Delhi-NCR से सीधा नेपाल बॉर्डर तक बनेगा एक्सप्रेसवे, यह होगा रूट
HR Breaking News, Digital Desk- (NHAI Expressway Project) उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। राज्य में एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, 5G डिजिटल कनेक्टिविटी, एआई सिटी (AI City) और स्मार्ट सिटी (smart city) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जो विकास को नई रफ्तार दे रहे हैं। इन्हीं में से एक एक्सप्रेसवे को यूपी के आर्थिक भविष्य की रीढ़ माना जा रहा है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे -
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे की तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। इसी क्रम में करीब 750 किलोमीटर लंबा शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे (Shamli Gorakhpur Expressway) राज्य के आर्थिक भविष्य की रीढ़ माना जा रहा है। लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाई-स्पीड कॉरिडोर (High-speed corridor) एनसीआर से लेकर नेपाल सीमा के पास के इलाकों तक सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
एक्सेस कंट्रोल्ड होगा शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे-
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे एक नया ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट (Shamli-Gorakhpur Expressway a new greenfield project) होगा, जिसे पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर (access-controlled corridor) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि इस पर स्थानीय ट्रैफिक (local traffic) और अनावश्यक कट नहीं होंगे, जिससे वाहनों की रफ्तार बनी रहेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित व तेज़ होगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्शन-
इस परियोजना की एक बड़ी खासियत यह है कि इसे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) से जोड़ा जाएगा। इसके बाद दिल्ली से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों तक का सफर और भी आसान, तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगा।
एनसीआर से नेपाल सीमा तक बनेगा सीधा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर-
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी के शामली से शुरू होकर पूर्वी यूपी के गोरखपुर तक जाएगा। इससे NCR और नेपाल सीमा के पास के इलाकों के बीच संपर्क बनेगा. जो व्यापार और आवागमन दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार (international trade) को बढ़ावा मिलेगा।
कितने जिलों को होगा फायदा-
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे यूपी के 22 जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें बस्ती और कबीरनगर जैसे महत्वपूर्ण जनपद शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में आने वाले समय में उद्योग और निवेश के अवसर बढ़ने की संभावना है।
DPR आखिरी चरण में-
योजना के अनुसार यह एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और यूपी के विकास मॉडल को नई दिशा प्रदान करेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस समय इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को आखिरी रूप दे रही है।
