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वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर : खत्म होने जा रहा है Fastag, अब इस नए सिस्टम से कटेंगे पैसे

Fastag will no longer work : हाईवे (highway) पर सफर करने वाले और फास्टैग (Fastag) का इस्तेमाल करने वालों के लिए जरूरी सूचना है। अगर आप भी फास्टैग का इस्तेमाल करते हैं तो हम आपको बतादें कि अब Fastag खत्म होने जा रहा है। 

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Fastag will no longer work : खत्म होने जा रहा है फास्टैग, जानिये अब कैसे कटेंगे पैसे

HR BREAKING NEWS (ब्यूरो)। ये खबर आपके लिए है। अब सरकार बहुत जल्द फास्टैक (fastag) को खत्म कर रही है।    इसको लेकर केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Union Transport Minister) खुद इसकी घोषणा कर चुके है। गडकरी ने toll tax वसूलने का दूसरा फार्मुला (Formula) बताया है। जिसके बाद फास्टैग (fastag) की अनिवार्यता  (necessity) पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

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गडकरी ने बताया इस नए सिस्टम के बाद टोल टैक्स (toll tax) ज्यादा भरने वाली समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अब जिस नई टैक्नोलॅाजी (new technology) से इस बर Toll tax वसूला जाएगा उससे आप जितना आप हाईवे पर चले हैं उतना ही टैक्स आपके Account से कटेगा। केन्द्रीय मंत्री ने दावा किया कि बहुत जल्द GPS enabled सिस्टम पूरे देश के हाईवेज (highway) पर लागू किया जाएगा।


जानिये कैसे काम करेगा नया सिस्टम


जल्द आ रही नई टेक्नोलॅाजी (new technology) के अनुसार जैसे ही highway या एक्सप्रेसवे (expressway) पर गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ON हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही Highway से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क (street) पर उतरेगी उसके बाद तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम आपके अकाउंट से पैसे काट लेगा। ये नया सिस्टम भी fastag की तरह होगा, लेकिन रुपये उतना ही कटेंगे जितना आप सफर करोगे।।  अभी इंडिया में तकरीबन 97 प्रतिशत गाड़ियों में फास्टैग (fastag) का इस्तेमाल होता है।

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आधी दूरी तय करने पर कटेगा आधा पैसा


केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी (central minister) ने बताया कि बहुत जल्द ऐसी व्यवस्था लागू होने वाली है, जिसमें आपको ज्यादा या कम रुपये (Rupees) कटने का सवाल ही खत्म हो जाएगा।  क्योंकि नए टोल टैक्स (toll tax) के Pilot Project की टेस्टिंग शुरू हो गई है। 


 विदेशों में भी KM के अनुसार toll वसूली का सिस्टम पूरी तरह से कामयाब रहा है। इंडिया में भी उसी तर्ज पर इसे लागू किया जा रहा है। अभी fastag से एक टोल से दूसरे टोल के बीच का पूरा पैसा लिया जाता है चाहे आप आधी दूरी ही तय कर रहे हों, परंतु पैसा पूरी दूरी का ही चुकाना पड़ता है। जिसके चलते टोल महंगा पड़ता है। जर्मनी (Germany) में ये सिस्टम लागू है। Germany में लगभग 99 प्रतिशत गाड़ियों में navigation system से ही toll लिय जाता है।