Electricity rates : हिसार, फरीदाबाद समेत हरियाणा के इन जिलों में बढ़ सकते बिजली के रेट
Electricity rates in Haryana : लगातार बढ़ रही महंगाई का प्रभाव बिजली की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। अब हिसार, फरीदाबाद समेत हरियाणा के जिलों में बिजली का रेट (Electricity rates In Haryana) बढ़ सकता है। इसका आम लोगों पर प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट के बारे में-
HR Breaking News (Electricity rates) हरियाणा के लोगों के लिए बिजली को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बता दें कि अब हिसार, फरीदाबाद समेत राज्य भर में बिजली के रेट बढ़ सकते हैं। इसकी वजह से घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं (Electricity rates Hike effect) पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। बिजली की कीमत अभी बढ़ी नहीं है। हो सकता है कि बिजली की कीमत बढ़ जाए। इसकी अभी संभावनाएं हैं। खबर के माध्यम से जानिये बिजली की कीमतों के बारे में पूरी जानकारी।
एचईआरसी ने ली जानकारी
एचईआरसी ने आने वाले वित्त वर्ष के लिए बिजली दरें तय करने से पहले राज्य की बिजली कंपनियों (Power companies in India) से व्यापक वित्तीय, तकनीकी और परिचालन संबंधी अतिरिक्त जानकारी की मांग की है। आयोग ने रविवार को बताया है कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN latest Update) और हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन की टैरिफ याचिकाओं पर सार्वजनिक सुनवाई को पूरा कर लिया है। हालांकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, पारदर्शिता और विवेकपूर्ण निर्णय सुनिश्चित करने के लिए तथ्यों की आगे भी जांच करनी जरूरी है।
डिप्रिसिएशन बढ़ने की वजह हुई स्पष्ट
एचवीपीएन की सुनवाई होने के बाद आयोग ने प्रसारण कंपनियों को इसकी स्थापना काल से लिए गए विश्व बैंक ऋणों का ब्यौरा देने का निर्देश को जारी कर दिया है। इसमें ब्याज दरें, विदेशी मुद्रा (Electricity rates Hike reason) उतार-चढ़ाव और प्रभावी उधारी लागत को शामिल किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में डिप्रिसिएशन बढ़ाने की वजह को स्पष्ट कर दिया है।
कैपिटल रिजर्व में डालने का प्रस्ताव जारी
प्रस्ताव में जिन परियोजनाओं पर फिलहाल खर्च किया जा रहा है वे अभी तक पूरी नहीं की गई है। उनकी वर्तमान स्थिति (Haryana Electricity rates) को बताया जा रहा है। कौन-कौन सी परियोजनाएं कब तक पूरी होकर बैलेंस शीट में स्थायी संपत्ति के रूप में दर्ज होने वाली है। जो बची हुई आय फिलहाल इक्विटी में दिखाई जा रही है, उसे "कैपिटल रिजर्व" में डालने का प्रस्ताव है। महंगे या अधिक ब्याज वाले कर्ज को सस्ते या बेहतर शर्तों वाले कर्ज (Haryana Electricity rates Hike) से बदलने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
स्पष्टीकरण और विकल्प की मांग
ये एक वित्तीय समीक्षा या निर्देश रहेंगे। इसमें भविष्य की लागत, संपत्ति निर्माण, लेखांकन व्यवस्था और कर्ज प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और कुशल को बनाने के लिए स्पष्टीकरण और विकल्प (Haryana Electricity rates) की मांग की है। एचपीजीसीएल के मामले में आयोग ने वित्त साल 2024-25 के लिए नियमित और संविदा कर्मचारियों की संख्या तथा लागत का विस्तृत ब्योरा की मांग की है। इसके अलावा कोयला सैंपलिंग एजेंसियों के विश्लेषण, पिछले तीन सालों में कोयले की गुणवत्ता संबंधी दावों, (Haryana Electricity rates Hike) उत्पादन आंकड़ों की जानकारी तलब की गई है।
