिति यह है की एजेंसी तालाब की खुदाई करने के बाद काम छोड़ चुकी है। जबकि शहर के अन्य तीन तालाबों का नवीनीकरण कार्य पूरा हो चुका है।

एक साल में पूरा होना था कार्य

 

डाब तालाब (dab talab) के लिए विकास कार्य के लिए 23 दिसंबर 2024 को एजेंसी को वर्क अलॉट किया गया था। योजना के मुताबिक 1 साल में काम पूरा होना था। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी परियोजना अधूरी है। अधिकारियों के अनुसार इस तालाब को बाकी तालाबों की तुलना में अधिक आकर्षक रूप देने की योजना बनाई गई। यहां लोगों के घूमने फिरने और समय बिताने के लिए कोई सुविधा विकसित की जानी थी।

 

ये सुविधाएं होनी थी विकसित (satarod news)

 

परियोजना के तहत डाब तालाब में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव था। ताकि लोग यहां किश्ती चलाने का आनंद ले सके। इसके अलावा तालाब के आसपास मॉर्निंग और इवनिंग के लिए आकर्षण फुटपाथ बनाए जाने थे। योजना पूरी होने पर यह जगह परिवारों के घूमने पिकनिक (picnic place hisar) मानने और खाली समय बिताने के लिए बेहतर स्थान बन सकती थी। फिलहाल डिजाइन फाइनल नहीं होने के कारण इन सुविधाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है।

पार्किंग और ऑडिटोरियम के लिए तय हुई जमीन

 

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार डाक तालाब क्षेत्र के निशानदेही पूरी कर ली गई है। करीब सवा पांच एकड़ जमीन पर इसका विकास किया जाना है। पहले तैयार किया गया डिजाइन तालाब अथॉरिटी की ओर से आया था, लेकिन अब नए सिरे से डिजाइन तैयार करवाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। तालाब के साथ आसपास के क्षेत्र में अन्य सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है। इसके लिए करीब ढाई एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। इसमें से दो एकड़ में आधुनिक सुविधा वाला ऑडिटोरियम (Auditorium) बनाया जाना है। जबकी शेष आधा एकड़ जमीन पार्किंग के लिए रखी गई है।

 

री-डिजाइन होगा तैयार

 

नगर निगम के एक्सईएन जयवीर (Municipal Corporation's XEN Jaiveer Doodi) डूडी ने बताया कि ऑडिटोरियम की योजना को ध्यान में रखते हुए जमीन के निशानदेही करवाई गई थी। जिसकी रिपोर्ट मिल चुकी है अब डाब तालाब का री-डिजाइन तैयार करवाया जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।