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Namo Bharat ट्रेन के इस रूट पर बनाए जाएंगे 12 नए स्टेशन, ढाई घंटे का सफर होगा 60 मिनट में पूरा

Namo Bharat News : शहरों में हाईस्पीड कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए ओर नमो भारत ट्रेन के विस्तारिकरण के लिए अब एक रूट पर 12 नए स्टेशन बनाए जाने वाले हैं। इसके साथ ही शासन की ओर से नए नमो भारत (Namo Bharat News ) कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इन कॉरिेडोर के निर्माण से ढाई घंटे का सफर 60 मिनट में पूरा हो जाएगा। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
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Namo Bharat ट्रेन के इस रूट पर बनाए जाएंगे 12 नए स्टेशन, ढाई घंटे का सफर होगा 60 मिनट में पूरा

HR Breaking News (Namo Bharat News) अब सरकार नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण को लेकर कार्य में जुटी हुई है। अब जल्द ही एक ऐसा नमो भारत कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जो गेमचेंजर साबित होगा। इस नए कॉरिडोर के निर्माण से ढाई घंटे का सफर केवल एक घंटे में पूरा होगा। इसके साथ ही नमो भारत के इस रूट (Namo Bharat Train Route )  पर 12 नए स्टेशन को बनाया जाएगा। 

इस कॉरिडोर के कार्य में आएगी तेजी 


दरअसल, आपको बता दें कि सरकार की नजर अब दिल्ली-पानीपत-करनाल (Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat)  और दिल्ली-एसएनबी अलवर नमो भारत कॉरिडोर पर हैं। अब इस कॉरिडोर के कार्य में तेजी आने वाली है। दिल्ली में इसके 5 और हरियाणा में 7 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। बता दें कि दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat) कॉरिडोर राजधानी दिल्ली के सराय काले खां से इस इसकी शुरुआत होगी और हरियाणा के करनाल तक जाएगा। ये कॉरिडोर तकरीबन 136.3 किलोमीटर लंबा है और नेशनल हाईवे-44 के पैरेलेल में आगे बढ़ने वाला है।

 

कहां- कितने बनेंगे स्टेशन 


बता दें कि दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat) सराय काले खां से शुरू होकर जिन स्टेशनों तक जाएगा। उनमे - इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, मुकुंदपुर और नरेला स्टेशनों का नाम शामिल है। इसके साथ ही  हरियाणा में इसके स्टेशन मुरथल, गन्नौर, पानीपत और कुंडली, सोनीपत, समालखा,  करनाल में निर्मित होंगे। बता दें कि इस रैपिड रेल कॉरिडोर का खर्चा 35 हजार करोड़ रुपये आने की संभावना है। बता दें कि केंद्र, हरियाणा सरकार की फंडिंग के साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक ओर कई अन्य वित्तीय संस्थाओं से पार्टिसिपेशन किया जा सकता है।

 

कितनी रह जाएगी दिल्ली से  करनाल की दूरी 


अगर नमो भारत ट्रेन का ये रूट (Namo Bharat Train Route) दिल्ली से हरियाणा के पानीपत और करनाल से जुड़ जाता है तो इससे आप आसानी से डेली अपडाउन कर सकेंगे, क्योंकि अभी के समय में तो दिल्ली से करनाल जाने में साढ़े 3 घंटे से चार घंटे का वक्त लगता है, लेकिन दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर (Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat Corridor) के निर्माण के बाद यह सफर डेढ़ घंटा रह जाएगा। दिल्ली से पानीपत जाने में जाम के चलते दो ढाई घंटे लगते हैं, लेकिन अब इस कॉरिडोर से  यह सफर 60 मिनट में पूरा होगा।

कब किया था सरकार ने फंड का ऐलान 


बता दें कि  पीएम मोदी सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रीजनल ट्रांजिस सिस्टम के लिए नवंबर 2025 में ही फंड को लेकर ऐलान कर दिया गया था। रैपिड रेल प्रोजेक्ट (Delhi-Panipat-Karnal rrts Corridor ) के कार्य की संभाल के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (National Capital Region Transport Corporation) ने नरेला और सोनीपत के बीच इलेक्ट्रिसिटी लाइनें और अन्य अवरोधों को साइड करने को लेकर टेंडर जारी किया है। इस कॉरिडोर के कार्य की शुरुआत जून-जुलाई 2026 से हो सकती है। शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इसको लेकर जानकारी साझा की है। 

दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर में देरी


-दरअसल, दिल्ली-पानीपत-करनाल रूट (Delhi-Panipat-Karnal Route) थोड़ा अलग हैं। बल्कि दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का रूट एकदम सीधा था। स्टेशनों के चुनाव को लेकर दिल्ली और हरियाणा सरकार के बीच वार्तालाप हुई है। शुरुआत में तो ये कॉरिडोर कश्मीरी गेट से शुरू किया जाना था, लेकिन बाद में इसे सराय काले खां तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। नरेला और कुंडली के पास स्टेशनों को चुनने के लिए कई बार सर्वे में भी बदलाव किया गया।


-केंद्र सरकार और योगी सरकार (yogi government) के बीच तालमेल का फायदा दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर में हुआ है। लागत को लेकर भी दिल्ली पानीपत कॉरिडोर (Delhi Panipat Corridor) में हरियाणा और सरकार के बीच बातचीत हुई है। इस दौरान पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार ने फंड देने में थोड़ी आनाकानी दिखाई है।


- बता दें कि दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर (Delhi Panipat Corridor) नेशनल हाईवे-44 के  पैरेलेल में आगे बढ़ना है। अभी दिल्ली से पानीपत के  मध्य नेशनल हाईवे को 8-12 लेन का चौड़ा बनाने का कार्य भी किया गया था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (National Highway Authority) और NCRTC के बीच कॉरडिनेशन बिठाया गया। अब इस हाईवे का काम पूरा होने को हैं और इस वजह से रैपिड रेल के खंबे खड़े करने में आसानी होगी।