DA Update : महंगाई भत्ते को लेकर बड़ा अपडेट, 1 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए प्रमुख
DA Update : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है। जनवरी-जून 2026 की अवधि के लिए DA बढ़ोतरी का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। होली के बाद भी घोषणा न होने से चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है कि महंगाई भत्ते पर क्या अपडेट हैं-
HR Breaking News, Digital Desk- (DA Hike) केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (pensioners) को इस समय सबसे ज्यादा इंतजार जनवरी-जून 2026 के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ोतरी की घोषणा का है। आमतौर पर भारत सरकार साल में दो बार डीए बढ़ाती है-एक बार होली के आसपास और दूसरी बार दिवाली से पहले।
लेकिन इस बार होली गुजर जाने के बाद भी अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। इसी वजह से कर्मचारियों के बीच उत्सुकता और चर्चाएं तेज हो गई हैं कि आखिर डीए बढ़ोतरी (DA Hike News) का फैसला कब आएगा।
वर्तमान में कितना है डीए-
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा है। हालिया महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी 2026 से DA में करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा होने पर महंगाई भत्ता बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यह अनुमान जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक के 12 महीने के औसत AICPI-IW (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स–इंडस्ट्रियल वर्कर्स) के आधार पर लगाया गया है, जो करीब 145.54 रहा है। इस हिसाब से DA लगभग 60.33 प्रतिशत बनता है, जिसे आमतौर पर 60 प्रतिशत पर राउंड ऑफ किया जाता है।
कैसे तय होता है डीए-
महंगाई भत्ता तय (dearness allowance fixed) करने के लिए भारत सरकार हर महीने जारी होने वाले AICPI-IW इंडेक्स का उपयोग करती है। यह इंडेक्स उन जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को दिखाता है, जिनका इस्तेमाल औद्योगिक कर्मचारी (industrial workers) करते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार हर छह महीने में DA में बदलाव करती है, ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों की आय पर कम पड़े।
महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की खबर-
इसी बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या सरकार मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज (Merged in basic salary) करेगी। कई कर्मचारी संगठनों की मांग (demands of employee organizations) है कि DA जब 50 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, तो उसे बेसिक वेतन में जोड़ दिया जाना चाहिए। हालांकि, भारत सरकार का रुख फिलहाल साफ है। दिसंबर 2025 में संसद में दिए गए लिखित जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया था कि DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है।
कर्मचारी संगठनों का तर्क-
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाए, तो कर्मचारियों को कई तरह के फायदे मिलेंगे। इससे बेसिक वेतन बढ़ेगा और उसके साथ ही HRA, TA समेत अन्य भत्तों में भी अपने आप बढ़ोतरी हो जाएगी। इसके अलावा पेंशन की गणना में भी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसी वजह से कई यूनियन आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest update) के लागू होने तक इसे अंतरिम राहत के तौर पर लागू करने की मांग कर रही हैं।
दरअसल, सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और अब 8वां वेतन आयोग अपना काम शुरू कर चुका है। हालांकि, इसकी सिफारिशें लागू होने में अभी समय लग सकता है। आम तौर पर किसी वेतन आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में करीब 18 महीने लगते हैं और इसके बाद समीक्षा, कैबिनेट मंजूरी व लागू करने की प्रक्रिया में लगभग 6 महीने और लग जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग (8th pay commission news) की सिफारिशें 2027 के अंत से पहले लागू होना मुश्किल है। फिलहाल कर्मचारियों की नजर सरकार की अगली DA बढ़ोतरी की घोषणा पर टिकी हुई है।
