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Rajasthan से हरियाणा तक बिछेगी नई रेलवे लाइन, 215 किलोमीटर का होगा रूट, 2200 करोड़ होंगे खर्च

Rajasthan - राजस्थान और हरियाणा के बीच नई रेलवे लाइन बिछाने का काम शुरू होने जा रहा है। इस रेल रूट की लंबाई करीब 215 किलोमीटर होगी और अनुमानित खर्च लगभग 2,200 करोड़ रुपये है। नई लाइन से दोनों राज्यों के जिलों को फायदा होगा... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-

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Rajasthan से हरियाणा तक बिछेगी नई रेलवे लाइन, 215 किलोमीटर का होगा रूट, 2200 करोड़ होंगे खर्च

HR Breaking News, Digital Desk- (Rajasthan) राजस्थान और हरियाणा के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा रेल प्रोजेक्ट अब तेजी पकड़ रहा है। लगभग 215 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन (new railway line) बिछाई जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 2,208 करोड़ रुपये है। नई लाइन से दोनों राज्यों के कई जिलों को लाभ मिलेगा और हरियाणा से खाटू श्यामजी व सालासर बालाजी (Khatu Shyamji and Salasar Balaji) आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी।

हरियाणा के रेवाड़ी से राजस्थान (Rewari to Rajasthan) के फुलेरा तक रेलखंड के दोहरीकरण का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में रेवाड़ी से नारनौल तक लगभग 51 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण किया जा रहा है, जिसका 80 प्रतिशत से ज्यादा काम अब तक पूरा हो चुका है। इस रेलखंड के दोहरीकरण के लिए कुल बजट 665.72 करोड़ रुपये रखा गया है।

दूसरे चरण में नारनौल से फुलेरा तक नई रेल लाइन बिछाई जाएगी-

दूसरे चरण में नारनौल से फुलेरा तक लगभग 164 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। पहले चरण के पूरा होने के बाद ही नारनौल-फुलेरा सेक्शन पर दोहरीकरण (Doubling of Narnaul-Phulera section) का काम शुरू होगा। इस रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 1,542.38 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

दिल्ली-जयपुर रूट पर ट्रेनों का भार कम होगा-

वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों की संख्या सीमित है और लंबी दूरी की ट्रेनें क्रॉसिंग के लिए रुकती हैं, जिससे यात्रा में समय बढ़ जाता है। रेवाड़ी-फुलेरा रेलखंड के दोहरीकरण (Doubling of Rewari-Phulera section) के बाद राजस्थान और गुजरात से दिल्ली आने वाली अधिकतर ट्रेनें इसी रूट से चल सकेंगी। इससे दिल्ली-जयपुर रूट (Delhi-Jaipur route) पर ट्रैफिक कम होगा और खाटू श्यामजी व सालासर बालाजी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे लाभ मिलेगा।

और मजबूत होगा रेल नेटवर्क-

अच्छी बात ये है कि रेवाड़ी-फुलेरा रूट (Rewari-Phulera route) लगभग 70 किमी छोटा है, जिससे दोहरीकरण के बाद यात्रा की दूरी कम हो जाएगी। इसके साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और व्यापार व परिवहन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना से रेल नेटवर्क और मजबूत होगा।