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UP में 20 गांवों को जोड़कर बनाया जाएगा नया शहर, यह है पूरा मास्टर प्लान

New City In UP : उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सरकार की तरफ से काफी बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। अब फिर उत्तर प्रदेश के 20 गांव को जोड़कर एक नया शहर विकसित किया जाएगा जिसके लिए पूरा मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। चलिए खबर के माध्यम से जानते हैं उत्तर प्रदेश में विकसित किए जाने वाले इस नए शहर के बारे में विस्तार से।
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UP में 20 गांवों को जोड़कर बनाया जाएगा नया शहर, यह है पूरा मास्टर प्लान

HR Breaking News : (New City In UP) योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को चमकाने के लिए जोरो शोरों से काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के शहरी विकास की दिशा में एक अहम कदम रखते हुए राज्य की योगी सरकार ने दिल्ली एनसीआर इलाके को एक और नया शहर देने का प्लान तैयार किया है। अब फिर उत्तर प्रदेश में एक नया शहर विकसित किया जाएगा इसके लिए 20 गांव को जोड़ा जाएगा। 


दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के मुरादनगर इलाके में बनने वाले इस नए शहर का नाम ग्रेटर गाजियाबाद (New City In UP) होगा। उत्तर प्रदेश की सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर इस मेगा प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है जिला प्रशासन समेत इससे संबंधित विभाग इसमें मिलजुलकर कार्य कर रहे हैं।


Greater Ghaziabad विकसित करने के लिए जोड़े जाएंगे 20 गांव


 इस नए शहर की नींव गाजियाबाद  (Ghaziabad News) जिले के मुरादनगर इलाके में रखी जा रही है। इस शहर को विकसित करने में पहले जहां तेरा गांव को शामिल करने का प्लान था लेकिन अब गांव की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है। इस प्रस्तावित शहर में कुल 175 वार्ड होंगे और इसमें मुरादनगर के साथ-साथ खोड़ा, लोनी और डासना नगर पंचायत जैसे क्षेत्रों को भी जोड़ा जाएगा। 

ग्रेटर गाजियाबाद के प्रशासनिक प्रबंधन 


नए शहर के प्रशासनिक प्रबंधन (Administrative management of the new city) के लिए एक ठोस व्यवस्था प्रस्तावित है। नए शहर को कमिश्नरेट सिस्टम के तहत चलाया जाएगा, जिसका नेतृत्व सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। इसके अतिरिक्त, शहर को तीन ज़ोन में विभाजित किया जाएगा और हर ज़ोन का प्रभारी एक IAS अधिकारी होगा। 

2031 मास्टर प्लान में शामिल 


इस मेगा सिटी प्रोजेक्ट (mega city project) को गाजियाबाद, लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर के 2031 मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। अब सड़क नेटवर्क और मौजूदा विकास क्षेत्र के आधार पर ग्रेटर गाजियाबाद की सीमाएं तय की जा रही हैं।


जिला प्रशासन नई सीमाओं और क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी को संकलित कर रहा है ताकि विकास योजनाएं व्यवस्थित, व्यावहारिक और टिकाऊ बन सकें। मास्टर प्लान के अंतर्गत (under the master plan) शहर में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास (development of industrial areas) को प्राथमिकता दी जा रही है।


इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार में बड़ा निवेश


सभी विभागों ने संबंधित क्षेत्रों का सर्वेक्षण का काम तकरीबन पूरा कर लिया है और रिपोर्टें अब अंतिम चरण में हैं। इसके बाद सीमांकन, प्रशासनिक ढांचे और नगर विकास की योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। 


ग्रेटर गाजियाबाद में बेहतर सड़कें, सार्वजनिक परिवहन, अंडरपास, ट्रेनों के स्टॉपेज, और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 


ग्रेटर गाजियाबाद (Greater Ghaziabad News) के रूप में दिल्ली-NCR को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और रोजगारमुखी शहर मिलने जा रहा है। आने वाले सालों में यह नया शहर न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक रोल मॉडल स्मार्ट सिटी (Role Model Smart City) बन सकता है।