home page

Haryana के बाद हिमाचल में भी बसेगा नया शहर, नाम भी हुआ फाइनल, 3700 बीघा जमीन का होगा अधिग्रहण

Haryana - एक रिपोर्ट के मुताबि आपको बता दें कि हरियाणा के बाद हिमाचल प्रदेश में भी एक नया शहर विकसित किया जाएगा। यह चंडीगढ़ (chandigarh) से मात्र 20 मिनट की दूरी पर स्थित होगा। इस योजना के तहत 3,700 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसमें से 3,400 बीघा शहरी विकास विभाग के नाम कर दी गई है... इस रिपोर्ट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
 | 
Haryana के बाद हिमाचल में भी बसेगा नया शहर, नाम भी हुआ फाइनल, 3700 बीघा जमीन का होगा अधिग्रहण

HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana) राजधानी शिमला की सब्जी मंडी में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से और हमीरपुर के पुराने बस अड्डे (Hamirpur Old Bus Stand) पर 150 करोड़ रुपये की लागत से बिजनेस सेंटर विकसित किया जाएगा। बड़े शहरों की तर्ज पर लोगों को एक ही परिसर में सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

शिमला में शॉपिंग परिसर का जल्द शिलान्यास करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) ने केंद्र को कुल 707 करोड़ रुपये की योजनाएं भेजी हैं, जिन्हें जल्द स्वीकृति मिलने की संभावना है। वहीं, बद्दी के पास विश्व स्तरीय हिम-चंडीगढ़ (World Class Snow - Chandigarh) शहर बनाने के लिए जल्द ही कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा।

शिमला में सोमवार को सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम (Citizen Connect Program) के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए शहरी स्थानीय निकायों की संख्या 60 से बढ़ाकर 75 की जा रही है और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। राजस्व वृद्धि और कर संग्रहण में पारदर्शिता के लिए 36 शहरी निकायों में जीआईएस आधारित मैपिंग का कार्य (GIS based mapping work in urban bodies) चल रहा है। नागरिक सेवाओं को डिजिटल करने की प्रक्रिया में पहले चरण में नौ ऑनलाइन सेवाएं शुरू की गईं, जिनमें 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण किया है।

दूसरे चरण में नौ नई ऑनलाइन सेवाएं (new online services) जोड़ी गई हैं। 47.37 करोड़ रुपये की लागत से 15 क्लस्टर आधारित एकीकृत नागरिक सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां प्रमाणपत्र (certificate), लाइसेंस, शिकायत निवारण (Grievance redressal), सूचना प्रौद्योगिकी सहायता, लेखा और विधिक परामर्श जैसी सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

हैदराबाद (Hyderabad) स्थित आईआईसीटी-सीएसआईआर (IICT-CSIR) के सहयोग से बायोगैस संयंत्र भी स्थापित किए जाएंगे, जो कचरे से ऊर्जा और जैविक खाद का उत्पादन (production of organic fertilizer) करेंगे। शहरी स्थानीय निकायों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष (Tops national cleanliness rankings) 100 में स्थान हासिल करने वाले निकायों को पुरस्कृत किया जाएगा।

चार समझौता ज्ञापन पर किए गए हस्ताक्षर- 

- आवास और शहरी विकास निगम के साथ वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद का समझौता

- इंडियन इंस्टीट्यूट आफ केमिकल टेक्नोलाजी, हैदराबाद के साथ बायोगैस संयंत्र (biogas plant) स्थापना के लिए

- नार्वे की कंपनी के साथ कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कामन सर्विस सेंटर समझौता

- ई-गवर्नेस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (e-Governance Services India Limited) के साथ नगर सेवा वितरण पर समझौता

दुकानदारों को योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान-
राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना (Small Shopkeeper Welfare Scheme) के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने नादौन की सुनीता कुमारी, शिमला के लालपानी की गीता, कृष्णानगर के आकाश, सोलन के सुरेश कुमार और विपिन को योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान किए।

शिमला में बनाई जाएगी एक और सुरंग-
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला में पुलिस महानिदेशालय कार्यालय से आईजीएमसी (IGMC) तक एक और टनल बनेगी। इस टनल का सर्वे जल्द शुरू करवाने जा रहे हैं।

 20 मिनट की दूरी पर बनेगा हिम चंडीगढ़-
मुख्यमंत्री ने बताया कि 20,000 बीघा क्षेत्र में चंडीगढ़ के समीप एक नया बड़ा शहर विकसित (new city develop) किया जाएगा, जिसे हिम-चंडीगढ़ नाम दिया जाएगा। यह शहर चंडीगढ़ से केवल 20 मिनट की दूरी पर स्थित होगा। इसके लिए 3,700 बीघा जमीन अधिग्रहीत की जाएगी, जिसमें से 3,400 बीघा जमीन शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) के नाम कर दी गई है। यहां मौजूद वन भूमि का संरक्षण (land conservation) भी सुनिश्चित किया जाएगा।



हाइड्रोलिक कार पार्किंग-
मुख्यमंत्री ने शिमला में हाइड्रोलिक कार पार्किंग (hydraulic car parking in Shimla) का शुभारंभ किया। तीन मंजिला इस पार्किंग में 26 गाड़ियां खड़ी की जा सकेंगी और इसे 27 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) को निर्देश दिए हैं कि सभी नगर निगमों (municipal corporations) में हाइड्रोलिक कार पार्किंग के लिए सर्वे किया जाए और आगामी बजट में इसके लिए वित्तीय प्रावधान किया जाएगा।