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Delhi Metro : हर मेट्रो लाइन का क्लर है अलग, 99 प्रतिशत लोगों को नहीं पता इसके पीछे का कारण

Delhi Metro : हर रोज हजारों यात्री मेट्रो में सफर करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दिल्ली मेट्रो में अलग-अलग रंग की अलग-अलग लाइनें हैं। ऐसे में 99 प्रतिशत लोगों को यह जानकारी नहीं होती है कि आखिर दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro  Updates) पर ये सभी लाइनें अलग-अलग रंगों पर क्यों होती है और इसके पीछे क्या कारण है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार  से-
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Delhi Metro : हर मेट्रो लाइन का क्लर है अलग, 99 प्रतिशत लोगों को नहीं पता इसके पीछे का कारण

HR Breaking News (Delhi Metro) देश की राजधानी दिल्ली को मेट्रो शहर भी कहा जाता है। आपने भी कभी न कभी दिल्ली मेट्रो में जरूर सफर किया होगा। आपने भी देखा होगा कि दिल्ली मेट्रो लाइन के क्लर अलग-अलग होते हैं, लेकिन क्या आपके मन में यह सवाल आया है कि आखिर दिल्ली मेट्रो में हर रूट  (Every route in Delhi Metro) को एक खास रंग क्या दिया है और इसके पीछे का क्या कारण है।

 

दिल्ली मेट्रो के हर रूट को मिला है खास रंग


बता दें कि दिल्ली मेट्रो के हर रूट (Every route of Delhi Metro)  को एक खास रंग सफर को आसान बनाने के लिए दिया गया है। सफर के दौरान लोग अक्सर ब्लू लाइन कहां से मिलेगी, येलो लाइन के लिए कहां जाना है या यह स्टेशन किस लाइन पर पड़ता है। सब पुछके आसानी से मेट्रो तक पहुंचते हैं, लेकिन फिर भी आज भी लोग यह नहीं जानते हैं कि आखिर दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनें (All lines of Delhi Metro)  अलग-अलग रंगों में किस कारण से बंटी है  और इसके पीछे क्या कारण है।

 

दिल्ली मेट्रो में मौजुद है इतनी लाइनें


सबसे पहले तो आप यह जान लें कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क (Delhi Metro Network) में कुल 9 रंगों की लाइनें हैं, भले ही 9 रंगो की लाइनें हैं, लेकिन अक्सर लोगों को इन रंगो की जानकारी नहीं होती है। इन लाइनों में से ब्लू, येलो, पिंक और रेड लाइन का सबसे अधिक यूज होता है। इस वजह से ये लाइनें  सभी को याद रहती हैं। इनके साथ ही दिल्ली मेट्रो का ग्रीन, वायलेट, मैजेंटा, ग्रे और ऑरेंज लाइन भी हिस्सा है।

 

जानिए क्या है रंगों के पीछे का असली कारण 


बता दें कि यात्रियों को सुविधा देने के लिए दिल्ली मेट्रो की लाइनों को रंगों (Delhi Metro lines painted in colours) में बांटा गया है। मेट्रो में इन रंगों की मदद से यात्रियों को सही रूट का पता चलता है और सही मेट्रो ट्रेन पकड़ने और अपने नियत स्थान तक पहुंचने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इंटरचेंज स्टेशनों पर अलग-अलग रंगों के फुटमार्क्स को भी बनाया गया हैं। इन फुटमार्क्स को फॉलो कर यात्री आसानी से एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकते हैं।