DA Hike Formula : क्या बदल जाएगा नए वेतन आयोग में महंगाई भत्ते का फॉर्मूला, जानें क्या होगा वेतन पर असर
DA Hike - नए आठवें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते (DA) के फॉर्मूले में बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी संगठन AIDEF ने नई गणना पद्धति की मांग की है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स को वास्तविक महंगाई के अनुसार भत्ता मिले। इससे सैलरी और कुल वेतन पर भी असर पड़ सकता है... आइए जान लेते है नीचे इस खबर में विस्तार से-
HR Breaking News, Digital Desk- (DA Hike Formula) महंगाई भत्ता (DA) तय करने के तरीके को लेकर अब आठवें वेतन आयोग से पहले ही बहस तेज हो गई है। रक्षा कर्मचारियों के संगठन ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉईज फेडरेशन (AIDEF) ने कहा है कि मौजूदा गणना पद्धति बदलनी चाहिए, क्योंकि इस तरह कर्मचारियों को वास्तविक महंगाई के अनुसार लाभ नहीं मिल पा रहा।
AIDEF ने आठवें वेतन आयोग की वेबसाइट (Website of 8th Pay Commission) पर जारी प्रश्नावली में अपनी 18 प्रमुख मांगें भेजी हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि DA की गणना का तरीका बदलना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को महंगाई के अनुसार सही भत्ता मिल सके।
अभी कैसे तय होता है डीए-
केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता फिलहाल AICPI-IW (All India Consumer Price Index for Industrial Workers) के आधार पर तय होता है।
यह इंडेक्स पिछले 12 महीनों के औसत आंकड़ों पर तैयार होता है। इसे श्रम ब्यूरो बनाता है और इसमें सब्जी, फल, कपड़े और अन्य जरूरी सामान की कीमतों को शामिल किया जाता है।
इसी इंडेक्स के आधार पर हर साल दो बार जनवरी और जुलाई में DA बढ़ाया जाता है।
वर्तमान सिस्टम पर आपत्ति क्यों-
AIDEF का कहना है कि मौजूदा AICPI इंडेक्स वास्तविक महंगाई को नहीं दिखाता। उनका तर्क है कि CPI टोकरी में कई वस्तुओं की कीमतें राशन या सब्सिडी वाली दरों पर ली जाती हैं, जबकि कर्मचारी (employees update) और पेंशनर असल में इन्हें खुले बाजार के रिटेल दामों पर खरीदते हैं, जो बहुत अधिक होते हैं।
ऐसे में मौजूदा फार्मूले से तय DA वास्तविक महंगाई की तुलना में कम रह जाता है।
यूनियन क्या बदलाव चाहती है-
AIDEF ने कहा है कि आठवें वेतन आयोग (8th pay commission news) में DA की गणना नए इंडेक्स के आधार पर की जानी चाहिए। यह इंडेक्स या तो खुले बाजार की वास्तविक खुदरा कीमतों पर आधारित हो या सरकारी सहकारी उपभोक्ता स्टोर्स के दामों को आधार बनाया जाए।
इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाला महंगाई भत्ता ज्यादा वास्तविक होगा।
आयोग से जुड़ी अन्य बड़ी मांगें क्या-
- अग्निवीर जैसी फिक्स्ड टर्म भर्ती खत्म हो और उन्हें नियमित सेवा दी जाए।
- मिलिट्री सर्विस पे (MSP) की जगह डायनेमिक रिस्क एंड रेडीनेस प्रीमियम दिया जाए।
- सशस्त्र बलों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) जारी रहे।
- कर्मचारियों का सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए।
- सबसे ज्यादा और सबसे कम वेतन का अनुपात 1:10 से ज्यादा न हो।
- सेवा के 30 साल में कम से कम 5 गारंटीड प्रमोशन दिए जाएं।
क्यों जरूरी है यह मांग-
कर्मचारी संगठनों (Employee Union) का कहना है कि अगर DA का फार्मूला बदला गया, तो आठवें वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों पर बड़ा असर पड़ सकता है। सही तरीके से तय DA महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों और पेंशनर्स की वास्तविक आय (Actual income of pensioners) बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
