8th Pay Commission : नए वेतन आयोग में क्या 3 गुणा बढ़ेगी सैलरी? समझें पूरा कैलकुलेशन
8th Pay Commission - आठवें वेतन आयोग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सैलरी में तीन गुना तक बढ़ोतरी होगी। कहा जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर, HRA, TA और DA के संभावित बदलावों के आधार पर सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा उछाल दिख सकता है... ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में आसान भाषा में पूरा कैलकुलेशन समझ लेते है, ताकि कर्मचारियों को साफ तस्वीर मिल सके-
HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नए वेतन आयोग का इंतजार अभी लंबा रहने वाला है। हालांकि 2026 से इसकी आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन सिफारिशें आने में अभी समय लगेगा। सूत्रों के मुताबिक वेतन आयोग के लागू होने में कम से कम 2028 तक का समय लग सकता है।
इसके पीछे कई आर्थिक और राजनीतिक कारण बताए जा रहे हैं। फिर भी हर सरकारी कर्मचारी (government employees) के मन में यही सवाल है कि “2026 से मेरी सैलरी कितनी बढ़ेगी?”
अगर आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद आपकी नई ग्रॉस सैलरी (New Gross Salary) करीब ₹45,241 तक पहुंच सकती है। यानी कुल सैलरी में लगभग ढाई से तीन गुना तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे कर्मचारियों की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा।
यह आंकड़ा सुनने में बड़ा जरूर लगता है, लेकिन यह पूरी तरह गणना (calculation)) पर आधारित है। इस रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर से लेकर HRA और TA तक सभी घटकों को समझाया जाएगा, ताकि यह साफ हो सके कि नया पे-स्ट्रक्चर (new pay structure) कैसा बन सकता है और ₹18,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को वास्तव में कितना फायदा होगा।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर-
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (Multiplier) होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को नए वेतन आयोग में बढ़ाया जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। अब आठवें वेतन आयोग को लेकर दो तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं-कुछ विशेषज्ञ 2.86 गुना तक की बात कर रहे हैं, जिससे ज्यादा बढ़ोतरी दिखती है, लेकिन अधिक व्यवहारिक अनुमान 1.92 का माना जा रहा है। इसकी वजह सरकार का राजकोषीय संतुलन (fiscal balance of the government) और मौजूदा महंगाई दर है। ऐसे में माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग में सैलरी स्ट्रक्चर (Salary Structure in 8th Pay Commission) 1.92 के फिटमेंट फैक्टर पर ही आधारित हो सकता है।
1.92 फिटमेंट फैक्टर से बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी-
अब सबसे पहले आपकी नई बेसिक सैलरी निकालते हैं-
फॉर्मूला:
नई बेसिक = पुरानी बेसिक × फिटमेंट फैक्टर
तो, ₹18,000 × 1.92 = ₹34,560
यानी आपकी नई बेसिक पे होगी ₹34,560.
यही आगे HRA, TA और DA की गणना का आधार बनेगी.
HRA (House Rent Allowance) कितना बढ़ेगा?
HRA बेसिक पे के प्रतिशत के हिसाब से तय होता है.
सरकार तीन श्रेणियों में शहरों को बांटती है:
शहर की श्रेणी - HRA प्रतिशत
X City (Metro) - 27%
Y City - 18%
Z City - 9%
अगर आप X सिटी (जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु) में हैं, तो 8th CPC के हिसाब से आपका HRA होगा 27% × ₹34,560 = ₹9,331.
कितना होगा TA (Transport Allowance) -
TA (यातायात भत्ता) कर्मचारियों की कैटेगरी और शहर पर निर्भर करता है। Higher TPTA cities के लिए औसतन ₹1,350 लिया जा सकता है। (यह वही भत्ता है जो मेट्रो और बड़े शहरों के कर्मचारियों को मिलता है।)
महंगाई भत्ता क्यों 0% माना गया है?
