Haryana में बनेंगे 3 बाईपास, तैयार की जा रही है DPR
Haryana - हरियाणा में ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं से राहत के लिए तीन बाईपास बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए डीपीआर (DPR) तैयार की जा रही है। इन बाईपास के बनने से गुरुग्राम-अलवर मार्ग पर वाहनों का यातायात सुगम होगा और शहर में ट्रैफिक की भीड़ कम होगी-
HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana) नूंह में गुरुग्राम-अलवर राजमार्ग 248ए पर वाहनों के जाम से राहत पाने के लिए तीन बाईपास बनाने की योजना है। राजमार्ग पर पड़ने वाले मालब और भादस गांवों में मार्ग चौड़ीकरण के दूसरे फेज के लिए लोक निर्माण विभाग डीपीआर (DPR) तैयार कर रहा है।
योजना के तहत मालब गांव के ऊपर से साइड और भादस में मढी व असाइसिका गांव (Asaisika Village) की ओर से बाईपास बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही नूंह में भी बाईपास निर्माण की योजना शामिल है।
योजना के पूरा होने से न केवल शहर में वाहनों की भीड़ कम होगी, बल्कि गुरुग्राम-अलवर मार्ग (Gurugram-Alwar route) पर यातायात भी सुगम हो जाएगा। नूंह से मुंडाका बॉर्डर तक 49 किमी लंबे मार्ग का चौड़ीकरण योजना के तहत स्वीकृत हो चुका है और इस पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है।
नूंह से मुंडका बॉर्डर तक मार्ग को फोर लेन बनाने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए सरकार ने लगभग 550 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। फोर लेन बनाने की यह मांग पिछले एक दशक से उठती आ रही थी।
प्रस्ताव की रूपरेखा पर काम जारी-
शुरुआत में योजना में भादस और मालब गांव में बाईपास बनाने का प्रस्ताव शामिल था, लेकिन इसे दूसरे फेज के काम में स्थान दिया गया। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग गुरुग्राम-अलवर 248ए राजमार्ग पर मालब और भादस गांव में बाईपास निर्माण के लिए प्रस्ताव की रूपरेखा तैयार कर रहा है।
इसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। पहले चरण के चौड़ीकरण में भादस और मालब से गुजरने वाले मार्ग को वर्तमान रूप में ही रखा जाएगा, क्योंकि दोनों गांवों में प्रस्तावित बाईपास निर्माण का काम दूसरे फेज में किया जाएगा।
विभागीय उच्च सूत्रों के अनुसार, विभाग की योजना है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए नूंह के बाहर से भी बाईपास बनाया जाए। इसके लिए भी डीपीआर पर काम चल रहा है। तीनों बाईपास के बनने से शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम (traffic jam) पर काफी हद तक नियंत्रण होगा।
उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा-
नूंह बाईपास (Nuh Bypass) बनने से डीएमई और केएमपी मार्ग (DME and KMP routes) पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर मेडिकल सुविधा (medical facility) तक पहुंचाने के लिए विशेष कॉरिडोर बनाया जाएगा। तैयार की जाने वाली डीपीआर विभाग की तरफ से उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि उस पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
जानकारों का कहना है कि नूंह को जिला बने 20 साल हो चुके हैं और यहां वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। गुरुग्राम-अलवर मार्ग (Gurugram-Alwar route) पर नूंह से मुंडाका बॉर्डर तक 49 किमी क्षेत्र में रोजाना सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। सड़क चौड़ीकरण और बाईपास बनने के बाद यहां दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
