DA Hike : जनवरी 2026 के महंगाई भत्ते में कितनी होगी बढ़ोतरी, जानें पूरा कैलकुलेशन
DA Hike : नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर महंगाई भत्ते पर टिकी हुई है। जनवरी में मिलने वाली डीए किस्त से सैलरी और पेंशन दोनों में इजाफा होगा। AICPI-IW के हालिया आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार इतने प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव हैं... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (DA Calculation) नए साल की शुरुआत के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर अहम अपडेट सामने आया है, जिसका सीधा असर सैलरी, पेंशन (Pension) और आने वाले आठवें वेतन आयोग पर पड़ेगा।
फिलहाल डीए 58% पर बना हुआ है और अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अगली किस्त में इसमें 2% या 3% की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में कर्मचारियों के मन में सवाल है कि इससे सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका आठवें वेतन आयोग पर क्या असर पड़ेगा। आइए, आसान भाषा में समझते हैं।
जानें क्या कह रहे नवंबर के आंकड़े-
सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के डीआर (pensioners DR) में संशोधन करती है। अंतिम फैसला दिसंबर के महंगाई आंकड़े आने के बाद लिया जाएगा, लेकिन नवंबर के AICPI-IW डेटा से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।
इस बार कितना बढ़ेगा महंगाई भत्ता-
पिछले साल जनवरी में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 55 प्रतिशत किया गया था, जबकि इसके बाद इसमें 3 प्रतिशत की और बढ़ोतरी की गई थी, जिससे वर्तमान दर 58 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसी ट्रेंड को देखते हुए कर्मचारी (employees update) अंदाजा लगा रहे हैं कि इस बार बढ़ोतरी कितनी हो सकती है।
कैसे कैलकुलेट होता है महंगाई भत्ता? (DA calculation 2026)-
DA निकालने का फॉर्मूला यह है-
- DA (%) = [{AICPI-IW का 12 महीने का औसत (आधार वर्ष 2001)- 261.42} ÷ 261.42] × 100
लेकिन अभी CPI-IW का बेस ईयर 2016 है। इसलिए पहले इसे 2001 बेस में बदला जाता है। इसके लिए 2.88 का 'लिंकिंग फैक्टर' इस्तेमाल होता है। यह फैक्टर लेबर ब्यूरो (Labour Bureau) के डेटा से निकाला गया है। अगस्त 2020 में 2001 बेस पर CPI-IW 338 था, जबकि 2016 बेस पर 117.4 था। 338 को 117.4 से भाग देने पर 2.87 मिलता है, जिसे कन्वर्जन के लिए लिया जाता है।
कैलकुलेशन को उदाहरण से समझें-
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹50000 है। वर्तमान में (जनवरी 2026 से पहले) डीए 58% है।
डीए राशि = (58 ×50000) ÷ 100 = ₹29000
कुल सैलरी में यह अतिरिक्त मिलता है।
अब जनवरी 2026 से डीए 60% हो जाता है (ताजा अनुमान के अनुसार 2% बढ़ोतरी)।
नया डीए = (60 ×50000) ÷ 100 = ₹30000
बढ़ोतरी = ₹30000 - ₹29000 = ₹1000 प्रति महीना ज्यादा।
यानी महंगाई भत्ता बढ़ने से सैलरी (Salary due to increase in dearness allowance) में सीधा फायदा होता है। पेंशनर्स को भी यही प्रतिशत पर डियरनेस रिलीफ (DR) मिलता है।
क्या कनेक्शन आठवें वेतन आयोग से-
आठवें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए करीब 18 महीने का वक्त दिया गया है। इस दौरान डीए/डीआर में हर छह महीने पर संशोधन जारी रहेगा-जनवरी 2026, जुलाई 2026, जनवरी 2027 और जुलाई 2027 में। अगर इन चार चरणों में कुल बढ़ोतरी 8% के बजाय 10% तक पहुंचती है, तो फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) ज्यादा रखने की गुंजाइश बन सकती है।
इसका सीधा अर्थ है- नई सैलरी, पेंशन और एरियर (arrear) तीनों में ज्यादा फायदा। इसलिए DA की हर 1% बढ़ोतरी अब सिर्फ मौजूदा राहत नहीं, बल्कि आने वाले वेतन आयोग का मजबूत आधार भी बन सकती है।