जब भी नया वेतन आयोग लागू किया जाता है, तब महंगाई भत्ता (DA) रीसेट होकर 0% से शुरू होता है। यानी लागू होने के पहले दिन कर्मचारियों को DA नहीं मिलता। इसके बाद हर छह महीने में CPI (महंगाई सूचकांक) के आधार पर DA में बढ़ोतरी की जाती है। इसी वजह से 8वें वेतन आयोग के लागू होने के समय DA को 0% मानकर ही गणना की जा रही है।
8th Pay Commission सैलरी का कैलकुलेशन-
घटक मौजूदा (7th CPC) 8th CPC (1.92 फिटमेंट) अंतर
बेसिक पे ₹18,000 ₹34,560 +₹16,560
HRA (27%) ₹4,860 ₹9,331 +₹4,471
TA ₹1,350 ₹1,350 कोई बदलाव नहीं
DA ₹10,440 (58%) ₹0 -
कुल ग्रॉस सैलरी ₹34,650 ₹45,241 नई स्ट्रक्चर में ज्यादा बेसिक फायदा
क्या इसका मतलब बढ़ोतरी नहीं हुई?
यहां समझना जरूरी है- हालांकि DA अब 0% पर रीसेट हुआ है, लेकिन आपकी बेसिक पे दोगुनी के करीब हो गई है।
इससे होंगे दो बड़े फायदे-
हर 6 महीने बाद DA इसी बढ़ी हुई बेसिक पर जोड़ा जाएगा- यानी भविष्य के DA इंक्रीमेंट्स ज़्यादा होंगे।
पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य भत्तों की गणना भी इसी नई बेसिक पर होगी।
इसलिए, भले ही शुरुआती महीनों में DA ज़ीरो दिखे, लेकिन लंबे समय में सैलरी और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में बड़ा फायदा मिलेगा।
₹18,000 वालों की नया सैलरी ब्रेकअप-
घटक राशि (₹)
नई बेसिक पे ₹34,560
HRA (27%) ₹9,331
TA (Higher TPTA) ₹1,350
DA (0%) ₹0
कुल ग्रॉस सैलरी (अनुमानित) ₹45,241
यानी आपकी नई सैलरी होगी ₹45,241, जो वर्तमान संरचना के मुकाबले लगभग ₹8,800-₹9,000 ज़्यादा है (अगर DA रीसेट न होता)। लेकिन चूंकि DA 0% से शुरू होगा, वास्तविक टेक-होम कुछ महीनों तक लगभग ₹45,000 के आसपास रहेगा।
आपके लिए इसका मतलब?
बेसिक सैलरी में ज्यादा बढ़ोतरी होने से आगे चलकर हर छह महीने होने वाले DA रिवीजन का फायदा भी ज्यादा मिलेगा। पेंशन और अन्य लाभ जैसे PF व NPS का योगदान भी बढ़ी हुई बेसिक पर ही तय होगा। आने वाले वर्षों में अगर DA 50% तक पहुंचता है, तो कुल सैलरी ₹50,000 के पार जा सकती है। यानी 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नए सैलरी दौर की शुरुआत मानी जाएगी।
कब लागू होगा आठवां वेतन आयोग-
सरकार की तैयारियों के अनुसार आठवें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें देने में करीब 18 महीने लग सकते हैं, लेकिन इसे लागू करने का अंतिम फैसला सरकार ही करेगी। आमतौर पर रिपोर्ट आने के बाद 6 महीने के भीतर इसे लागू किया जाता है। हालांकि लागू होने की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, ऐसे में नई सैलरी के साथ एरियर मिलने की संभावना भी बन सकती है।
आखिरी बात-
साधारण शब्दों में समझें तो अगर आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो 8वें वेतन आयोग के बाद यह करीब ₹34,560 हो सकती है। इसमें HRA लगभग ₹9,331 और TA करीब ₹1,350 जोड़ने पर कुल ग्रॉस सैलरी लगभग ₹45,241 बनेगी। शुरुआत में DA 0% रहेगा, लेकिन हर छह महीने में बढ़ेगा और कुछ समय बाद आपकी टेक-होम सैलरी ₹50,000 के पार पहुंच सकती है। यानी कुल मिलाकर करीब तीन गुना तक बढ़ोतरी का अनुमान है।
Disclaimer-
यह जो जानकारी दी गई है, वह 7वें वेतन आयोग (7th CPC) के मौजूदा नियमों और कुछ मान्यताओं के आधार पर अनुमान के तौर पर बताई गई है। लेकिन ध्यान रखें कि जब 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होगा, तो उसके नियम, फिटमेंट फैक्टर, घर किराया भत्ता (HRA/TA) और महंगाई भत्ता (DA) की दरें बदल सकती हैं। इसलिए अंतिम सैलरी इससे कम या ज्यादा भी हो सकती है।
