Delhi-NCR में विकसित किए जाएंगे 46 नए सेक्टर, जमीन मालिकों की होगी चांदी
Delhi-NCR -दिल्ली-एनसीआर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 46 नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी है। इसके तहत सड़क, सीवर, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। इस योजना से रियल एस्टेट (real estate) गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और जमीन मालिकों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Greater Noida News) यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने मास्टर प्लान-2041 के तहत यमुना सिटी के विकास में तेजी लाई है। इसके तहत अब तक 36,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है, जो मुख्य रूप से फेज-1 में गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों (Bulandshahr districts) के जेवर क्षेत्र में स्थित है। कुल 78,000 एकड़ प्रस्तावित भूमि में से करीब 46 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।
यमुना एक्सप्रेसवे के पास विकसित हो रहा नया शहर-
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इस नए शहर में अब तक 52 सेक्टर पूरी तरह विकसित किए जा चुके हैं, जिनमें आवासीय और औद्योगिक (residential and industrial) दोनों क्षेत्र शामिल हैं। औद्योगिक सेक्टर 24ए, 24, 28, 29, 32 और 33 में अधिकांश विकास कार्य पूरे हो चुके हैं। वहीं, आवासीय सेक्टर 18 और 20 में सड़कें बनकर तैयार हैं, जबकि कुछ विवादित इलाकों में किसानों से बातचीत की प्रक्रिया जारी है।
46 नए सेक्टर विकसित करने की योजना-
अथॉरिटी अब 46 नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी कर रही है। इन सेक्टरों में सीवर सिस्टम, जलापूर्ति, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए सर्विस प्लान तैयार किए जा रहे हैं। सेक्टर 4, 5, 5ए, 8ए, 8डी और 8एफ में टोपोग्राफिकल सर्वे (topographical survey) के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किए गए हैं, जिनके जरिए सड़कों, नालियों और अन्य सुविधाओं की मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। मास्टर प्लान 2031 के 52 सेक्टरों के साथ अब कुल सेक्टरों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है।
6 जिलों में फैला है ये नया शहर-
अथॉरिटी का अधिकार क्षेत्र छह जिलों-गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस (Hathras) और आगरा-तक फैला है। फेज-1 में विकास कार्य मुख्य रूप से गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budha Nagar) और बुलंदशहर में केंद्रित है, जबकि बाकी जिलों को फेज-2 में शामिल किया जाएगा। कुल मास्टर प्लान में करीब एक लाख एकड़ भूमि आरक्षित है, जिसमें लगभग 22,000 एकड़ कृषि भूमि भी शामिल है। फिलहाल इस जमीन पर किसान खेती कर रहे हैं और भविष्य में इसके लिए विकास योजनाएं लागू की जाएंगी।
यमुना सिटी को इकोनॉमिक हब के रूप में किया जा रहा विकसित-
इस विकास योजना में 30,011 आवासीय प्लॉट, 22 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट, 14 संस्थागत प्लॉट और विभिन्न उपयोगों के लिए 13 टाउनशिप प्लॉट शामिल हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) को जोड़ने वाली सड़कों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है। यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में रोजगार, आवास और औद्योगिक विकास (industrial development) को बढ़ावा देगा। यमुना सिटी अब तेजी से आकार ले रही है और जेवर एयरपोर्ट (jewar airport) के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के बड़े इकोनॉमिक हब के रूप में उभरने की ओर बढ़ रही है।
इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल विकास का नया केंद्र बनेगी यमुना सिटी-
यमुना सिटी उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किया जा रहा एक नया प्लान्ड शहर है, जिसे यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) द्वारा डेवलप किया जा रहा है। यह नोएडा और ग्रेटर नोएडा (greater noida) के बाद गौतम बुद्ध नगर जिले का तीसरा बड़ा शहरी विकास क्षेत्र है, जिसका उद्देश्य इसे एक प्रमुख इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल हब (residential hub) के रूप में विकसित करना है।
