देश के इस राज्य में 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे, बन गया एक्सप्रेसवे प्रदेश
HR Breaking News, Digital Desk- (Expressway) भारत में सड़क कनेक्टिविटी को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए एक्सप्रेस-वे निर्माण युद्धस्तर पर जारी है. इस मुहिम में देश का ये राज्य सबसे आगे है, जहां कई एक्सप्रेस-वे चालू हो चुके हैं और कई पर तेजी से काम चल रहा है. आइए जानते हैं इस स्टेट के बारे में...
औद्योगिक और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा-
एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार से राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। लॉजिस्टिक्स, निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते औद्योगिक कॉरिडोर (industrial corridor) और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को भी मजबूती मिली है।
एक्सप्रेसवे हब बनता उत्तर प्रदेश-
उत्तर प्रदेश तेजी से देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे हब बनकर उभर रहा है। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 55% हिस्सा यूपी में मौजूद है या निर्माणाधीन है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी ने राज्य को राष्ट्रीय परिवहन मानचित्र (National Transport Map) के केंद्र में ला खड़ा किया है।
चालू एक्सप्रेसवे ने बदली विकास की रफ्तार-
मौजूदा समय में यूपी में 7 एक्सप्रेस-वे जनता के लिए चालू हैं, जिनमें पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, यमुना और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (Yamuna and Delhi-Meerut Expressway) प्रमुख हैं। इन सड़कों ने पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक तेज, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को संभव बनाया है।
निर्माणाधीन और प्रस्तावित मेगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क-
उत्तर प्रदेश में 15 से अधिक एक्सप्रेसवे या तो निर्माणाधीन हैं या प्रस्तावित हैं। गंगा, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक (gorakhpur link expressway) और दिल्ली-देहरादून जैसे एक्सप्रेसवे राज्य के हर क्षेत्र को जोड़ेंगे, जिससे विकास का असर ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंचेगा।
2026 में रफ्तार होगी और तेज-
2026 तक गंगा, कानपुर-लखनऊ (Kanpur-Lucknow), गाजियाबाद-कानपुर और वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे (Varanasi-Kolkata Expressway) के कई हिस्से जनता के लिए खुल जाएंगे। इसके बाद उत्तर प्रदेश न केवल देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे राज्य बन जाएगा, बल्कि आर्थिक और परिवहन के मामले में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।
