Haryana में बसाई जाएगी 5 नई स्मार्ट सिटी, एक्सप्रेसवे के किनारे होगा विकास
HR Breaking News (Haryana smart city) हरियाणा सरकार अब प्रदेश के सुनियोजित शहरी विस्तार के लिए नए प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अब लोगों को आधुनिक सुविधाएं देने और औद्योगिक जरूरतों पर गौर करते हुए सरकार यहां पर 5 नई स्मार्ट सिटी (Haryana smart city) विकसित करने का प्लान तैयार कर रही है। आइए खबर में जानते हैं कि इन नई स्मार्ट सिटी को किस एक्सप्रेसवे के किनारे बसाया जाएगा।
कहां बसेंगे ये 5 नए आधुनिक शहर
बता दें कि कुंडली-मानेसर-पलवल (kmp expressway smart city) एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 5 नए आधुनिक शहर बसाए जाने की योजना है और इन शहरों का विकास 'पंचग्राम विकास प्राधिकरण' के अंतर्गत होगा। सरकारी योजना (government scheme) के मुताबिक ये 5 शहर सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह और पलवल जिलों में विकसित किए जा सकते हैं, क्योंकि एक्सप्रेसवे के किनारे यही जिले लगते हैं। 2031 की संभावित जनसंख्या पर गौर करत हुए सरकार ने नए शहर बसाने के मकसद से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया है।
2 किलोमीटर के दायरे में बसेंगे
ये शहर इस पूरे प्रोजेक्ट (Haryana Government Projects) में तकरीबन 760 गांवों की जमीन को जोड़ा गया है और सभी नए शहर KMP एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 2 किलोमीटर के दायरे में बसाए जाएंगे। सरकार के अनुसार औद्योगिक गतिविधियां को नई रफ्तार मिलेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते इन्वेस्टर्स को भी अट्रक्ट किया जा सकेगा। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री का कहना है कि तकरीबन 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (Kundli-Manesar-Palwal) एक्सप्रेस वे बेहद जरूरी एसेट है। इस एक्सप्रेसवे के पास कई प्रोजेक्ट डेवलप किए जा रहे हैं।
जानिए क्या है सरकार का मकसद
सरकार का प्लान है कि आधुनिक शहरी नियोजन, हरित क्षेत्र, बढ़िया आवास और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया जाना चाहिए और प्रस्तावित शहरों में औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक हब, आईटी पार्क, शैक्षणिक संस्थान (educational institution) और स्वास्थ्य सुविधाएं को विकसित किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को काम में बेहतर सुविधाएं एक ही इलाके में मिल सकें। इसके साथ ही जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे टिकाऊ विकास के पहलुओं को भी जोड़ा जाएगा। सरकार (Haryana Government Projects) का मकसद है कि ये नए शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने मं मददगार होंगे।
