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Delhi NCR की जमीन बनेगी सोना, इस रूट पर 63 हजार करोड़ से बनेगा नमो भारत कॉरिडोर

Delhi NCR New Namo Bharat Corridor : सरकार अब दिल्ली व एनसीआर में रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। सरकार कई रेलवे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसी कड़ी में अब दिल्ली-एनसीआर में एक और नया नमो भारत कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। इससे दिल्ली वालों का सफर आसान होगा। इसके साथ ही राजधानी में ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इस कॉरिडोर को बनाने के लिए 63 हजार करोड़ रुपये मंजूर किये गए हैं। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं -

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Delhi NCR की जमीन बनेगी सोना, इस रूट पर 63 हजार करोड़ से बनेगा नमो भारत कॉरिडोर

HR Breaking News (Namo Bharat Corridor)। दिल्ली व एनसीआर में बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार काम कर रही है। पहले ही दिल्ली व एनसीआर में कई नए एक्सप्रेसवे बनाए जा चुके हैं। अब दिल्ली में नए नमो भारत कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), जिसे नमो भारत कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है,

अब एनसीआर में सफर आसान होने वाला है। एक नमो भारत कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor) शुरू हो चुका है जिसे 30,000 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इस कॉरिडोर ने दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा का समय कम करके 1 घंटे से भी कम कर दिया है। यह नमो भारत प्रोजेक्ट न सिर्फ़ शहरी ट्रांसपोर्टेशन को नया रूप दे रहा है, बल्कि NCR में आर्थिक विकास को भी गति दी है।

कॉरिडोर का 82KM से 52KM हिस्सा हुआ चालू -

इस 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का 55 किलोमीटर का हिस्सा, न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक, पहले ही चालू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, सराय काले खां से मेरठ (मोदीपुरम) तक का पूरा रूट 2026 की शुरुआत में यात्रियों के लिए खोला जाएगा। इसके बाद, राजधानी से मेरठ तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके अलावा यात्रियों को आधुनिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी।

रियल एस्टेट और रोजगार पर दिखेगा असर -

नमो भारत कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor Update) बनने से केवल यात्रा ही आसान नहीं होगी। इसका असर रियल एस्टेट (Real Estate) बाजार और रोजगार पर भी दिखेगा। एक रिपोर्ट 'रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम टेस्टिंग द कम्यूटर्स पल्स' के अनुसार, 66% लोग नमो भारत कॉरिडोर के आसपास निवेश करने की इच्छा रखते हैं, जबकि 80% यात्रियों का मानना ​​है कि इससे रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होंगे।

सर्वे में हुआ खुलासा -

हाल ही में हुए सर्वे की रिपोर्ट सामने आ गई है। जिसमें यात्रियों ने बताया कि नमो भारत कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor) के शुरू होने से समय की बचत हुई है, सुरक्षा और नियमित संचालन के कारण नमो भारत सेवा में उनका भरोसा लगातार बढ़ा है। इसी वजह से कॉरिडोर से जुड़े इलाकों में आवासीय और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में तेजी देखी जा रही है। अनुमान है कि एक और नमो भारत कॉरिडोर के बनने से भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमतों (property prices) में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है।

नमो भारत का दूसरा चरण यहां किया जाएगा विकसित -

बता दें कि नमो भारत (Delhi Namo Bharat) के दूसरे चरण में दिल्ली-सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस नमो भारत कॉरिडोर की लंबाई 136 किलोमीर है। इसे रूट को लगभग 33,000 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। इसके बनने से हरियाणा के टियर-2 शहरों को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद, सोनीपत और दिल्ली के बीच की दूरी केवल 1 घंटे में पूरी की जा सकेगी।

नया कॉरिडोर बनने हरियाणा के इन जिलों को मिलेगा लाभ -

सोनीपत और कुंडली इलाकों में पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) ने दिल्ली एयरपोर्ट को अलीपुर और सोनीपत से जोड़ दिया है। KMP एक्सप्रेसवे ने पूरे NCR में यात्रा को भी आसान बना दिया है. इसके अलावा, समयपुर बादली से नाथूपुर तक दिल्ली मेट्रो येलो लाइन के प्रस्तावित विस्तार से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

जमीन हो जाएगी सोना -

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2020 और 2025 के बीच कुंडली इलाके में जमीन की कीमतों में करीब 190 प्रतिशत का उछाल आया है। एक्सपर्ट का कहना है कि RRTS कॉरिडोर NCR को एक मजबूत और भरोसेमंद ग्रोथ कॉरिडोर में बदल रहा है। लगातार जमीन के रेट (Delhi land rates) में हो रही बढ़ौतरी के चलते अब यहां प्रॉपर्टी सोना हो गई है।

दोनों कॉरिडोर पर आएगा इतना खर्चा -

नमो भारत कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor) ने NCR की छवि को पूरी तरह से बदल दिया है। इस कॉरिडोर को बनाने में लगभग 63 करोड़ का खर्चा आएगा, और इसके पूरा होने पर जमीन की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।