Haryana में एक बार फिर आया भूकंप, दिल्ली से यूपी तक कांपी धरती
Haryana : हरियाणा में एक बार फिर भूकंप से धरती कांपी है। हरियाणा में भूकंप के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए हैं। हरियाणा में आए भूकंप के झटका दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक महसूस किए गए हैं। प्रदेश में लगातार भूकंप आने का सिलसिला जारी है।
HR Breaking News (Haryana me bhukamp) हरियाणा में मकर संक्रांति को एक बार फिर से भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। प्रदेश में 3.4 के मेग्नीट्यूड का भूकंप आया है। भूकंप का केंद्र धरती के 5 किलोमीटर नीचे रहा है। प्रदेश में पिछले काफी दिनों से लगातार भूकंप की गतिविधियां जारी है।
जोन चार में आया भूकंप
हरियाणा में भूकंप को जोन वाइज देखें तो जोन चार में भूकंप आया है। भूकंप के जोन बनाए गए हैं। इन मैप के द्वारा पता चलता है कि किस एरिया में भूकंप (Bhookamp) की कितनी ज्यादा संभावना है। हरियाणा का कुछ हिस्सा जोन दो में आता है तो लगभग आधा हिस्सा जोन तीन और लगभग इतना ही हिस्सा जॉन 4 में आता है। भूकंप के कुल 4 जॉन होते हैं, जिनको दो से लेकर 5 तक की संख्या दी गई है।
कितनी रही तीव्रता, कहां पर आया भूकंप
हरियाणा में भूकंप सोनीपत (Sonipat News) जिले में आया है, जहां पर 3.4 की तीव्रता रही है। भूकंप को लगभग आधे हरियाणा में महसूस किया गया है। इसके अलावा भूकंप की इंटेंसिटी दिल्ली, उत्तर प्रदेश तक भी रही है। फरीदाबाद तक भी हल्का सा असर भूकंप का देखने को मिला है। भूकंप की ज्यादा इंटेंसिटी ना होने के कारण कोई नुकसान की सूचना नहीं है।
पहले भी आते रहे हैं भूकंप
हरियाणा में इससे पहले भी भूकंप की गतिविधियां (Seismic activity) लगातार दर्ज की गई हैं। इससे पहले हरियाणा के रोहतक में 3.3 के मेग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज किया गया था, जोकि पिछले साल 21 दिसंबर को दिन में 12:13 मिनट पर आया था। इस भूकंप की गहराई धरती से 5 किलोमीटर नीचे रही थी। इसी प्रकार हरियाणा के सोनीपत में 1 दिसंबर 2025 को रात को 9:22 पर 3.2 के मेग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसकी गहराई भी 5 किलोमीटर नीचे रही थी।
नवंबर में हरियाणा में कोई भूकंप नहीं आया। इससे पहले 10 अगस्त को झज्जर (bhukamp in gurgaon today) में 3.1 की तीव्रता का दिन में 4:10 मिनट पर भूकंप आया था, उससे पहले 22 जुलाई को फरीदाबाद में 3.2 के मेग्नीट्यूड का भूकंप सुबह 6:00 बजे दर्ज किया गया। फिर इससे पहले 17 जुलाई को झज्जर में 2.5 के मेग्नीट्यूड का भूकंप दिन में 12:34 पर दर्ज किया गया।
इसी प्रकार 11 जुलाई को भी झज्जर में 3.7 के मेग्नीट्यूड का भूकंप आया जोकि 7.49 बजे आया था। फिर इससे पहले 10 जुलाई को झज्जर में ही 4.4 की तीव्रता का भूकंप सुबह 9:04 पर आया था। इससे पहले फिर 28 जून को महेंद्रगढ़ में 2.8 की तीव्रता का भूकंप शाम के समय दर्ज किया गया और 23 जून को रेवाड़ी में 2.5 की तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। पिछले साल की बात करें तो 26 दिसंबर 2024 को सोनीपत में 2.6 के और 25 दिसंबर 2024 को सोनीपत में 3.5 की तीव्रता का भूकंप आया था।
क्यों आता है भूकंप
भूकंप आने के पीछे वैज्ञानिक कारण होते हैं। भू वैज्ञानिक डॉक्टर जेएल गौतम के अनुसार हरियाणा में मकर संक्रांति के दिन भूकंप की गतिविधि दर्ज की गई है। इससे पहले कल उत्तराखंड में भी 3.5 की तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का प्रमुख कारण टेक्टोनिक प्लेट होती हैं। धरती के नीचे एक तरल पर टेक्टोनिक प्लेट तैरती रहती हैं, जिन पर भूमि टिकी हुई है। जब भी यह प्लेट टकराती हैं तो भूकंप के झटके महसूस होते हैं। भूकंप को पहले से प्रिडिक्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए भूकंप से बचाव के लिए लोगों को भूकंपरोधी तकनीक से अपने मकान बनाने चाहिए। अगर भूकंप आ जाता है तो अफरा तफरी मचाने की बजाय किसी खुले स्थान में पहुंचना चाहिए।
