DA Hike : महंगाई भत्ते पर लगेगा कर्मचारियों को झटका, मामूली बढ़ौतरी बढ़ाएगी तकलीफ
HR Breaking News : (DA Hike) 1.20 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नए वेतन आयोग पर लगातार अपडेट्स आ रहे हैं। इन्हीं अपडेट के बीच अब महंगाई भत्ते पर भी निराशाजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं। चलिए जानते हैं इस अपडेट के बारे में-
महंगाई भत्ता रहेगा कम
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2026 से नया महंगाई भत्ता लागू होगा। महंगाई भत्ते में संशोधन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। यही आंकड़े महंगाई भत्ते (DA Hike) में बढ़ोतरी में कमी का कारण बन रहे हैं। दरअसल दिसंबर तक के आंकड़ों में खेल हो गया है और महंगाई भत्ते में अपेक्षाकृत कम बढ़ौतरी की उम्मीद है।
कितनी हो सकती है बढ़ौतरी
अब कर्मचारियों के डीए में एक जनवरी 2026 से बढ़ोतरी होनी है। मौजूदा आर्थिक स्थितियों में डीए वृद्धि की दर तीन या चार फीसदी तक पहुंचने की बजाए दो या उससे कम रह सकती है। इसके पीछे अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) और महंगाई दर (DA Hike) के कम होने को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
61% की थी उम्मीद
केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उन कम महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से 61% हो जाएगा। जबकि केंद्र सरकार की ओर से मात्र दो प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA Hike) बढ़ाया जा सकता है। जिससे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो जाएगा। महंगाई भत्ता में एक प्रतिशत की कमी रह सकती है।
दीवाली पर बढ़ा था 3 प्रतिशत
कर्मचारियों के लिए जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते में संशोधन को लागू किया गया था, इसमें महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। 7वें वेतन आयोग के तहत यह महंगाई भत्ते (DA Hike) और महंगाई राहत दी गई थी। इसकी गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है।
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े
श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय की ओर से हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार किया जाता है। इसका संकलन देश परिव्याप्त 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों को आधार बनाकर किया जाता है।
केंद्रीय कर्मचारियों ने की फार्मूले के बदलने की मांग
महंगाई भत्ते में कैलकुलेशन (DA Hike Calculation) को फार्मूले के बदलने की मांग की जा रही है। केंद्रीय कर्मचारियों के नेताओं ने केंद्रीय बजट से पहले केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव के समक्ष यह फार्मूला बदलने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA Revision) में संशोधन का औसत हर 3 महीने के आधार पर किया जाना चाहिए। बता दें कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हर 3 महीने का फार्मूला ही लागू होता है। इसी की तरफ पर केंद्रीय कर्मचारियों की भी मांग है।
पॉइंट टू पॉइंट DA की मांग
केंद्रीय कर्मचारियों की ओर से दूसरी मांगी है कि उनको पॉइंट टू पॉइंट महंगाई भत्ता दिया जाए। उदाहरण के लिए हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों की महंगाई दर 55.99 जा रही थी जो की 55% मानी गई। इसलिए कर्मचारियों को 0.99 से वंचित रखा गया कर्मचारियों की मांग है कि उनके साथ ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।
यह भी उठाई है मांग
केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) की ओर से तीसरी मांग भी है। उनके लिए अलग से उपभोक्ता सूचकांक (consumer index) लागू किया जाए। फिलहाल लागू सूचकांक के अनुसार गणना की जाती है, उसमें 465 वस्तुएं हैं। इनमें से बहुत सारी वस्तुओं का इस्तेमाल केंद्रीय कर्मचारी नहीं करते हैं। जबकि उनकी कीमतें घटने और बढ़ाने का प्रभाव केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर भी पड़ रहा है। इसलिए कर्मचारियों के लिए अलग से उपभोक्ता सूचकांक का निर्माण किया जाने की मांग है। कर्मचारियों को कहना है कि उन्हें इस वजह से कम महंगाई भत्ता मिल रहा है इसलिए एक अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बनाया जाए।
