8th Pay Commission: क्या नए वेतन आयोग में बहाल हो जाएगी पुरानी पेंशन, जाने क्या है अपडेट
8th Pay Commission: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग फिर से जोर पकड़ रही है। कर्मचारी संगठन इसे प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं, जबकि सरकार वित्तीय संतुलन बनाए रखने की बात कह रही है। ऐसे में देखना यह होगा कि आयोग की सिफारिशों में क्या बदलाव आते हैं-
HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन सुधार को लेकर बहस फिर गरम हो गई है। 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरी तरह बहाल करने की मांग फिर से उठाई है। कर्मचारी यूनियनों (employee unions) का कहना है कि नई प्रणाली में पेंशन की निश्चितता नहीं है, इसलिए सरकार को पुरानी व्यवस्था लौटानी चाहिए।
जानें डिटेल-
कर्मचारी संगठनों, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों (central government employees) और श्रमिकों के परिसंघ तथा अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) ने इस संबंध में अपनी मांगें राष्ट्रीय परिषद-संयुक्त परामर्श तंत्र (NC-JCM) की स्टाफ साइड ड्राफ्टिंग कमेटी को सौंप दी हैं। यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि नेंशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और हाल ही में लागू की गई यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) दोनों को समाप्त कर फिर से पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।
दरअसल, यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को लेकर कर्मचारियों की प्रतिक्रिया उम्मीद से काफी कम रही है। सरकार ने संसद में बताया कि 30 नवंबर 2025 तक केवल 1,22,123 केंद्रीय कर्मचारियों ने ही UPS को चुना है। इसमें नए भर्ती, मौजूदा और कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी (retired employee) शामिल हैं। जबकि कुल पात्र कर्मचारियों की संख्या लगभग 23-25 लाख है, यानी केवल 4-5% कर्मचारियों ने ही UPS अपनाया है।
क्या कहा यूनियन नेताओं ने-
यूनियन नेताओं का कहना है कि UPS को चुनने वाले कर्मचारियों की कम संख्या इस बात का संकेत है कि नई पेंशन व्यवस्था पर कर्मचारियों का भरोसा कमजोर है। उनका तर्क है कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) में रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को अंतिम वेतन का लगभग 50% पेंशन मिलती थी, साथ ही महंगाई भत्ता (DA) भी मिलता था, जबकि NPS में पेंशन की राशि बाजार के रिटर्न पर निर्भर करती है, जिससे भविष्य की आय अनिश्चित हो जाती है।
हालांकि सरकार का रुख अब तक स्पष्ट रहा है। सरकार का कहना है कि फिलहाल पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उनके मुताबिक, NPS लंबी अवधि में सरकारी खजाने पर पेंशन के भारी बोझ को संतुलित करने के लिए जरूरी है। इसी कारण NPS को पूरी तरह खत्म करने के बजाय सरकार ने UPS विकल्प पेश किया, जिसमें न्यूनतम पेंशन का कुछ भरोसा सुनिश्चित किया गया है।
सबसे बड़ा पेंशन का मुद्दा-
अब जब 8वें वेतन आयोग की चर्चाएं (8th Pay Commission discussions) शुरू हो चुकी हैं, तो पेंशन का मुद्दा सबसे बड़ा विवादित विषय बन सकता है। कर्मचारी संगठन इस मामले को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में हैं, जबकि सरकार वित्तीय संतुलन बनाए (Government should maintain financial balance) रखने का हवाला दे रही है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोग की सिफारिशों में पेंशन व्यवस्था को लेकर क्या बड़े बदलाव प्रस्तावित होते हैं।
