Delhi Dehradun Highway: इस दिन शुरू हो जाएगा नया हाईवे, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे लोकार्पण
Delhi Dehradun Highway: दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। अप्रैल के पहले सप्ताह में इस आधुनिक हाईवे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन के बाद दिल्ली से उत्तराखंड की यात्रा न सिर्फ तेज होगी, बल्कि यह हाईवे सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी मिसाल बनेगा-
HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi Dehradun Highway) दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है, हालांकि अभी तारीख तय नहीं हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने सोमवार को जिले में 74 किमी लंबे हाईवे के विभिन्न हिस्सों पर सुरक्षा मानकों की जांच की। इस हाईवे पर 12 किमी लंबा एशिया (asia) का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है।
जिले में ग्रीनफील्ड हाईवे (greenfield highway) के बड़गांव इंटरचेंज सहित कई स्थानों पर बागपत में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से हाईवे से जुड़ी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा बिहारीगढ़ के नजदीक गणेशपुर में हाईवे का उद्घाटन किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश (UP) और उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की बैठक में उद्घाटन से जुड़ी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
जिले में ग्रीनफील्ड हाईवे की कुल लंबाई 74 किलोमीटर-
यह ग्रीनफील्ड हाईवे शामली के गांव ख्यावड़ी (Khayawadi village of Shamli) से करीब दो किलोमीटर आगे सहारनपुर जिले की सीमा में प्रवेश करता है। बागपत डिवीजन के अंतर्गत बड़गांव क्षेत्र में लाखनौर के गोल चक्कर तक इसकी लंबाई 33 किलोमीटर है। इसके आगे के 41 किलोमीटर हिस्से पर पिछले दो महीनों से वाहनों का आवागमन शुरू हो चुका है।
जिले में हाईवे की लंबाई 74 किमी है। हाईवे पर बड़गांव इंटरचेज (Bargaon Interchange) के अलावा डाटकाली मंदिर के पास 26 करोड़ की लागत से 1.3 किमी लंबा वायाडक्ट (ऊंचा पुल) भी बनकर तैयार है। यह वायाडक्ट उत्तराखंड (uttrakhand) में प्रवेश करने वाली सुरंग से पहले बनाया गया है।
डाट काली मंदिर उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा पर स्थित प्रमुख मंदिर माना जाता है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए यहां ऊंचे पुल का निर्माण करने का निर्णय लिया गया था।
इसके अलावा इस हाईवे पर 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (Wildlife Corridor) भी तैयार किया गया है। मानसून के दौरान देहरादून क्षेत्र में बरसाती नदियों में आने वाली तेज बाढ़ को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड रोड के 575 पिलरों में से तेज धाराओं के संपर्क में आने वाले करीब 24 पिलरों की मोटाई डेढ़ से दो फीट तक बढ़ाकर उन्हें अतिरिक्त मजबूती दी गई है।
पूरी तरह तैयार है एलिवेटेड सेक्शन-
हाईवे पर डाटकाली मंदिर से गणेशपुर (Datkali Temple to Ganeshpur) तक 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन पूरी तरह तैयार हो चुका है। यह हिस्सा पहाड़ी बरसाती नदी के ऊपर बनाया गया है और 28 दिसंबर से यहां वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। यह एशिया का सबसे लंबा इको-कॉरिडोर माना जा रहा है, जो राजाजी नेशनल पार्क की रमणीय वादियों से होकर गुजरता है।
इसके अलावा इस हाईवे पर छह एनिमल अंडरपास, दो हाथी अंडरपास, 113 अंडरपास, 76 किमी सर्विस रोड, 62 बस शेल्टर, 16 एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और पांच रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं। साथ ही डाट काली मंदिर के पास 1,995 करोड़ रुपये की लागत से 340 मीटर लंबी तीन लेन की सुरंग भी शामिल है, जिसकी चौड़ाई 11 मीटर और ऊंचाई 7 मीटर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने 22 फरवरी को अपनी टीम के साथ हाईवे का निरीक्षण किया था।
